तिब्बताई भाषाएँ

तिब्बती-बर्मी भाषाओं का एक समूह है जो पूर्वी मध्य एशिया के तिब्बत के पठार और भारतीय उपमहाद्वीप के कई उत्तरी क्षेत्रों में तिब्बती लोगों द्वारा बोली जाती हैं।

तिब्बताई भाषाएँ (तिब्बती: བོད་སྐད།, अंग्रेज़ी: Tibetic languages) तिब्बती-बर्मी भाषाओं का एक समूह है जो पूर्वी मध्य एशिया के तिब्बत के पठार और भारतीय उपमहाद्वीप के कई उत्तरी क्षेत्रों में तिब्बती लोगों द्वारा बोली जाती हैं। यह चीन द्वारा नियंत्रित तिब्बत, चिंगहई, गान्सू और युन्नान प्रान्तों में, भारत के लद्दाख़, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम व उत्तरी अरुणाचल प्रदेश क्षेत्रों में, पाक-अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बलतिस्तान क्षेत्र में तथा भूटान देश में बोली जाती हैं।[1][2][3]

तिब्बताई
मध्य भोटिया
Tibetic
जातियाँ: तिब्बती लोग
भौगोलिक
विस्तार:
चीन (तिब्बत, चिंगहई, सिचुआन, गान्सू, युन्नान); भारत (लद्दाख़, सिक्किम); पकिस्तान (बल्तिस्तान); नेपाल; भूटान
भाषा श्रेणीकरण: चीनी-तिब्बती
आदि-भाषा: पुरानी तिब्बती
  शात्रीय तिब्बती
उपश्रेणियाँ:
मध्य तिब्बती
अम्दो तिब्बती
खम्स तिब्बती
द्ज़ोंगखा-ल्होका
लद्दाख़ी-बलती
लाहौली-स्पीति
क्यिरोंग-कगाते
शेर्पा-जिरेल
(कई अश्रेणीकृत भाषाएँ)
Tibet provinces.png
तिब्बत के ऐतिहासिक प्रान्त

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Beyer, Stephan V. (1992). The Classical Tibetan Language. SUNY Press. ISBN 0-7914-1099-4.
  2. Denwood, Philip (1999). Tibetan. John Benjamins Publishing. ISBN 90-272-3803-0.
  3. Denwood, Philip (2007). "The Language History of Tibetan". In Roland Bielmeier, Felix Haller. Linguistics of the Himalayas and beyond. Walter de Gruyter. pp. 47–70. ISBN 3-11-019828-2.