अजमेर

राजस्थान के मध्य में स्थित एतिहासिक नगर

अजमेर राजस्थान प्रान्त के मध्य में स्थित एक महानगर व एतिहासिक शहर है। यह इसी नाम के अजमेर संभाग व अजमेर जिला का मुख्यालय भी है। अजमेर अरावली पर्वत श्रेणी की तारागढ़ पहाड़ी की ढाल पर स्थित है। यह नगर सातवीं शताब्दी में अजयराज सिंह नामक एक चौहान राजा द्वारा बसाया गया था। इस नगर का मूल नाम 'अजयमेरु' था। सन् 1365 में मेवाड़ के शासक, 1556 में अकबर और 1770 से 1880 तक मेवाड़ तथा मारवाड़ के अनेक शासकों द्वारा शासित होकर अंत में 1881 में यह अंग्रेजों के आधिपत्य में चला गया।

अजमेर
अजयमेरू[1]
महानगर
अजमेर
मेयो कॉलेज, अजमेर
अजमेर की भारत के मानचित्र पर अवस्थिति
अजमेर
अजमेर
अजमेर की राजस्थान के मानचित्र पर अवस्थिति
अजमेर
अजमेर
निर्देशांक: 26°27′00″N 74°38′24″E / 26.4499°N 74.6399°E / 26.4499; 74.6399निर्देशांक: 26°27′00″N 74°38′24″E / 26.4499°N 74.6399°E / 26.4499; 74.6399
देशभारत
राज्यराजस्थान
संभागअजमेर संभाग
जिलाअजमेर
संस्थापकअजयराज प्रथम या अजयराज द्वितीय
नाम स्रोतअजयराज प्रथम या अजयराज द्वितीय
शासन
 • सभाअजमेर विकास प्राधिकरण (ADA), अजमेर नगर निगम (AMC)
ऊँचाई480 मी (1,570 फीट)
जनसंख्या (2011)[2]
 • महानगर542,321
 • महानगर551,101
समय मण्डलIST (यूटीसी+5:30)
पिन305001 to 305023
Telephone code0145, +91145
वाहन पंजीकरणRJ-01(अजमेर)

RJ-36 (ब्यावर)
RJ-42 (किशनगढ़)

RJ-48 (केकड़ी)
वेबसाइटwww.ajmer.rajasthan.gov.in
अजमेर का पहाड़ी द्श्य

1236 ईस्वी में निर्मित, तीर्थस्थल ख्वाजा मोइन-उद दीन चिश्ती, एक प्रसिद्ध फारसी सुफी संत को समर्पित है। अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के खादिम भील पूर्वजों के वंशज हैं। 12 वीं सदी की कृत्रिम झील आना सागर एक और पसंदीदा पर्यटन स्थल है जिसका महाराजा अना द्वारा निर्माण करवाया गया था।

अजमेर दुनिया के सबसे पुराने पहाड़ी किलों में से एक है – तारगढ़ किला जो चौहान राजवंश की सीट थी। अजमेर जैन मंदिर (जो सोनजी की नसीयाँ के नाम से भी जाना जाता है) अजमेर में एक और पर्यटन स्थल है।

आनासागर झील.jpg

तबीजी में यहां पर देश के प्रथम बीजीय मशाला अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई ।

इतिहाससंपादित करें

अजमेर शहर की स्थापना 7 वीं सदी में राजा अजय पाल चौहान ने की थी। चौहान वंश की  मजबूत पकड़ 1195 में अजमेर में बनी रही, जब तक मोहम्मद ग़ोरी नामक एक अफगान शासक ने आखिरी चौहान सम्राट को हराया। उस समय तक अंतिम चौहान सम्राट पृथ्वीराज चौहान थे। उसके बाद से तेजी से बदलते सम्राटों के बाद से अजमेर को अराजक काल का सामना करना पड़ा था।[3]

अंत में, 1556 में, मुगल सम्राट अकबर ने अजमेर जीता और अजमेर को राजस्थान राज्य में अपने सभी अभियानों के मुख्य मुख्यालय के रूप में इस्तेमाल किया। मुगलों की गिरावट के बाद, अजमेर शहर का नियंत्रण मराठों को पारित कर दिया गया है, खासकर ग्वालियर की सिंधियां

भूगोलसंपादित करें

अजमेर, राजस्थान के केंद्र में में स्थित जिला है जो  पूर्वी ओर से जयपुर और टोंक के जिलों और पश्चिमी तरफ पाली से घिरा हुआ है।

दर्शनीय स्थल तथा स्मारकसंपादित करें

शहर अपने कई पुराने स्मारकों जैसे कि तेजगढ़ किला, अढ़ाई-दीन का-झोंपरा, मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और जैन मंदिर पुष्कर झील, ब्रह्मा मंदिर आदि के लिए प्रसिद्ध है। भारत के नक्शे में अजमेर की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐतिहासिक अजमेर भारत और विदेश से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। अजमेर धर्म और संस्कृतियों की परंपराओं के साथ रहता है। कुछ प्रसिद्ध स्थान:

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Majumdar, R.C. Volume 5: The Struggle for Empire. Bharatiya Vidya Bhavan. पृ॰ 107.
  2. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; c2011-c82 नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  3. "अजमेर का स्थापना दिवस आज... 1112 में अजय राज चौहान ने रखी थी गढ़ अजयमेरू की नींव / अजमेर का स्थापना दिवस आज... 1112 में अजय राज चौहान ने रखी थी गढ़ अजयमेरू की नींव". भास्कर.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें