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बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में स्थित है। यह वर्ष 1968 में राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया था। इसका क्षेत्रफल 437 वर्ग किमी है। यहां Babh आसानी से देखा जा सकता है। यह मध्यप्रदेश का एक ऐसा राष्ट्रीय उद्यान है जो 32 पहाड़ियों से घिरा है

बान्धवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
आईयूसीएन श्रेणी द्वितीय (II) (राष्ट्रीय उद्यान)
Tigress in Bandhavgarh NP.jpg
बान्धवगढ़ में विचरती एक बाघिन, जोकि बाघिन सीता और नर चार्जर की एक वंशज है।
बान्धवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान की अवस्थिति दिखाता मानचित्र
बान्धवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान की अवस्थिति दिखाता मानचित्र
अवस्थितिमध्य प्रदेश, भारत
निकटतम शहरउमरिया
निर्देशांक23°41′58″N 80°57′43″E / 23.69944°N 80.96194°E / 23.69944; 80.96194निर्देशांक: 23°41′58″N 80°57′43″E / 23.69944°N 80.96194°E / 23.69944; 80.96194
क्षेत्रफल1,536 कि॰मी2 (593 वर्ग मील)
स्थापित1968
आगंतुक108000
शासी निकायमध्य प्रदेश वन विभाग
forest.mponline.gov.in/
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर

यह भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान हैं। बाघों का गढ़ (बांधवगढ़?) 448 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है। इस उद्यान में एक मुख्य पहाड़ है जो 'बांधवगढ़' कहलाता है। 811 मीटर ऊँचे इस पहाड़ के पास छोटी-छोटी पहाड़ियाँ हैं। पार्क में साल और बंबू के वृक्ष प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाते हैं। बाँधवगढ़ से सबसे नजदीक विमानतल जबलपुर में है जो 164 किलोमीटर की दूरी पर है। रेल मार्ग से भी बाँधवगढ़ जबलपुर, कटनी और सतना से जुड़ा है। खजुराहो से बाँधवगढ़ के बीच 237 किलोमीटर की दूरी है। दोनों स्थानों के बीच केन नदी के कुछ हिस्सों को क्रोकोडाइल रिजर्व घोषित किया गया है।

मुख्य आकर्षणसंपादित करें

किला

बाँधवगढ़ की पहाड़ी पर 2 हजार वर्ष पुराना किला बना है।

जंगल

बाँधवगढ़ का वन क्षेत्र विभिन्न प्रकार के वनस्पतियों और जन्तुओं से भरा हुआ है। जंगल में नीलगाय और चिंकारा सहित हर तरह के वन्यप्राणी और पेड़ हैं।

वन्यप्राणी

इस राष्ट्रीय उद्यान में पशुओं की 22 और पक्षियों की 250 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। हाथी पर सवार होकर या फिर वाहन में बैठकर इन वन्यप्राणियों को देखा जा सकता है।

बाहरी कडियाँसंपादित करें