शूरसेन पौराणिक कथाओं में वर्णित मथुरा के एक शूरसैनी शासक थे ।[1]

[2] शूरसेन महाजनपद प्राचीन भारत के 16 महाजनपदो में से एक था, इसकी राजधानी मथुरा थी और यह कुरु महाजनपद के दक्षिण में स्थित था । बौद्ध ग्रंथों के अनुसार अवंतिपुत्र यहाँ का राजा था। पुराणों में मथुरा के राजवंश को "शूरसैनीवंश" कहा गया है। अपने ज्ञान, बुद्धि और "वैभव" के कारण यह नगर अत्यन्त प्रसिद्ध था।


बौद्ध ग्रंथों में साफ उल्लेख किया गया है कि शूरसेन महाजनपद के अपनी मुद्राएं हुआ करती थी , शूरसेनी अपनी भाषा हुआ करती थी और अपनी खुद की सेना हुआ करती थी । सम्राट शूरसेन की सेना का नाम " शूरसेना " था , बौद्ध ग्रंथों के अनुसार इस सेना ने महाभारत के युद्ध में बड़ी भूमिका निभाई थी और इसी सेना को शूरसैनी राजा श्री कृष्ण की सेना भी कहा गया था , जो कि उन्हें उनके दादा " सम्राट शूरसेन " से विरासत में मिली थी ।

वाल्मीकि रामायण संपादित करें

  • शूरसेन ने पुरानी मथु के स्थान पर ,नई नगरी बसाई थी जिसका वऔर णन वाल्मीकि रामायण के उत्तरकांड में ह ै ।
  • शूरसेन-जनपदीयों का नाम भी वाल्मीकि रामायण में,आया है- 'तत्र म्लेच्छान्पुलिंदां" श् च सूरसेन" ांस" ्तथैव च, प्रस्थलान् भरतांश्चैय कुरूंश्च यह मद्रकै:'।
  • वाल्मीकि रामायण में मथुरा को शूरसेना कहा गया है:-'भविष्यति पुरी रम्या शूरसेना न संशय:'.
  • महाभारत में शूरसेन-जनपद पर सहदेव की विजय का उल्लेख है- 'स शूरसेनान् कार्त्स्न्येन पूर्वमेवाजयत् प्रभु:, मत्स्यराजंच कौरव्यो वशेचक्रे बलाद् बली'।
  • कालिदास ने रघुवंश में शूरसेनाधिपति सुषेण का वर्णन किया है- 'सा शूरसेनाधिपतिं सुषेणमुद्दिश्य लोकान्तरगीतकीर्तिम्, आचारशुद्धोभयवंशदीपं शुद्धान्तरक्ष्या जगदे कुमारी'।
  • इसकी राजधानी मथुरा का उल्लेख कालिदास ने इसके आगे रघुवंश में किया है।
  • श्रीमद् भागवत में यदुराज शूरसेन का उल्लेख है जिसका राज्य शूरसेन-प्रदेश में कहा गया है।
  • मथुरा उसकी राजधानी थी- 'शूरसेना यदुपतिर्मथुरामावसन् पुरीम्, माथुरान्छूरसेनांश्च विषयान् बुभुजे पुरा, राजधानी तत: साभूत सर्वयादभूभुजाम्, मथुरा भगवान् यत्र नित्यं संनिहितों हरि:'।
  • विष्णु पुराण में शूरसेन के निवासियों को ही संभवत: शूर कहा गया है और इनका आभीरों के साथ उल्लेख है- 'तथापरान्ता: सौराष्ट्रा: शूराभीरास्तथार्बुदा:'।

इन्हें भी देखें संपादित करें

  1. "SAINI CASTE HISTORY". sites.google.com. अभिगमन तिथि 2024-05-30.
  2. "SAINI CASTE HISTORY". www.sainicaste.com. अभिगमन तिथि 2024-05-28.