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उदगमंदलम

ऊटी (उधगमंडलम), दक्षिण भारत में तमिलनाडु राज्य का एक हिल स्टेशन है

निर्देशांक: 11°23′N 76°54′E / 11.38°N 76.9°E / 11.38; 76.9

उदगमंडलम
ऊटी
உதகமண்டலம்
ಉದಕಮಂಡಲ
—  शहर  —
ऊटी का एक दृश्य
ऊटी का एक दृश्य
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य तमिलनाडु
महापौर
सांसद
जनसंख्या ९३,९२१ (२००१ के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• २२१३ मीटर

उटकमंडलम या ऊटी तमिलनाडु राज्य का एक शहर है। कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमा पर बसा यह शहर मुख्य रूप से एक पर्वतीय स्थल (हिल स्टेशन) के रूप में जाना जाता है। कोयंबटूर यहाँ का निकटतम हवाई अड्डा है। सड़को द्वारा यह तमिलनाडु और कर्नाटक के अन्य हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा है परन्तु यहाँ आने के लिये कन्नूर से रेलगाड़ी या ट्वाय ट्रेन किया जाता है। यह तमिलनाडु प्रान्त में नीलगिरि की पहाडियो में बसा हुआ एक लोकप्रिय पर्वतीय स्थल है।[1]उधगमंडलम शहर का नया आधिकारिक तमिल नाम है। ऊटी समुद्र तल से लगभग ७,४४० फीट (२,२६८ मीटर) की ऊचाई पर स्थित है।[2]

इतिहाससंपादित करें

नीलगिरि चेर साम्राज्य का भाग हुआ करते थे। फिर वे गन्गा सामराज्य के हाथों में चले गये और फिर १२वीं शताब्दी में होयसल साम्राज्य के राजा विष्णुवर्धन के राज्य में आ गये। उस के बाद नीलगिरि मैसूर राज्य का हिस्सा बन गये जिस के टीपू सुलतान ने उन्हें १८वीं शताब्दी में अंग्रेजों के हवाले कर दिया।[3]

पड़ोसी कोयम्बटूर जिले के गवर्नर, जॉन सुलिवान को यहाँ की आबो-हवा बहुत पसंद आने लगी और उसने स्थानीय जातियों (टोडा, इरुम्बा और बदागा) से जमीन खरीदनी शुरु कर दी। नीलगिरि पर सातवाहन, गंगास, कदंब, राष्ट्रकूट, होयसला, विजयनगर साम्राज्य और उम्मतूर के राजाओं (मैसूरु के वोड्यार ) जैसे विभिन्न राजवंशों का शासन था।[4][5][6][7][8] टीपू सुल्तान ने अठारहवीं शताब्दी में नीलगिरी पर कब्जा कर लिया और एक छिपी हुई गुफा जैसी संरचना का निर्माण कर सीमा का विस्तार किया।[9]

ब्रिटिश राज के तहत इन पर्वतों का विकास बहुत तेजी से होने लगा क्योंकि यहाँ की ज्यादातर जमीन यहाँ के अमीर अंग्रेजों की निजी संपत्ती थी। बाद में ऊटी को मद्रास प्रेसीडेंसी की ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा दे दिया गया। टोडा लोग पानी भैंस पालने के लिए जाने जाते थे। बडगा लोग खेती की गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं।[10]

भूगोलसंपादित करें

ऊटी में कोपेन जलवायु वर्गीकरण के तहत एक उपोष्णकटिबंधीय उच्चभूमि जलवायु है।[11] उष्णकटिबंधीय में इसके स्थान के बावजूद, अधिकांश दक्षिण भारत के विपरीत, ऊटी में आम तौर पर पूरे वर्ष हल्का वातावरण होता हैं। हालांकि, जनवरी और फरवरी के महीनों में रात का समय आमतौर पर ठंडा होता है। आम तौर पर, शहर में वसंत के मौसम बना रहता है।


