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नवद्वीप (बांग्ला: নবদ্বীপ) भारत के पश्चिमी बंगाल प्रदेश में नदिया जिले में भागीरथी और जलांगी नदियों के संगम पर कृष्णनगर से आठ मील पश्चिम में स्थित प्रसिद्ध नगर है। यह हिंदुओं का एक तीर्थस्थान है। १४८५ ई. में चैतन्य महाप्रभु का जन्म यहीं हुआ था। १२वीं शताब्दी में सेनवंश के राज्य की राजधानी थी। इस नगर को पहले 'नदिया' कहा जाता था। यहाँ वर्ष भर तीर्थयात्री आया करते हैं।

नवद्वीप
शहर
उपनाम: दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी, या पूर्व के ऑक्सफोर्ड
देशFlag of India.svg भारत
राज्यपश्चिम बंगाल
जिलानदिया
शासन
 • प्रणालीनगर पालिका
ऊँचाई14 मी (46 फीट)
जनसंख्या (2011)
 • कुल1,75,474
Languages
 • Officialबंगाली भाषा, अंग्रेज़ी भाषा
समय मण्डलIST (यूटीसी+5: 30)
PIN741302
Telephone code03472
वाहन पंजीकरणWB 52
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रराणाघाट
বিধানসভা কেন্দ্রनवद्वीप

अनुक्रम

वाणिज्य व उद्योगसंपादित करें

यह धातुओं के बरतन तथा मिट्टी के कलात्मक बरतनों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ गन्ना, चावल, तिलहन और पटसन का व्यवसाय होता है। यहाँ पर संस्कृत के अध्ययन के लिए अनेक प्रसिद्ध महाविद्यालय हैं।

चैतन्य महाप्रभु का जन्मस्थानसंपादित करें

श्री चैतन्य महाप्रभु की जन्मभूति नवद्वीप भगीरथी नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित है। यह पश्चिम बंगाल के नदिया जिला के मुख्यालय से मात्र 20 कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। पर्यटक कृष्णनगर से आसानी से नवद्वीप तक पहुंच सकते हैं, क्योंकि यह कृष्ण्नगर पहले नवद्वीप पर सेन वंश का शासन था। उन्होंने यहां पर अनेक मन्दिरों का निर्माण कराया था। इन मन्दिरों में द्ववादास सहिब मन्दिर प्रमुख हैं। इस खूबसूरत मन्दिर का निर्माण 1835 ई. में किया गया था। मन्दिर की दीवारों को फूलों के चित्रों से सजाया गया है जो इसकी सुन्दरता को कई गुणा बढ़ा देते हैं। इस मन्दिर में चैतन्य महाप्रभु के सुन्दर चित्रों और प्रतिमाओं के दर्शन भी किए जा सकते हैं। यहाँ इस्कॉन द्वारा निर्मित एक भव्य मन्दिर भी दर्शनीय है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें