मुख्य मेनू खोलें

विकि पर हिन्दी में कार्य करने वालो ! आप लोग बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। पर अच्छे की कोई सीमा नहीं होती।

इस पथ का उद्देश्य नहीं है श्रान्त भवन में टिक जाना
किन्तु पहुँचना उस सीमा तक, जिसके आगे राह नहीं।। -(जयशंकर प्रसाद)
अच्छे को और अच्छा बनाने के लिए तटस्थ आलोचना का भी बहुत महत्व है। मेरी टीका टिप्पणी को आप लोग सकारात्मक रूप में लें। कहा भी गया है--

निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छबाय ।
बिन पानी साबुन बिना, निर्मल होत सुभाय ।।
--आलोचक ०४:१५, २५ अप्रैल २००९ (UTC)


फर्रुखाबाद जिले के गाँव

कृषि के औजारसंपादित करें

संगीत की विभिन्न तालेंसंपादित करें

भारतीय संगीत की विभिन्न तालों में- धम्मार, रूपक, झपताल, चैताल, तीन ताल, दादरा आदि प्रमुख हैं।