ऊटी (उदगमंडलम) के जलवायु आँकड़ें
माह जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितम्बर अक्टूबर नवम्बर दिसम्बर वर्ष
औसत उच्च तापमान °C (°F) 20.3
(68.5)
20.9
(69.6)
22.2
(72)
22.6
(72.7)
22.0
(71.6)
18.3
(64.9)
16.9
(62.4)
17.4
(63.3)
18.4
(65.1)
18.8
(65.8)
18.7
(65.7)
19.7
(67.5)
19.68
(67.43)
दैनिक माध्य तापमान °C (°F) 12.4
(54.3)
13.6
(56.5)
15.2
(59.4)
16.3
(61.3)
16.6
(61.9)
14.8
(58.6)
14.1
(57.4)
14.4
(57.9)
14.4
(57.9)
14.6
(58.3)
13.7
(56.7)
12.9
(55.2)
14.42
(57.95)
औसत निम्न तापमान °C (°F) 5.6
(42.1)
6.5
(43.7)
8.8
(47.8)
10.7
(51.3)
11.4
(52.5)
11.2
(52.2)
11.0
(51.8)
10.9
(51.6)
10.4
(50.7)
10.1
(50.2)
8.6
(47.5)
6.7
(44.1)
9.33
(48.79)
औसत वर्षा मिमी (inches) 20.5
(0.807)
10.2
(0.402)
25.8
(1.016)
75.4
(2.969)
147.5
(5.807)
136.7
(5.382)
181.1
(7.13)
123.7
(4.87)
134.9
(5.311)
189.2
(7.449)
139.9
(5.508)
52.8
(2.079)
1,237.7
(48.73)
औसत वर्षाकाल 1 1 2 5 8 8 10 9 9 11 7 4 75
माध्य दैनिक धूप के घण्टे 8 8 8 8 7 4 4 4 5 5 6 7 6.2
स्रोत #1: भारतीय मौसम विभाग(1901-2000)[12]
स्रोत #2: Climate-Data.org औसत तापमान के लिए, ऊंचाई: 2214 मीटर,[11] धूप और बारिश के दिनों के लिए Weather2Travel[13]

पर्यटन उद्योगसंपादित करें

नीलगिरि या नीले पर्वतों की पर्वतमाला में बसा हुआ ऊटी प्रति वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटको को आकर्षित करता है। सर्दियों के अलावा यहाँ साल भर मौसम सुहाना ही बना रहता है। सर्दी के समय तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। पर आज ये शहर अधिकाधिक औद्योगिकीकरण और पर्यावरण सम्बन्धी समस्याओं से जूझ रहा है।

घनी वनस्पति, चाय के बागान और नीलगिरि के पेड़ यहाँ के पहाड़ों की विशेषता है। यहाँ कि प्राकृतिक सुंदरता बनाये रखने के लिये पहाड़ों के कई हिस्सों को आरक्षित वन का दर्जा प्रदान किया गया है। इस कारण से शिविर क्षेत्र से बाहर शिविर लगाने के लिये खास अनुमति लेनी पड़ती है। ऊटी एक बिंदू की तरह पर्यटकों को आकर्षित करता है और फिर वे आसपास भी भ्रमण करते हैं।

इन्ही पहाडो़ में दूसरे छोटे शहर जैसे कुन्नू‍र और कोटागिरी भी हैं। ये शहर ऊटी से सिर्फ कुछ ही घंटों की दूरी पर हैं और इन का मौसम भी ऊटी जैसा ही है पर यहाँ कम पर्यटक है और दाम भी सस्ते हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्थासंपादित करें

ऊटी जिला मुख्यालय भी है। ऐसे तो यहाँ की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही टिकी है, ऊटी आसपास के शहरों के लिये भी बाजा़र का काम करता है। अर्थव्यवस्था मूलतः कृषि पर निर्भर है। ठन्डे मौसम की वजह से यहाँ "अंग्रेजी सब्जियाँ" जैसे आलू, गाजर और गोभी उगाई जाती हैं। ऊटी म्यूनिसिपल बाजा़र में रोजाना इन सब्जियों की नीलामी होती है।

