युयुत्सु महाभारत का एक उज्ज्वल और तेजस्वी एक पात्र है।[1] यह पात्र इसलिए विशेष है क्योंकि महाभारत का युद्ध आरम्भ होने से पूर्व युधिष्ठिर के आह्वान पर इस पात्र ने कौरवों की सेना का साथ छोड़कर पाण्डव सेना के साथ मिलने का निर्णय लिया था। युयुत्सु का जन्म एक दासी से हुआ था। युयुत्सु दुर्योधन का सौतेला भाई था।[2][3]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. निगम, शोभा. महाभारत पर आधारित रम्य रचना व्यास-कथा.
  2. कमल किशोर गोयनका (संपा॰). अभिमन्यु अनत. मूल से 28 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 जुलाई 2013.
  3. "महाभारत के वो 10 पात्र जिन्हें जानते हैं बहुत कम लोग!". दैनिक भास्कर. २७ दिसम्बर २०१३. मूल से २८ दिसम्बर २०१३ को पुरालेखित.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें