पालडी भारत के राजस्थान राज्य के जालौर ज़िले में स्थित एक नगर है।[1][2]

पालडी नामक 1 प्रसिद्ध गांव है इस गांव की स्थापना 1906 मैं हुई थी इस गांव का नाम पालडी इसलिए रखा गया। यहां पर एक से ज्यादा तालाब है और उस तालाबों के चारों ओर पाल बनाई गई है इस गांव में सबसे ज्यादा पाल होने के कारण इस गांव का नाम पालडी रखा गया। 1906 वहां के कुछ व्यक्तियों ने इस गांव का गठन किया और पालडी ही नाम रखने का निर्णय किया। 1906 से

लेकर आज तक इस गांव का नाम पालड़ी चला आ रहा है



इस गांव में पांच प्रकार के समाज की जातियां रहती हैं 1. जोशी (राजपुरोहित) 2. राजपूत (राजपूताना) 3. बिश्नोई 4. भिल sst 5. मेघवाल. इस गांव के एक और खास बात है कि इसमें श्री भगवान नकलंग देव का मंदिर स्थित है इस मंदिर में पूरे गांव की श्रद्धा बस्ती है क्योंकि जब 2015 में गांव में बाढ़ पूर्ण तरह आ चुकी थी तब नकलंग देव की कृपा हुई थी और बाढ़ को आने से रोक लिया गया। उसके बाद बाढ़ भगवान नकलंग देव ने रोक ली उसकी वजह से गांव वालों ने मिलके पूरे गांव को खाना खिलाया और नकलंग देव को प्रसाद चढ़ाई । समस्या। इस गांव मैं पानी की बहुत समस्या थी जब 2004 में एक याचिका दायर की गई थी इस गांव में पानी की बहुत समस्या है सब 2006 में नर्मदा नहर का निर्माण हुआ और गांव की समस्या का हल हुआ।

मंदिर


।।।। इस गांव में कुल 9 मंदिर है 1. नकलंग देव 2. मम्मा देवी 3. कुलदेवी 4. आजनी माता 5. खेतला देव जी 6. गोगा देव जी 7. रामापिर 8. रामदेव जी 9. जुजार देव जी

इतिहाससंपादित करें

सांचौर राजस्थान का एक एतिहसिक कस्बा है। यह प्राचीनकाल मे 'सत्यपुर' के नाम से जाना जाता था। प्राकृत ग्रंथों में इसे ,'सच्चउर' कहा गया है।

'वंदे सत्यपुरे च बाहडपुरे राडद्रहे बायडे'

जैन धर्म में महत्वसंपादित करें

प्राचीन काल में सत्यपुर जैनों का महत्वपूर्ण स्थान था। इसका जैन ग्रंथ ‘विविधतीर्थ कल्प’ में जैनतीर्थ के रूप में वर्णन है। जैन स्तोत्र 'तीर्थमालाचैत्यवंदन' और महावीर स्वामी के शिष्य द्वारा रचित 'जगचिंतामणि चैत्यवंदन' में भी इसका नामोल्लेख है। जैन तीर्थंकर महावीर का एक प्राचीन मन्दिर यहाँ स्थित है। 'विविधतीर्थ कल्प' के अनुसार यहां 24वें तीर्थंकर महावीर का एक मंदिर था, जिसे किसी मुसलमान सुल्तान ने गुजरात पर आक्रमण के समय तोड़ना चाहा था। मालवा के राजा ने भी सत्यपुर पर आक्रमण किया था, किंतु उसकी सेना को 'ब्रह्मशांति' नामक यक्ष ने परास्त कर दिया था और इस प्रकार सत्यपुर की रक्षा हुई थी।




  • •सांचोरे मे गोगाजी की ओलडि प्रसिद है।

जो किलोरियो की ढाणि में है। ये एक ऐतियासिक स्थल है।

यातायातसंपादित करें

भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग 68 यहाँ से गुज़रता है। सभी ब्लॉक मुख्यालय बस सेवा द्वारा जुड़े हुए हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन भीनमाल और रानीवाड़ा हैं, जो क्रमशः 60 और 40 km दूर है ।

व्यापारसंपादित करें

यह पर लोगो का मुख्य कार्य कृषि है । और यहां रीको एरिया माखपुर में बड़े बड़े स्टील, लोहे,व पानी के RO प्लांट भी है।यहां पर बाबा रघुनाथपुरी मेला माखपुरा भी विख्यात है।यह पर पूरे राजस्थान से पशुपालक ऊंट,बेल,घोड़े आदि बेचने व खरीदने आते है।यह मेला हर साल चेत्र महीने में लगता है।

प्रमुख व्यक्तिसंपादित करें

  • देवजी एम पटेल वर्तमान सासंद
  • सुखराम विश्नोई विधायक एवम वन एवं पर्यावरण मंत्री तथा खाद्य व उपभोक्ता मामले स्वतन्त्र प्रभार राजस्थान सरकार
  • जीवाराम चौधरी पूर्व विधायक भाजपा, निर्दलीय
  • हीरालाल विश्नोई पूर्व विधायक कांग्रेस
  • देव देसाई फिल्म निर्माता और निर्देशक

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332
  2. "Berlitz Pocket Guide Rajasthan," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990