पर्यटन आकर्षणसंपादित करें

वनस्पति उद्यानसंपादित करें

इस वनस्पति उद्यान की स्थापना 1847 में की गई थी। 22 हेक्टेयर में फैले इस खूबसूरत बाग की देखरेख बागवानी विभाग करता है। यहां एक पेड़ के जीवाश्म संभाल कर रखे गए हैं जिसके बारे में माना जाता है कि यह 2 करोड़ वर्ष पुराना है। इसके अलावा यहां पेड़-पौधों की 650 से ज्यादा प्रजातियां देखने को मिलती है। प्रकृति प्रेमियों के बीच यह उद्यान बहुत लोकप्रिय है। मई के महीने में यहां ग्रीष्मोत्सव मनाया जाता है। इस महोत्सव में फूलों की प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें स्थानीय प्रसिद्ध कलाकार भाग लेते हैं।

ऊटी झीलसंपादित करें

इस झील का निर्माण यहां के पहले कलक्टर जॉन सुविलिअन ने 1825 में करवाया था। यह झील 2.5 किलोमीटर लंबी है। यहां आने वाले पर्यटक बोटिंग और मछली पकड़ने का आनंद ले सकते हैं। मछलियों के लिए चारा खरीदने से पहले आपके पास मछली पकड़ने की अनुमति होनी चाहिए। यहां एक बगीचा और जेट्टी भी है। इन्हीं विशेषताओं के कारण प्रतिवर्ष 12 लाख दर्शक यहां आते हैं। बोटिंग का समय: सुबह 8 बजे-शाम 6 बजे तक

डोडाबेट्टा चोटीसंपादित करें

यह चोटी समुद्र तल से 2623 मीटर ऊपर है। यह जिले की सबसे ऊंची चोटी मानी जाती है। यह चोटी ऊटी से केवल 10 किलोमीटर दूर है इसलिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां से घाटी का नजारा अदभूत दिखाई पड़ता है। लोगों का कहना है कि जब मौसम साफ होता है तब यहां से दूर के इलाके भी दिखाई देते हैं जिनमें कायंबटूर के मैदानी इलाके भी शामिल हैं।

आसपास दर्शनीय स्थलसंपादित करें

मदुमलाई वन्यजीव अभयारण्यसंपादित करें

यह वन्यजीव अभयारण्य ऊटी से 67 किलोमीटर दूर है। यहां पर वनस्पति और जन्तुओं की कुछ दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं और कई लुप्तप्राय:जानवरों भी यहां पाए जाते है। हाथी, सांभर, चीतल, हिरन आसानी से देखे जा सकते हैं। जानवरों के अलावा यहां रंगबिरंगे पक्षी भी उड़ते हुए दिखाई देते हैं। अभयारण्य में ही बना थेप्पाक्कडु हाथी कैंप बच्चों को बहुत लुभाता है।

कोटागिरीसंपादित करें

यह पर्वतीय स्थान ऊटी से 28 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। नीलगिरि के तीन हिल स्टेशनों में से यह सबसे पुराना है। यह ऊटी और कून्‍नूर के समान प्रसिद्ध नहीं है। लेकिन यह माना जाता है कि इन दोनों की अपेक्षा कोटागिरी का मौसम ज्यादा सुहावना होता है। यहां बहुत ही सुंदर हिल रिजॉर्ट है जहां चाय के बहुत खूबसूरत बागान हैं। हिल स्टेशन की सभी खूबियां यहां मौजूद लगती हैं। यहां की यात्रा आपको निराश नहीं करेगी।

कलहट्टी जलप्रपातसंपादित करें

कलपट्टी के किनारे स्थित यह झरना 100 फीट ऊंचा है। यह जलप्रपात ऊटी से केवल 13 किलोमीटर की दूरी पर है इसलिए ऊटी आने वाले पर्यटक यहां की सुंदरता को देखने भी आते हैं। झरने के अलावा कलहट्टी-मसिनागुडी की ढलानों पर जानवरों की अनेक प्रजातियां भी देखी जा सकती हैं जिसमें चीते, सांभर और जंगली भैसा शामिल हैं।a

