लोरिस (Loris) भारत, श्रीलंका और दक्षिणपूर्वी एशिया में मिलने वाले लोरिनाए (Lorinae) कुल के निशाचरी (रात्रि में सक्रीय) नरवानर प्राणी होते हैं।[1]

लोरिस
Loris
Smit.Faces of Lorises.jpg
विभिन्न लोरिसों के मुख
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: जंतु
संघ: रज्जुकी (Chordata)
वर्ग: स्तनधारी (Mammal)
गण: नरवानर (Primate)
उपगण: स्ट्रेपसिराइनी (Strepsirrhini)
अधःगण: लीमरिफ़ोर्मीस (Lemuriformes)
अधिकुल: लोरिसोइडेआ (Lorisoidea)
कुल: लोरिसिडाए (Lorisidae)
उपकुल: लोरिनाए (Lorinae)
वंश

लोरिस वनों में रहते हैं और धीमी गति से पेड़ों पर चलते हैं। कुछ लोरिस जातियाँ केवल कीट खाती हैं जबकि अन्य फल, वृक्षों के छाल से निकलने वाला गोंद, पत्ते और घोंघे खाती हैं।[2] मादा लोरिस पेड़ों पर घर बनाकर उनमें अपने शिशु छोड़कर खाने के लिये निकलतीं हैं। इसके लिये वे अपने बच्चों को अपनी कोहनियों के भीतरी भाग चाटने के बाद चाटती हैं। उनकी कोहनियों के पीछे के क्षेत्र में एक हल्का विष बनता है जो शिशुओं के बालों में फैल जाता है और परभक्षियों को उन्हें खाने से रोकता है।[2] कुछ क्षेत्रों में इसके बावजूद भी ओरंग उतान इनके शिशुओं को खा लेते हैं।[3]

विवरणसंपादित करें

लौरिस निशाचर जीव है। यह भारत, श्री लंका तथा दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य भागों के उष्णकटिबंधीय वनों में पाये जाते हैं। लौरिस की चाल धीमी और सतर्क सी दिखती है और वृक्षारोहण में चौपायों का इस्तेमाल होता है।

भोजनसंपादित करें

कुछ लौरिस केवल कीटभक्षी होते हैं जबकि कुछ अपने आहार में फल, गोंद, पत्तियाँ और घोंघे इत्यादि सम्मिलित कर लेते हैं।[4]

व्यवहारसंपादित करें

मादा लौरिस अपने बच्चों को छोड़कर भोजन की तलाश में निकलती हैं, लेकिन जाने से पहले अपने ऍलर्जी भरे थूक से उनको चाट कर जाती हैं जिससे परभक्षी बच्चों से दूर ही रहें। लेकिन ऐसा देखा गया है कि फिर भी ओरांगूटान लौरिस को खा लेता है।[5]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Groves, C.P. (2005). Wilson, D.E.; Reeder, D.M., eds. Mammal Species of the World: A Taxonomic and Geographic Reference (3rd ed.). Baltimore: Johns Hopkins University Press. pp. 121–123. OCLC 62265494. ISBN 0-801-88221-4.
  2. Jurmain; एवं अन्य (2008). "Introduction to Physical Anthropology".
  3. "Orangutan Ecology | Orangutan Foundation International". Orangutan.org. अभिगमन तिथि 2014-01-14.
  4. Jurmain et al (2008). Introduction to Physical Anthropology.
  5. Orangutan Facts