आईआरएनएसएस-1एच,1ए, 1बी, 1सी, 1डी,1ई, 1एफ़1जी के बाद आठवां भारतीय नौवहन (नेविगेशन) उपग्रह है। यह उपग्रह आईआरएनएसएस सीरीज़ का उपग्रह है, जो भारतीय क्षेत्र में नेविगेशन सेवायें प्रदान करने के लिए छोड़ा गया था। वजन के कारण सैटलाइट की रफ्तार में एक किलोमीटर/ सेकंड की कमी आ गई जिस कारण यह विफल रहा। इसरो सैटलाइट सेंटर के पूर्व डायरेक्टर एसके शिवकुमार ने बताया कि लॉन्च वीइकल अपने डिजाइन के अनुसार एक टन ज्यादा वजन लेकर जा रहा था जिसके कारण हीट शील्ड इससे अलग नहीं हो पाया। इस कारण रॉकेट की गति भी प्रभावित हुई।[2]

आईआरएनएसएस-1एच
मिशन प्रकार नौवहन
संचालक (ऑपरेटर) इसरो
मिशन अवधि 12 साल
अंतरिक्ष यान के गुण
बस आई-1के
निर्माता इसरो उपग्रह केंद्र
अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र
लॉन्च वजन 1,425 किग्रा०
शुष्क वजन 598 किग्रा०
ऊर्जा 1,300 वाट्स
मिशन का आरंभ
प्रक्षेपण तिथि 31 अगस्त 2017, 18:59 यूटीसी
रॉकेट पीएसएलवी-एक्सएल सी39
प्रक्षेपण स्थल सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र
ठेकेदार इसरो
मिशन का अंत
निष्कासन (डिस्पोज़ल) लॉन्च असफल[1]
कक्षीय मापदण्ड
निर्देश प्रणाली भूकेंद्रीय
काल भूसमकालिक कक्षा

विशेषताएंसंपादित करें

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) पहली बार निजी कंपनियों के सहयोग से बने अपने किसी उपग्रह (सेटेलाइट) को लॉन्‍च करने जा रहा था।[3]इस सैटलाइट को बनाने में बेंगलुरु बेस्ड अल्फा डिजाइन टेक्नॉलजिज की अगुआई में प्राइवेट कंपनियों का 25 प्रतिशत योगदान है। इन कंपनियों ने इसरो के वैज्ञानिकों की देखरेख में सैटलाइट के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई है।[4]


प्रक्षेपण (लॉन्च)संपादित करें

इसे शाम करीब सात बजे, श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से इसे पीएसएलवी-सी 39 रॉकेट की मदद से छोड़ा गया। यह इंडियन रीजनल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम का आठवां उपग्रह है और यह आईआरएनएसएस-1ए की जगह लेगा, जिसकी परमाणु घड़ियों ने काम करना बंद कर दिया है।[3] आईआरएनएसएस-1ए को 2013 में लॉन्च किया गया था। इस सैटलाइट की 3 परमाणु घड़ियों के काम बंद कर देने के बाद आईआरएनएसएस-1एच को लॉन्च करने की आवश्यकता हुई। परमाणु घड़ियों को सही-सही लोकेशनल डेटा उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया था और इन्हें यूरोपियन एयरोस्पेस निर्माता ऑस्ट्रियम से खरीदा गया था।[4]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "IRNSS-1H launch from Sriharikota unsuccessful: ISRO". The Indian Express. 31 August 2017. मूल से 31 अगस्त 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 31 August 2017.
  2. मिशन असफल: एक टन अतिरिक्त वजन के वजह से विफल रहा इसरो का IRNSS-1H Archived 5 सितंबर 2017 at the वेबैक मशीन. - हिंदुस्तान टाइम्स - 2 अगस्त 2017
  3. इसरो का IRNSS 1H सेटेलाइट आज लॉन्‍च होने का तैयार, जानिए क्‍यों है खास Archived 31 अगस्त 2017 at the वेबैक मशीन. - दैनिक जागरण -31 अगस्त 2017
  4. ISRO का नैविगेशन सैटलाइट IRNSS-1H आज होगा लॉन्च, नए युग की होगी शुरुआत! Archived 31 अगस्त 2017 at the वेबैक मशीन. - नवभारत टाइम्स - 31 अगस्त 2017

बाहरी कड़ियांसंपादित करें