अपहरण (2005 फ़िल्म)

हिन्दी भाषा में प्रदर्शित चलवित्र

अपहरण वर्ष 2005 में बनी अपराध-ड्रामा पर आधारित निर्देशक प्रकाश झा की हिन्दी भाषा की फिल्म है। फिल्म की मुख्य भुमिकाओं में अजय देवगन, नाना पाटेकर तथा बिपाशा बसु आदि ने अभिनय किया है। फिल्म का मुख्य विषय आदर्शवादी पिता और महत्वाकांक्षी पुत्र के मध्य उन विरोधाभासी टकराव पर केंद्रीत है जिनके पृष्ठभूमि पर बिहार जैसे उत्तरी भारत के प्रांतों में अपहरण का राजनीतिकरण के चलते अपराधिक गतिविधियों के लिए उद्योग का रूप ले रहा है। सामाजिक संवेदनशील मुद्दे पर बनी फिल्म 'अपहरण' भारतीय बाॅक्स-ऑफिस में औसत प्रदर्शन करती है।

अपहरण
चित्र:अपहरण.jpg
अपहरण का पोस्टर
अभिनेता अजय देवगन,
बिपाशा बसु,
नाना पाटेकर,
अयूब ख़ान,
मुकेश तिवारी
प्रदर्शन तिथि(याँ) 2 दिसंबर, 2005
देश भारत
भाषा हिन्दी

संक्षेपसंपादित करें

अजय शास्त्री (अजय देवगन) एक मेधावी स्नातकोत्तर और ईमानदार युवक है जिसका सपना है कि वह भी पुलिस ऑफिसर बने। उसके पिता रघुवंशी शास्त्री (मोहन अगाशे) एक सेवानिवृत्त पूर्वशिक्षक है जो आदर्शवादी सिद्धांतों और गांधीवादी नीति का पालन करते है जो सामाजिक कार्यों में अपने को सक्रिय रखते हैं। प्रोफेसर शास्त्री को जितना अपने आदर्शवाद सिद्धांतों का विश्वास है उतना ही वे अपने बेटे अजय से उनपर चलने की अपेक्षा रखते हैं। पर कई बार यही नैतिक सिद्धांतों के चलते अजय को अपने महत्वाकांक्षाओं की राह में खटकते हैं, जिससे पिता-पुत्र के विचारों में दरार की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

अजय अपने दोस्त काशीनाथ (आयूब खान) के साथ मूरली से काफी बड़ी रकम कर्ज लेते है ताकि पुलिस बहाली की मेरिट लिस्ट में अपने नाम के चयन के लिए रिश्वत दे सके। लेकिन अजय की उम्मीद तब बिखर जाती है जब उसके पिता द्वारा पुलिस बहाली में हुए धांधली को मीडिया में उजागर करते है, परिणामस्वरूप सभी अभ्यार्थियों के साथ अजय का नाम भी कट जाता है। वहीं मुरली उन पर जल्द कर्ज चुकाने का दबाव डालता है। मजबूरन अजय अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की कोशिश करते है, वे सफल भी हो जाते है लेकिन जल्द ही उनको आभास होता है कि उनका बंधक गया सिंह (यशपाल शर्मा) के अधीन है और वह विधायक तबरेज़ आलम (नाना पाटेकर) का वफादार गुर्गा है।

चरित्रसंपादित करें

मुख्य कलाकारसंपादित करें

अजय देवगन - अजय शास्त्री

बिपाशा बसु - मेघा बसु

नाना पाटेकर - तबरेज़ आलम (विधायक)

▪यशपाल शर्मा - गया सिंह

▪मोहन अगाशे - प्रोफेसर रघुवंश शास्त्री

आयुब खान - काशी नाथ

अनूप सोनी - आकाश रंजन (प्रेस पत्रकार)

▪मुकेश तिवारी - पुलिस अधीक्षक अनवर खान

▪चेतन पण्डित - दया शंकर

▪पंकज त्रिपाठी - गया सिंह का आदमी

▪एहसान खान - डी.एस.पी वीरेन्द्र शुक्ला

▪मुरली शर्मा - मुरलीधर

▪बृजगोपाल - जगन्नाथ मण्डल

▪अखिलेन्द्र मिश्रा - बृजनाथ मिश्रा (मुख्यमंत्री)

▪राधाकृष्णा दत्ता - सेठ सूरजमल

▪मुकुल नाग - उस्मान

▪चेतन पण्डित - दिनकर पाण्डे (गृहमंत्री)

▪पद्म सिंह - धरम सिंह

▪पृथ्वी जुत्थी - द्वारका

▪खालिद सिद्दीकी - कमल किशोर

▪मृलनालिणी शर्मा

▪राज खान - सेठ चाँदमल

▪प्रथमेश मेहता

▪खान जहांगीर खान - सलीम खान

दलसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

रोचक तथ्यसंपादित करें

परिणामसंपादित करें

बौक्स ऑफिससंपादित करें

समीक्षाएँसंपादित करें

नामांकन और पुरस्कारसंपादित करें

फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें