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सलाखें (1975 फ़िल्म)

हिन्दी भाषा में प्रदर्शित चलवित्र

संक्षेपसंपादित करें

राजू (शशि कपूर) और गुड्डी (सुलक्षणा पंडित) बचपन के पडोसी है और उनमें गहरी दोस्ती है| डकैती के एक सिलसिले में राजू के पिता को गिरफ्तार करने आये पुलिस के साथ हुई एक लड़ाई में दोनों बिछड़ जाते है| बड़ी होकर गुड्डी एक रंगमंच कलाकार बनती है तो वहाँ राजू एक जुआँरी व चोर बनता है| कई साल बाद, राजू (चंदर कहलाता है) व गुड्डी (सीमा कहलाती है) मिलते है और उनमे प्यार होता है| दोनों बचपन की दोस्ती से अंजान है| सीमा किसी पूजा के सिलसिले में अपने गाँव जाती तो चंदर भी अपने काम से वहीँ जाता है| क्या दोनों बचपन की दोस्ती को पहचान पाते है?

चरित्रसंपादित करें

मुख्य कलाकारसंपादित करें

दलसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

गीत गायक गीतकार समय
"चल चल कहीं अकेले में" सुलक्षणा पंडित देव कोहली 1:44
"चल चल कहीं अकेले में" सुलक्षणा पंडित, हेमलता देव कोहली 6:39
"मज़े उड़ालो जवानी रहे न रहे" आशा भोसले हसरत जयपुरी 5:56
"मेरे देखके लंबे बाल" आशा भोसले हसरत जयपुरी 5:47
"सीमा सीमा सीमा" किशोर कुमार, आशा भोसले रविन्द्र जैन 5:51

रोचक तथ्यसंपादित करें

परिणामसंपादित करें

बौक्स ऑफिससंपादित करें

समीक्षाएँसंपादित करें

नामांकन और पुरस्कारसंपादित करें

उल्लेखसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें