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निर्देशांक: 28°37′N 76°39′E / 28.62°N 76.65°E / 28.62; 76.65 हरियाणा में स्थित झज्जर बहुत सुन्दर पर्यटन स्‍थल है। यह दिल्ली से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

झज्जर
—  city  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य हरियाणा
ज़िला झज्जर
जनसंख्या 39,004 (2001 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 220 मीटर (722 फी॰)

झज्‍जर की स्थापना छज्जु नाम के एक जाट ने की थी। पहले इसका नाम 'छज्जु नगर' था लेकिन बाद में यह झज्जर हो गया। इसके अलावा यहां की झज्ज्री (सुराही) बहुत मशहूर थी तो भी इसका नाम झज्जर पडा। झझर-360 गाँव की प्रधानी:-दिवान पंडित राम रिछपालसिंह अत्रि के दशोरी काज के समय जब इनके वंशजो ने रियासत के भाईचारे को इकठ्ठा किया था, उसी पंचायत में दिवान परिवार को झझर-360 गाँव की प्रधानी दी गई थी।इस एरिया का ये प्रथम देशोरी काज माना जाता है, उस जमाने में 7 दिन तक इस आयोजन की कढ़ाई चढ़ी थी।👑झझर-360 के पहले प्रधान पंडित दिवानजीलाल अत्रि👑 हुए हैं। झझर-360 की प्रधानी प्राचीन परंपरा के अनुसार झझर के अत्रि ब्राह्मणों के पास 7 पीढ़ी से चली आ रही है। अब तक जानकारी के अनुसार उतर भारत में ये पहली 360-गाँव की प्रधानी है, जो ब्राह्मणों को मिलने का गौरव प्राप्त हुआ है।360 की प्रधानी के कारण परिवार को "चौधरी की उपाधि" भी मिली थी।वर्तमान समय में झझर-360  के प्रधान दिवान पं० सुभाष अत्रि जी हैं, जो शहर के धार्मिक, सामाजिक, राजनितिक रूप से रसुखदार व्यक्ति हैं। झज्जर के दो मुख्य शहर बहादुरगढ़ और बेरी है। बहादुरगढ़ की स्थापना राठी जाटों ने की थी। पहले बहादुरगढ़ को सर्राफाबाद के नाम से जाना जाता था। पिछले दिनों बहादुरगढ़ का तेजी से औद्योगिकरण हुआ है। बेरी इसका दूसरा मुख्य शहर है। यहां भीमेश्वरी देवी का प्रसिद्ध मन्दिर है। इस मन्दिर में पूजा करने के लिए देश-विदेश से पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं। मन्दिरों के अलावा पर्यटक यहां पर भिंडावास पक्षी अभ्यारण घूमने भी जा सकते हैं।

मुख्य आकर्षणसंपादित करें

भिंडावास पक्षी अभ्यारणसंपादित करें

भिंडावास पक्षी अभ्यारण झज्जर से 15 कि॰मी॰ की दूरी पर है। दिल्ली से भी पर्यटक मात्र 3 घंटे में आसानी से अभ्यारण तक पहुंच सकते हैं। इस अभ्यारण में 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों को देखा जा सकता है। इन पक्षियों में स्थानीय और प्रवासी दोनों होते हैं। यहां पर एक झील का निर्माण भी किया गया है। यह झील बहुत सुन्दर है। पर्यटक इस झील के किनारे सैर का आनंद ले सकते हैं और इसके खूबसूरत दृश्यों को कैमरे में कैद भी कर सकते हैं। यह अभ्यारण लगभग 1074 एकड़ में फैला हुआ है।

भीमेश्वरी देवी मन्दिरसंपादित करें

झज्‍जर के बेरी गांव में पर्यटक भीमेश्वरी देवी मन्दिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। यह मन्दिर महाभारत काल का है। नवरात्रि में यहां पर मेले का आयोजन भी किया जाता है। स्थानीय लोगों में इस मन्दिर के प्रति बड़ी श्रद्धा है। इनके अलावा देश-विदेश से भी पर्यटक इस मन्दिर में पूजा करने के लिए आते हैं।

बुआ का गुम्बदसंपादित करें

झज्‍जर में स्थित बुआ का गुम्बद बहुत खूबसूरत है। इसका निर्माण मुस्तफा कलोल की बेटी बुआ ने कराया था। उन्होंने इसका निर्माण अपने प्रेमी की याद में कराया था। गुम्बद के पास ही एक तालाब का निर्माण भी किया गया है। वह दोनों इसी तालाब के पास मिलते थे।

संग्रहालयसंपादित करें

झज्‍जर में पर्यटक संग्रहालय देख सकते हैं। यह हरियाणा का सबसे बड़ा संग्रहालय है। इसका निर्माण 1959 ई. में किया गया था। संग्रहालय के निर्देशक स्वामी ओमानंद सरस्वती ने पूरे विश्व से वस्तुएं एकत्र करके संग्रहित की हैं। उन्हीं के कठिन परिश्रम के फलस्वरूप पर्यटक यहां पर रोमन, यूनानी, गुप्त, पाल, चोल, गुजर, प्रतिहार, चौहान, खिलजी, तुगलक, लेड़ही और बहमनी वंश के सिक्के व कलाकृतियां देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पर नेपाल, भूटान, श्रीलंका, चीन, पाकिस्तान, जापान, थाईलैंड, बर्मा, रूस, कनाडा, आस्ट्रेलिया, फ्रांस और इंग्लैंड आदि देशों की मुद्राएं भी देखी जा सकती हैं।

 
झज्जर स्थित १०१ फुट ऊँची शिव की मूर्ति

सन्दर्भसंपादित करें


बाहरी कड़ियाँसंपादित करें