आवागमनसंपादित करें

 
उदगमंडलम रेलवे स्टेशन
वायु मार्ग

निकटतम हवाई अड्डा कोयंबटूर है।

रेल मार्ग

ऊटी में उदगमंडलम रेलवे स्टेशन है। मुख्य जंक्शन कोयंबटूर है।

सड़क मार्ग

राज्य राजमार्ग 17 से मड्डुर और मैसूर होते हुए बांदीपुर पहुंचा जा सकता है। यह आपको मदुमलाई रिजर्व तक पहुंचा देगा। यहां से ऊटी की दूरी केवल 67 किलोमीटरहै।

खानपानसंपादित करें

ऊटी में कई चीनी रेस्तरां (चाइनीज रेस्टोरेंट) हैं लेकिन सबसे मशहूर है नीलगिरि पुस्तकालय के पास स्थित "शिंकोज"। कमर्शियल रोड पर बने कुरिंजी में दक्षिण भारतीय भोजन मिलता है।

खरीदारीसंपादित करें

ऊटी चाय, हाथ से बनी चॉकलेट, खुशबूदार तेल और मसालों के लिए प्रसिद्ध है। कमर्शियल रोड पर हाथ से बनी चॉकलेट कई तरह के स्वादों में मिल जाएगी। यहां हर दूसरी दुकान पर यह चॉकलेट मिलती है। हॉस्पिटल रोड की किंग स्टार कंफेक्शनरी इसके लिए बहुत प्रसिद्ध है। कमर्शियल रोड की बिग शॉप से विभिन्न आकार और डिजाइन के गहने खरीदे जा सकते हैं। यहां के कारीगर पारंपरिक तोडा शैली के चांदी के गहनों को सोने में बना देते हैं। तमिलनाडु सरकार के हस्तशिल्प केंद्र पुंपुहार में बड़ी संख्या में लोग हस्तशिल्प से बने सामान की खरीदारी करने आते हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Ooty in Tamilnadu". Tamilnadu.com. 14 December 2012.
  2. "Udhagamandalam City Population Census 2011 - Tamil Nadu". Census Population.
  3. Francis, Walter (1908). Madras District Gazetteers: The Nilgiris. 1. New Delhi: Asian Educational Services. पपृ॰ 90–94, 102–105. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-2060-546-6.
  4. Francis, Walter (1908). Madras District Gazetteers: The Nilgiris. 1. New Delhi: Asian Educational Services. पपृ॰ 90–94, 102–105. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-2060-546-6.
  5. Senapati, Nilamani; Sahu, N. K. (1955). Gazetteers of India: Nilgiris District. Government Press. पपृ॰ 3, 199–201, 866. The location of the Nilgiris is unique that it was in the tri-junction of ancient Tamil kingdoms of Cholas, Cheras and the Pandyas. Hence, it was under Cheras, Cholas or local chieftains at various...
  6. Sundaresan, C.S. (1 January 2007). South Asia and Multilateral Trade Regime: Disorders for Development. Regal Publications. पृ॰ 81. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-8189-915-31-5.
  7. Indian Navy (1989). Maritime Heritage of India. Notion Press. पृ॰ 244. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-9352-069-17-0. At their peak, the Cholas ruled over not just the whole of south India, but also conquered island nations..
  8. Sagar, Ravi. "Decoding the Nilgiris" (PDF). India Brand Equity Foundation: 53. Not even the dynastic rulers—the Cheras, the Cholas, the Pandiyas, the Rashtrakutas, the Gangas, the Pallavas, the Kadambas and the Hoysalas—can be credited with discovering this jewel (Nilgiris) in their crown.
  9. "Ooty History". evoire.com. मूल से 24 September 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 February 2008.
  10. "Ooty History". evoire.com. मूल से 24 September 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 February 2008.
  11. "Climate: Ooty - Climate graph, Temperature graph, Climate table". Climate-Data.org. मूल से 27 February 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 September 2015.
  12. "Monthly mean maximum & minimum temperature and total rainfall based upon 1901-2000 data" (PDF). imd.gov.in. मूल (PDF) से 13 April 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 September 2015.
  13. "Ooty Climate and Weather Averages, India.htm". Weather2Travel. अभिगमन तिथि 30 September 2015.