"दीदी तेरा देवर दीवाना" १९९४ की हिन्दी फ़िल्म हम आपके हैं कौन में लता मंगेशकर और एस॰ पी॰ बालासुब्रमण्यम का गाया हुआ गीत हैं। इस गीत को रामलक्ष्मण द्वारा संगीत दिया गया हैं और गीत देव कोहली ने लिखा है। हम आपके हैं कौन सूरज बड़जात्या द्वारा लिखित और निर्देशित फ़िल्म थी जो राजश्री प्रोडक्शन्स के बैनर के तहत बनी थी। गीत में मुख्यतः फ़िल्म के कलाकार माधुरी दीक्षित और सलमान खान गोद भराई के समारोह में नृत्य करते दिखते हैं। गीत के प्रदर्शन के बाद उसे खूब लोकप्रियता हासिल हुई और मंगेशकर को फ़िल्मफ़ेयर विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। एना सिंह द्वारा तैयार की गई और दीक्षित द्वारा पहनी गई चमकीले बैंगनी रंग की साटन साड़ी और बैकलेस (खिड़की) ब्लाउज बाज़ार में फ़ैशन का रुझान बनी और खूब बिकी। दीक्षित के नृत्य और पूरे गीत में दिखने वाले उनके रूप को अच्छी समीक्षा मिली। चित्रकार मकबूल फ़िदा हुसैन ने ये गीत देखकर दीक्षित को अपनी प्रेरणा स्रोत मानकर दीक्षित से प्रेरित चित्रों की एक श्रृंखला को पर काम किया।

चलचित्रसंपादित करें

इस एक गीत में फ़िल्म के अधिकांश पात्र एक ही समय में दिखाई देते हैं। इसका कारण यह है कि ये गीत एक समारोह में हुई घटनाओं को दिखाता है। पूजा (रेणुका शहाणे) की गोद भराई पर उपस्थित लोगों का मनोरंजन करने के लिए उनकी बहन निशा (माधुरी दीक्षित) और उनके पति की चचेरी बहन रिटा (साहिला चड्ढा) एक हास्यपूर्ण प्रहसन की व्यवस्था करते हैं। निशा को एक गर्भवती महिला के रूप में पेश किया जाता है, जिसमें वो पेट को तकिया लगाए है और रिटा एक जवान आदमी के भेस में देखती है, जो प्रेम (सलमान खान) से मिलता जुलता है। प्रेम फ़िल्म में पूजा का देवर हैं। पुरे गीत के दौरान निशा हर किसी को बताती है कि प्रेम कैसा दीवाना हैं और हमेशा लड़कियों को लुभाने की कोशिश करता हैं। नकली प्रेम, अर्थात रिटा, हमेशा सभी महिलाओं को, विशेष रूप से निशा को, तंग करने की कोशिश करती है। वह गुलेल के निशाने से निशा के नितंब पर गेंदे का फूल मारती है। बाद में, सभी मौजूद महिलाओं द्वारा नकली प्रेम की पीटाई होती हैं। असली प्रेम, जो गुप्त रूप से ये प्रहसन देख रहा था, सामने आता है और फिर से निशा के नितंब पर गेंदे का फूल मारता हैं। इसके बाद, प्रेम छज्जे से कूदता है और झूमर पर लटक जाता है। उसकी नकल करने पर पकड़ने जानी वाली निशा और रिटा भागने की कोशिश करते हैं। लेकिन सबको चकित करते हुए प्रेम निशा के प्रति अपने व्यवहार के लिए क्षमा मांगता हैं। गीत के अंत में प्रेम जनाना कपडों में एक गर्भवती महिला के भेस में दिखते हैं। इस चलचित्र में महिला नृतकियों का बड़ा समूह पृष्ठभूमि में समन्वयन में नृत्य करता दिखता है। फ़िल्म के प्रमुख कलाकारों में से बिन्दू, हिमानी शिवपुरी, प्रिया अरुण, और लक्ष्मीकांत बेर्डे भी दिखई देते हैं।

