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कुंदन शाह (मृत्यु: 7 अक्तूबर 2017) एक भारतीय फिल्म निर्देशक और लेखक थे। वह अपनी कॉमेडी फ़िल्म जाने भी दो यारों (1983) और 1985-86 की टीवी श्रृंखला नुक्कड़ के लिए सबसे ज्यादा जाने जाते हैं। उन्होंने भारतीय फिल्म और टेलिविज़न संस्थान से निर्देशन सीखा। '‘जाने भी दो यारो’' फिल्म के लिये पहला और एकमात्र राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। उन्होंने ने 2015 में राष्ट्रीय पुरस्कार लौटा दिया था।[1]

1988 में उन्होंने हास्य धारावाहिक वागले की दुनिया का निर्देशन किया। यह कॉर्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण के आम आदमी के किरदार पर आधारित था।[2] उन्होंने 1993 में शाहरुख खान अभिनीत कभी हां कभी न के साथ मुख्यधारा की फ़िल्मों में वापसी की। 2000 में आई उनकी प्रीति जिंटा और सैफ अली खान अभिनीत फिल्म क्या कहना टिकट खिड़की पर सफल रही थी। इसके बाद बॉबी देओल और करिश्मा कपूर अभिनीत हम तो मोहब्बत करेगा (2000) और रेखा, प्रीति और महिमा चौधरी अभिनीत दिल है तुम्हारा (2002) सफल नहीं रही।

फ़िल्मों की सूचीसंपादित करें

साल फ़िल्म भूमिका टिप्पणियाँ
1983 जाने भी दो याारो निदेशक, लेखक
1985 खामोश लेखक
1986 नुक्कड़ निदेशक टीवी श्रृंखला
1988 वागले की दुनिया निदेशक टीवी श्रृंखला
1993 कही हाँ कही ना निदेशक, लेखक
2000 क्या कहना निदेशक
2000 हम तो मोहब्बत करेगा निदेशक, लेखक
2002 दिल है तुम्हारा निदेशक, लेखक
2004 एक से बढ़कर एक निदेशक

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "'जाने भी दो यारो' के निर्देशक कुंदन शाह का हार्ट अटैक से निधन". नवभारत टाइम्स. 7 अक्टूबर 2017. अभिगमन तिथि 22 मई 2018.
  2. "'जाने भी दो यारो' के निर्देशक कुंदन शाह नहीं रहे, बॉलीवुड हस्तियों ने जताया शोक". ज़ी न्यूज़. 7 अक्टूबर 2017. अभिगमन तिथि 22 मई 2018.