सूर्यग्रहण का एक दृष्य
सूर्य के आगे से गुज़रता हुआ बुध ग्रह, १० मई २०१६

ग्रहण एक खगोलीय अवस्था है जिसमें कोई खगोलिय पिंड जैसे ग्रह या उपग्रह किसी प्रकाश के स्रोत जैसे सूर्य और दूसरे खगोलिय पिंड जैसे पृथ्वी के बीच आ जाता है जिससे प्रकाश का कुछ समय के लिये अवरोध हो जाता है।[1]

इनमें मुख्य रूप से पृथ्वी के साथ होने वाले ग्रहणों में निम्नलिखित उल्लेखनीय हैं:

  • पूर्ण ग्रहण तब होता है जब खगोलिय पिंड जैसे पृथवी पर प्रकाश पूरी तरह अवरुद्ध हो जाये।
  • आंशिक ग्रहण की स्थिती में प्रकाश का स्रोत पूरी तरह अवरुद्ध नहीं होता

सन्दर्भसंपादित करें

  1. नवभारतटाइम्स.कॉम (2020-06-18). "सूर्यग्रहण कथा: क्‍यों लगता है सूर्यग्रहण". नवभारत टाइम्स. मूल से 23 जून 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2020-06-26.