मुख्य मेनू खोलें

पौड़ी गढ़वाल जिला

उत्तराखण्ड का जिला
(पौड़ी गढ़वाल से अनुप्रेषित)


पौड़ी गढ़वाल भारतीय राज्य उत्तराखण्ड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय पौड़ी है। जो कि 5,440 वर्ग किलोमीटर के भौगोलिक दायरे में बसा है यह ज़िला एक गोले के रूप मैं बसा है जिसके उत्तर मैं चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल है, दक्षिण मैं उधमसिंह नगर, पूर्व में अल्मोरा और नैनीताल और पश्चिम मैं देहरादून और हरिद्वार स्थित है। पौढ़ी हेडक्वार्टर है। हिमालय कि पर्वत श्रृंखलाएं इसकी सुन्दरता मैं चार चाँद लगते हैं और जंगल बड़े-बड़े पहाड़ एवं जंगल पौढी कि सुन्दरता को बहुत ही मनमोहक बनाते हैं।

पौड़ी गढ़वाल ज़िला
—  जिला  —
उत्तराखण्ड में स्थिति
उत्तराखण्ड में स्थिति
निर्देशांक: (निर्देशांक ढूँढें)
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तराखण्ड
जनसंख्या
घनत्व
६,९७,०७८ (२००१ के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
५४३८ कि.मी²
• १६५० मीटर
आधिकारिक जालस्थल: pauri.nic.in

विवरणसंपादित करें

संपूर्ण वर्ष मैं यहाँ का वातावरण बहुत ही सुहावना रहता है यहाँ की मुख्य नदियों मैं अलखनंदा ,हेंवल और नायर प्रमुख हैं। पौढ़ी गढ़वाल की मुख्य बोली गढ़वाली है अन्य भाषा मैं हिन्दी और इंग्लिश भी यहाँ के लोग बखूबी बोलते हैं। यहाँ के लोक गीत, संगीत एवं नृत्य यहाँ की संस्कृति की संपूर्ण जगत मैं अपनी अमित चाप छोड़ती है। यहाँ की महिलाएं जब खेतों मई काम करती है या जंगलों मैं घास काटने जाती हैं तब अपने लोक गीतों को खूब गाती हैं इसी प्रकार अपने अराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए ये लोक नृत्य करते हैं। पौढ़ी गढ़वाल त्योंहारों मैं साल्टा महादेव का मेला, देवी का मेला, भौं मेला सुभनाथ का मेला और पटोरिया मेला प्रसिद्द हैं इसी प्रकार यहाँ के पर्यटन स्थल मैं कंडोलिया का शिव मन्दिर,केतुखाल में भैरोंगढ़ी में भैरव नाथ का मंदिर, बिनसर महादेव, खिर्सू, लाल टिब्बा, ताराकुण्ड, ज्वाल्पा देवी मन्दिर नील कंठ का शिव मंदिर, देवी खाल का माँ बाल कुँवारी मंदिर प्रमुख हैं। यहाँ से नजदीक हवाई अड्डा जोली ग्रांट जो की पौढ़ी से 150-160 किमी की दुरी पर है रेलवे का नजदीक स्टेशन कोटद्वार ओर ऋषिकेश है एवं सड़क मार्ग मैं यह ऋषिकेश, कोटद्वार, हरिद्वार एवं देहरादून से जुडा है।

प्रशासनसंपादित करें

जिले के प्रशासनिक मुख्यालय पौड़ी नगर में स्थित हैं। प्रशासनिक कार्यों से जिले को ६ उपखण्डों में बांटा गया है, जो आगे १२ तहसीलों और १ उप-तहसील में विभाजित हैं। ये हैं: पौड़ी उपखण्ड (पौड़ी, चौबट्टाखाल); श्रीनगर उपखण्ड (श्रीनगर); लैंसडौन उपखण्ड (लैंसडौन, सतपुली, जाखनीखाल, रिखनीखाल [उप-तहसील]), कोटद्वार उपखण्ड (कोटद्वार, यमकेश्वर); थलीसैण उपखण्ड (थलीसैंण, चाकीसैण, बीरोंखाल) और धूमाकोट उपखण्ड (धूमाकोट)। इसके अतिरिक्त, जिले को १५ विकासखंडों में भी बांटा गया है: पौड़ी, कोट, कल्जीखाल, खिर्सू, पाबौ, थलीसैंण, बीरोंखाल, नैनिडांडा, एकेश्वर, पोखड़ा, रिखनीखाल, जयहरीखाल, द्वारीखाल, दुगड्डा और यमकेश्वर। जिले में एक संसदीय क्षेत्र, और ६ उत्तराखण्ड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडौन और कोटद्वार शामिल हैं।

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

Kotdwar ko up se year 2000 Mai alag raajs jo ki uttrakhand naam ka raajs ghosit kiya gaya.Tha,jo ki uttarpradesh K bijnor (najibabaad) ki seema par se hota hua haridwar, dehradun or rishikesh ko jata h.