ठाकुर

भारतीय उपमहाद्वीप की ऐतिहासिक पदवी

ठाकुर एक उपाधि है जो बड़ी और छोटी रियासतों के राजाओं एवं बड़े ज़मीदारों को दी गई थी। ठाकुर शब्द का अर्थ "स्वामी" माना जाता है, जैसे की "ठाकुर घर" अर्थात पूजाघर। है।[1]उत्तर भारत में यह विभिन्न क्षत्रिय समुदायों के उपनाम या उपाधि के लिए प्रयुक्त होता रहा है।

ठाकुर लखजीराजसिंहजी द्वितीय राजकोट के बावजीराजसिंहजी

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सन्दर्भसंपादित करें

  1. शर्मा, राजमणि. आधुनिक भाषा विज्ञान. वाणी प्रकाशन. पृ॰ 266. अभिगमन तिथि 13 अप्रैल 2020.
  2. शर्मा, राजमणि. आधुनिक भाषा विज्ञान. वाणी प्रकाशन. पृ॰ 266. अभिगमन तिथि 13 अप्रैल 2020.