पद्यानुवाद अनुवाद का एक प्रकार है जिसमें पद्य (कविता) में अनुवाद किया जाता है। इसमें समतुल्य अभिव्यक्ति के साथ ही मूल लेखक की शैली का भी ध्यान रखना होता है। इसलिए इसे पुनर्सर्जन भी कहा जाता है। यह माध्यम की भाषा आधारित रूपसापेक्ष अनुवाद है। यह गद्य से हो सकता है अथवा अन्य भाषाओं के पद्य से हो सकता है जैसे कि श्रीमद्‌भगवद्गीता के।श्लोकों का हरिवंश राय बच्चन द्वारा किया गया हिन्दी में श्रीहरिगीता नामक अनुवाद।

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