निर्माणसंपादित करें

देव कोहली द्वारा लिखित, यह गीत रामलक्ष्मण द्वारा रचित है और लता मंगेशकर और एस॰ पी॰ बालासुब्रमण्यम द्वारा प्रस्तुत किया गया हैं। हम आपके हैं कौन सूरज बड़जात्या की दूसरी फ़िल्म थी।[1] उनकी पहली फ़िल्म मैंने प्यार किया में भी कोहली, रामलक्ष्मण, मंगेशकर और बालासुब्रमण्यम शामिल थे।[2] रामलक्ष्मण को पहले दादा कोंडके की मराठी फिल्मों के साथ अपने सहयोग के लिए जाना जाता था।[3] फ़िल्म के कथानक का समापन होते वक्त रामलक्ष्मण और बड़जात्या के करीबन ५० सत्र हुए जिसमे फ़िल्म के संगीत को अंतिम रूप दिया गया। सभी गाने की रिकॉर्डिंग में लगभग ३ महीने का समय लगा।[4][5] द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, "दीदी तेरा देवर दीवाना" उस्ताद नुसरत फतेह अली खान के गीत "सारे नबियों" से प्रेरित हैं।[6] जब हम आपके हैं कौन पाकिस्तान में जारी की गई थी, इस गीत से "हाय राम" शब्द निकाले गए थे।[7][8]

इस फिल्म ने १९९० के दशक में बॉलीवुड में पारिवारिक फिल्मों की शुरुआत की और भारतीय अभिजात वर्ग के परिवार की कहानी सुनाई।[8] हम आपके हैं कौन के सेट में समकालीन रचना को मिश्रित किया है, साथ हि हिंदू प्रतिमा-विद्या को राजसी वास्तुकला के साथ संतृप्त किया हैं।[8] "दीदी तेरा देवर दीवाना" के चलचित्र को सेट की भव्यता दिखाने के लिए एक सर्वश्रेष्ठ उदाहरण बताया गया है। जिस अंक में प्रेम को एक झूमर से लटकते दिखाया है, वह कमरा पारंपरिक वेशभूषा वाली महिलाओं से भरा नजारा दिखाता है।[8] विभिन्न दृष्टिकोणों को चित्रित करने के लिए, ट्रैकिंग शॉट और विभिन्न कैमरा एंगल का उपयोग किया गया है।[8]

परिणामसंपादित करें

 
"दीदी तेरा देवर दीवाना" के लिये लता मंगेशकर को फ़िल्मफ़ेयर विशेष पुरस्कार पेश किया गया था।

गाने के प्रदर्शन के बाद इसे खूब लोकप्रियता हासिल हुई और ११.७ करोड़ रुपये की बिक्री हुई। फ़िल्म के प्रदर्शन से पहले यह गीत फिलिप्स टॉप १०, बीपीएल ओए और सुपरहिट मुकाबला जैसे काउंट डाउन कार्यक्रमोमें ऊपरी पायदान पे पहुंचा। इसके अलावा, संगीत उत्पादक एच.एम.वी. ने ३० लाख से अधिक टेप बेच दिए।[9]

१९४० के दशक में एक गायक के रूप में लता मंगेशकर ने प्रवेश किया था और १९९० के दशक में वे केवल चयनित गीतों को गाती थी।[10] लेकिन हम आपके हैं कौन के लिये उन्होंने दस से अधिक गीत गाये।[11] १९५९ में फ़िल्मफेयर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक श्रेणी की शुरुआत के बाद से मंगेशकर ने १९६९ तक सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका श्रेणी में वर्चस्व बनाए रखा, जब उन्होंने साथी गायिकाओंकों प्रोत्साहित करने के लिये नामांकित होने से मना कर दिया।[12] इस कारण सार्वजनिक मांग पर "दीदी तेरा देवर दीवाना" को फ़िल्मफ़ेयर विशेष पुरस्कार पेश कर प्रशंसा की गई।[13] ४२वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में जय बोराडे को फिल्म में शामिल सभी गानों के लिए सर्वश्रेष्ठ नृत्य संयोजन का पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार के साथ प्रशस्ति में कहा था कि "शालीन और भावपूर्ण मोहक नृत्यकला समकालीन और भारतीय संस्कृति कि प्रथाओं को निभाने में परम्परानुकूल" होने के लिये प्रदान किया गया हैं।[14]

विवादसंपादित करें

१९९५ में, ग्रामोफोन कंपनी ऑफ इंडिया ने, जिसके पास इस गीत के ऑडियो प्रतिलिप्यधिकार थे, सुपर कैसेट इंडस्ट्रीज के खिलाफ मुकदमा दायर किया। सुपर कैसेट इंडस्ट्रीजने बाजार में "हम आपके हैं कौन" नामक ऑडियो कैसेट लाए थे जिसका आवरण भी ग्रामोफोन कंपनी के आवरण समान था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने ग्रामोफोन कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसे निर्देश दिया गया कि सुपर कैसेट इंडस्ट्रीज अपने उत्पाद के लिए समान आवरण का उपयोग न करें। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि "रिकॉर्ड मूल साउंडट्रैक से नहीं है, केवल एक वैकल्पिक संस्करण है।"[15]

विरासतसंपादित करें

 
२०१२ में टेलीविजन के नृत्य केन्द्रित वास्तविक कार्यक्रम झलक दिखला जा में खान ने दीक्षित को गुलेल से गेंदे का फूल मारके इस गीत का प्रसिद्ध दृश्य पुनरधिनियमित किया।

इस गीत में माधुरी दीक्षित एक चमकीले बैंगनी रंगके साटन साड़ी में दिखी और बैकलेस (खिड़की) ब्लाउज पहने थी। इस साड़ी की लागत १५ लाख रुपए थी।[16] गीत के पहले फिल्म में एक दृश्य है जिसमें दीक्षित सीढ़ियों पर से उतरते आ रही है और खान उन्हे देख दंग रह जाते हैं, जिसे एक "प्रतिष्ठित दृश्य" बताया गया हैं।[17] एना सिंह द्वारा तैयार की गई इस साड़ी को द ट्रिब्यून और द टाइम्स ऑफ इंडिया दोनों ने "बहुचर्चित साड़ी" कहा हैं।[18][19] यह साड़ी लोकप्रिय हो गई और इसे विश्वभर की विभिन्न दुकानों में खरीद के लिए उपलब्ध कराया गया, जिसकी बड़ी संख्या में बिक्री हुई। इस पोशाक को पहनने वाले गुड़ियों का भी विपणन किया गया।[20][21][22] साथ ही, शादी के मौसम में बैंगनी रंग की वेशभूषा लोकप्रिय बन गई।[23] बढ़ती आकर्षण के साथ, फ़िल्म के पोस्टर में बैंगनी साड़ी पहने हुए केवल दीक्षित दिखाई गई जबकि शुरू में वह खान के साथ दिखाई देती थी।[24] २०१२ में, हास्य प्रेमकहानी फ़िल्म शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी ने भी अपनी फ़िल्म के पोस्टर में इसी साड़ी का इस्तेमाल किया।[20]

चित्रकार मकबूल फ़िदा हुसैन ने हम आपके हैं कौन में "दीदी तेरा देवर दीवाना" देखकर माधुरी दीक्षित को अपना प्रेरणास्थान दिया। उन्होंने फिल्म को ६७ बार देखा।[25] गीत में दीक्षित के नृत्य के बारे में हुसैनने कबूल किया, "कमर कि वो हरकते इस दुनिया से बाहर की है। मैंने कभी ऐसी नर्तकी नहीं देखा है, और मैंने सबसे अच्छी देखी है। उनके शब्दों को शरीर की भाषा में बदल दिया गया है।"[26] उन्होंने दीक्षित से प्रेरित चित्रों की एक श्रृंखला को चित्रित किया। विश्वामित्र के साथ माधुरी मेनका के रूप में, नंदला लाला के साथ माधुरी राधा के रूप में, विंबलडन पर टेनिस खेलती माधुरी उन चित्रों में से कुछ थे। राजा रवि वर्मा द्वारा चित्रित अप्सरा मेनका के प्रसिद्ध चित्र से दीक्षित का मेनकावाला चित्र प्रेरित था। एक अन्य चित्र में मैडिसन काउंटी के एक पुल से झुकती मेरिल स्ट्रीप के साथ दीक्षित भी दिखाई देते हैं और निचेसे क्लिंट ईस्टवुड घोड़े की पीठ पर स्वार हैं जो १९९५ कि फ़िल्म मैडीसन काउंटी के पुल पर आधारीत हैं। चित्र नौटंकी में दीक्षित बैकलेस ब्लाउज पहनके "दीदी तेरा देवर दीवाना" जैसे नृत्य करती नजर आती है, हालांकि इस बार उन्होंने नऊवारी साडी पहनी हैं। हुसैन ने माधुरी-मैकबुल क्रिएशन नामक सहयोगी कंपनी का गठन किया, और २००० में गज गामिनी फ़िल्म का निर्माण किया जिसमें दीक्षित ने शकुंतला और मोना लीज़ा जैसी कई भूमिकाएं निभाई थीं।[26] उन्हें विनोदपूर्वक "माधुरी फिदा हुसैन" कहा जाता था।[25]

यह गीत ४-सीडी के कलेक्टर एक्सक्लूसिव पैक ६० साल राजश्री के: ए रेट्रोस्पेक्ट में शामिल किया गया था जिसे २००६ में सा रे गा मा द्वारा जारी किया गया था।[27] २०१४ में, फ़िल्म जारी होने के बिस साल बाद भी, इस गाने को द टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा "हर मौसम का एक गीत" कहा गया था।[4]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. राजिंदर कुमार दुधरा (२००६). Bollywood: Sociology Goes To the Movies [बॉलीवुड: फ़िल्मोमें समाजशास्त्री] (अंग्रेज़ी में). सेज. पृ॰ ५७. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0761934618.
  2. के॰ नरेश कुमार (१९९५). Indian cinema: ebbs and tides [भारतीय सिनेमा: ज्वार और भाटा] (अंग्रेज़ी में). हर-आनंद पब्लिकेशन. पृ॰ १६३.
  3. किरण कुमार (२०१४). Movie Magic [फ़िल्मी जादू] (अंग्रेज़ी में). पार्टरिज प्रकाशन. पृ॰ १०. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1482822342.
  4. भट्टाचार्य, रोशमिला (२५ फरवरी २०१५). "Didi Tera Devar Deewana- A song for every season" [दीदी तेरा देवर दीवाना- हर मौसम का एक गीत]. टाइम्स ऑफ इंडिया (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि ५ सितंबर २०१५.
  5. "Twenty years on…" [बीस साल बाद ...]. द हिन्दू (अंग्रेज़ी में). १० अगस्त २०१४. अभिगमन तिथि २२ अगस्त २०१४.
  6. कामरा, दीक्षा (१६ सितंबर २०१०). "Folk inspiration for Munni Badnaam" [मुनी बदनम कि लोक प्रेरणा]. द टाइम्स ऑफ इंडिया (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि २२ अगस्त २०१४.
  7. मेनेजेस, सायरा (११ मई १९९८). "'He's A Great Artiste, Pity He's From Pakistan'" ['वह एक महान कलाकार हैं, पर दया आती है कि वो पाकिस्तान से हैं']. आउटलूक (अंग्रेज़ी में). मूल से 30 September 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 August 2014.
  8. रंजनी मजूमदार. Bombay Cinema: An Archive of the City [बंबई सिनेमा: एक शहर का पुरालेख] (अंग्रेज़ी में). मिनेसोटा विश्वविद्यालय प्रेस. पपृ॰ १२२-१२६. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1452913021.
  9. अनुपमा चन्द्रा (३१ अक्टूबर १९९४). "Music mania – Bollywood hinges on Hindi film music industry, fans soak up wacky new sounds" [संगीत उन्माद - बॉलीवुड हिंदी फिल्म संगीत उद्योग पर टिकी हुई है, प्रशंसक निराली नई आवाज़ें अपनाते हैं]. इण्डिया टुडे (अंग्रेज़ी में). मूल से 30 September 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  10. मजूमदार, निपा (२००९). Wanted Cultured Ladies Only!: Female Stardom and Cinema in India, 1930s-1950s [केवल सुसंस्कृत महिलाएं चाहिए!: १९३०-१९५० के दशक में भारत में महिला कलाकार और सिनेमा] (अंग्रेज़ी में). इलिनॉय विश्वविद्यालय प्रेस. पपृ॰ १७६. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780252034329.
  11. Mass Media in India [भारत मे मास मिडीया] (अंग्रेज़ी में). प्रकाशन विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय. २००२. पृ॰ ३१३.
  12. Dawar, Ramesh (२००६). Bollywood: Yesterday, Today, Tomorrow [बॉलिवुड: कल, आज और कल] (अंग्रेज़ी में). स्टार प्रकाशन. पपृ॰ ७२. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781905863013.
  13. रेणू सरन. 101 Hit Films of Indian Cinema [भारतीय सिनेमा की १०१ हिट फ़िल्में] (अंग्रेज़ी में). डायमंड पॉकेट बुक प्राइवेट लिमिटेड. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9789350836538.
  14. "४२वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार" (PDF). फ़िल्म समारोह निदेशालय. १९९५. पृ॰ ६०. अभिगमन तिथि ८ जून २०१७.
  15. "Trendsetting: Fashion a la Bollywood!" [ट्रेंडसेटिंग: फैशन ए ला बॉलीवुड]. डॉन (अंग्रेज़ी में). ३ दिसंबर २०११. मूल से 17 October 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  16. प्रियन्का रॉय (७ अगस्त २०१४). "HANK@20" [हआहैंकौ @ २०]. द टेलिग्राफ (अंग्रेज़ी में). मूल से 29 September 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  17. सुमोना रॉय (२३ मार्च २००२). "Making designer statements" [डिजाइनर बयान बनाना]. द ट्रिब्यून (अंग्रेज़ी में). मूल से 29 September 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  18. "10 Most talked about sarees in Bollywood" [बॉलीवुड की १० बहुचर्चित साड़ीया]. द टाइम्स ऑफ इंडिया (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  19. नमीता निवास (२ नवंबर २०१२). "Colour me purple!" [मोहे बैंगनी रंग दें!]. इंडियन एक्सप्रेस (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  20. "Bollywood's most iconic outfits that became fashion trends" [बॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित परिधान जो फ़ैशन के रुझान बने]. इंडिया टुडे (अंग्रेज़ी में). मूल से 30 September 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  21. डेरीक बोस (२००६). Everybody Wants a Hit: 10 Mantras of Success in Bollywood Cinema [हर कोई चाहता है हिट: बॉलीवुड सिनेमा में सफलता के १० मंत्र] (अंग्रेज़ी में). जैको पब्लिशिंग हाउस. पृ॰ १७७. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 8179925587. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  22. विमला पाटिल (२८ अक्टूबर २०००). "Trendy trousseau" [फैशनेबल परिधान]. द ट्रिब्यून (अंग्रेज़ी में). मूल से 29 September 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  23. रोमेश थापर (२००३). Seminar: Issues 521–532 [सेमिनार: अंक ५२१-५३२] (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  24. रंजनी गोविंद (७ अप्रैल २००३). "Tabu in Hussain film" [हुसैन कि फिल्म में तब्बू]. द हिन्दू (अंग्रेज़ी में). मूल से 30 July 2003 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  25. मधू जैन (३० नवंबर १९९५). "Painter and the showgirl" [चित्रकार और नर्तकी]. इंडिया टुडे (अंग्रेज़ी में). मूल से 30 September 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.
  26. Grover, Anil (२९ दिसंबर २००६). "Music Reviews: '60 years of Rajshri: A Retrospect'" [संगीत की समीक्षा: '६० साल राजश्री के: ए रेट्रोस्पेक्ट']. द टेलीग्राफ (अंग्रेज़ी में). मूल से 29 September 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ९ जून २०१७.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें