हैदराबाद राज्य (तेलुगु: హైదరాబాదు, उर्दू: حیدر آباد) जो हैदराबाद दक्कन के रूप में भी जाना जाता था ब्रिटिश काल की सबसे बड़ी नवाबी/राजशाही रियासत थी।[1] यह भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिण-पश्चिमी ओर स्थित थी। इस रियासत मे वर्तमान राज्य, उत्तरी कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र का मराठवाड़ा विभाग थे।[2] इस पर १७२४ से १९४८ तक निज़ाम के आसफ़ जाही राजवंश का शासन रहा।[3] रियासत का बरार क्षेत्र को ब्रिटिश भारत में १९०३ में विलय कर दिया गया था। हैदराबाद के आखरी निज़ाम मीर उस्मान अली खान थे जिनकी मृत्यु १९६७ में हुई।

हैदराबाद स्टेट
حیدر آباد
रजवाड़ा

१७२४–१९४८
ध्वज कुलांक
राजधानी हैदराबाद
भाषाएँ हैदराबादी उर्दु, तेलुगु, कुछ उर्दु,मराठी, कन्नड़ फारसी दफ्तर मे।
शासन Principality
निज़ाम
 -  १७२०-४८ (प्रथम) आसफ़ जाह प्रथम निज़ाम-उल-मुल्क मीर क़मर-उद-दीन ख़ान सिद्दिक़ी
 -  १९११-१९४८(अंतिम) आसफ़ जाह सप्तम मीर उस्मान अली ख़ान
इतिहास
 -  स्थापित १७२४
 -  ऑपरेशन पोलो के तहत भारतीय संघ में मिलाया गया १८ सितंबर १९४८
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हैदराबाद एवं बरार, १९०३

इन्हें भी देखें

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  1. "कैसे बना हैदराबाद भारत का हिस्सा!". मूल से 17 दिसंबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 25 जनवरी 2018.
  2. "हैदराबाद : निज़ाम की इच्छा के बावजूद यह रियासत पाकिस्तान में क्यों नहीं जा पाई".
  3. "Accession of Hyderabad: When a battle by cables forced the Nizam's hand".
 
हैदराबाद चारमीनार का मुख्य सड़क

बाहरी कड़ियाँ

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