कल्याण सिंह

भारतीय राजनीतिज्ञ

कल्याण सिंह (जन्म 5 जनवरी 1932) भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे पूर्व राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल हैं। इससे पहले वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। वो दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें 26 अगस्त 2014 को राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया गया।[1] उन्हें राष्ट्रवादी,हिन्दुत्व वादी के रूप में जाना जाता है ।

कल्याण सिंह

पद बहाल
4 सितम्बर 2014 – 8 सितम्बर 2019
पूर्वा धिकारी मार्गरेट अल्वा
उत्तरा धिकारी कलराज मिश्र

पद बहाल
जनवरी 2015 – 12 अगस्त 2015
पूर्वा धिकारी उर्मिला सिंह
उत्तरा धिकारी आचार्य देवव्रत

कार्यकाल
24 जून 1991-6 दिसम्बर 1992
पूर्वा धिकारी मुलायम सिंह यादव
उत्तरा धिकारी राष्ट्रपति शासन
कार्यकाल
21 सितम्बर 1997-12 नवम्बर 1999
पूर्वा धिकारी मायावती
उत्तरा धिकारी राम प्रकाश गुप्ता

जन्म 5 जनवरी 1932 (1932-01-05) (आयु 88)
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी
जीवन संगी रामवती
बच्चे 1 पुत्र व 1 पुत्री
निवास राजभवन (राजस्थान)
धर्म हिन्दू
कल्याण सिंह

जीवन परिचयसंपादित करें

कल्याण सिंह का जन्म 6 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री तेजपाल लोधी और माता का नाम श्रीमती सीता देवी था!

राजनीतिक जीवनसंपादित करें

पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीसंपादित करें

वो जून १९९१ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद उन्होंने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये ६ दिसम्बर १९९२ को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया।

बाबरी मस्जिद विध्वंश के बादसंपादित करें

वो १९९३ के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में अत्रौली और कास्गंज से विधायक निर्वाचित हुये। चुनावों में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरा लेकिन मुलायमसिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी-बहुजन समाज पार्टी ने गठबन्धन सरकार बनायी।[2] विधान सभा में कल्याण सिंह विपक्ष के नेता बने।

वो सितम्बर १९९७ से नवम्बर १९९९ तक पुनः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।[3]

२१ अक्टूबर १९९७ को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने कल्याण सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया। कल्याण सिंह पहले से ही कांग्रेस विधायक नरेश अग्रवाल के सम्पर्क में थे और उन्होंने तुरन्त शीघ्रता से नयी पार्टी लोकतांत्रिक कांग्रेस का घटन किया और २१ विधायकों का समर्थन दिलाया।[4] इसके लिए उन्होंने नरेश अग्रवाल को ऊर्जा विभाग का कार्यभार सौंपा।

दिसम्बर १९९९ में कल्याण सिंह ने पार्टी छोड़ दी और जनवरी २००४ में पुनः भाजपा से जुड़े।[5] २००४ के आम चुनावों में उन्होंने बुलन्दशहर से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा। २००९ में उन्होंने पुनः भाजपा को छोड़ दिया और एटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय सांसद चुने गये।

राज्यपालसंपादित करें

सिंह ने ४ सितम्बर २०१४ को राजस्थान के राज्यपाल पद की शपथ ली।[6] उन्हें जनवरी २०१५ में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।[7]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 8 जुलाई 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 जून 2015.
  2. Kalyan Singh, Ayodhya and Hindu resurgence Archived 29 नवम्बर 2012 at the वेबैक मशीन. Niti Central - 25 November 2012
  3. "Sibal alleges fertilizer scam in Uttar Pradesh" (अंग्रेज़ी में). द हिन्दू. ३ मई २००७. अभिगमन तिथि १९ जून २०१५.
  4. "Kalyan Singh sacked, Jagdambika Pal CM". रीडिफ डॉट कॉम. 21 फ़रवरी 1998. मूल से 24 सितंबर 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि १९ जून २०१५.
  5. Srivastava, Rajiv (17 दिसम्बर 2012). "Kalyan Singh's homecoming to BJP after January 14 - द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया". टाइम्स इंटरनेट (अंग्रेज़ी में). टाइम्स ऑफ़ इंडिया. TNN. अभिगमन तिथि 19 जून 2015.
  6. "Kalyan Singh sworn-in as 20th Governor of Rajasthan". द इंडियन एक्सप्रेस (अंग्रेज़ी में). PTI. 4 September 2014. मूल से 14 फ़रवरी 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 जून 2015.
  7. "Kalyan Singh to take additional charge as HP Governor" (अंग्रेज़ी में). ज़ी न्यूज़. २७ जनवरी २०१५. मूल से 19 जून 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि १९ जून २०१५.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें