निर्देशांक: 27°50′49″N 75°16′16″E / 27.846817°N 75.271146°E / 27.846817; 75.271146 नवलगढ (राजस्थानी: नौलगढ) राजस्थान में झुन्झुनू जिले की तहसील है। यह 15 किलोमीटर (49,000 फीट) मुकुंदगढ़ के दक्षिण में और 10 किलोमीटर (33,000 फीट) डुण्डलोद से दूर पड़ता है। नवलगढ के सीमावर्ती गाँव उत्तर में मोहब्बतसर,चेलासी,चेलासी ढ़हर,नवलड़ी,पूर्व में सैनीनगर,बिरोल दक्षिण में झाझड़,बेरीऔर पश्चिम में बिडो़दी बड़ी हैं तथा कस्बा उत्तर में डुण्डलोद, है। नवलगढ़ यह एक रेलवे-स्टेशन भी है।

नवलगढ
—  क़स्बा  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य राजस्थान
Nawalgarh Nagarpalika Nawalgarh Nagarpalika
जनसंख्या 58,346 (India's No। 1। Beautiful Look Nagarpalika) (20011[1] के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 150 ft. मीटर

इतिहाससंपादित करें

ठाकुर नवल सिंह जी बहादुर (शेखावत) ने 1737 ई. में नवलगढ़ की स्थापना थी। मारवाड़ी समुदाय के कई महान व्यापारिक परिवार नवलगढ़ मूल के है। नवलगढ़ उच्च दीवारों (परकोटा) और अलग अलग दिशाओं में चार परास्नातक (फाटकों), अगूना दरवाजा, बावड़ी दरवाजा (उत्तर में), मंडी दरवाजा और नानसा दरवाजा से मिलकर सुसज्जित घेरे में सुरक्षित किया गया था।

नगर-सरकारसंपादित करें

अर्थव्यवस्थासंपादित करें

परिवहनसंपादित करें

क़स्बानुमा नवलगढ़ शहर सीकर एवं झुंझनू ज़िला मुख्यालय से लगभग समान दूरी पर स्थित है। यह झुंझनू से क़रीब 39 किलोमीटर दूर है, जबकि सीकर से मात्र 30 किलोमीटर। जयपुर, दिल्ली, अजमेर, कोटा और बीकानेर से यह सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है। जयपुर यहां से क़रीब 160 किलोमीटर है, जबकि राजधानी दिल्ली क़रीब 225 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जयपुर-लुहारू मार्ग पर स्थित नवलगढ़ ब्रॉडगेज रेल लाइन से जुड़ा हुआ है। हेरिटेज ऑन व्हील्स, यह एक लक्ज़री टूरिस्ट ट्रेन है, जो नवलगढ़ और शेखावाटी को क़रीब से देखने का अवसर प्रदान करती है।

पर्यटनसंपादित करें

 
Nawalgarh Poddar College Tower

नवलगढ़ का किला, रूप निवास पैलेस, शीशमहल, पोद्दार कॉलेज टावर, लक्ष्मी नृसिंह मंदिर और गोपीनाथ जी मंदिर दर्शनीय आकर्षण हैं।

हवेलियाँसंपादित करें

शेखावाटी के राजपूत किलों एवं हवेलियों में बनी सुंदर फ्रेस्को पेंटिंग्स दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। इसी के चलते शेखावाटी अंचल को राजस्थान के ओपन आर्ट गैलरी की संज्ञा दी जाती है। 1830 से 1930 के दौरान व्यापारियों ने अपनी सफलता और समृद्धि को प्रमाणित करने के उद्देश्य से सुंदर एवं आकर्षक चित्रों से युक्त हवेलियों का निर्माण कराया। इनमें भगतों की हवेली, छोटी हवेली, परशुरामपुरिया हवेली, छाउछरिया हवेली, सेकसरिया, मोरारका की हवेली एवं पोद्दार हवेली आदि प्रमुख हैं। हवेलियों के रंग शानों-शौकत के प्रतीक बने। समय गुजरा तो परंपरा बन गए और अब तो विरासत का रूप धारण कर चुके हैं। कलाकारों की कल्पना जितना उड़ान भर सकती थी, वह सब इन हवेलियों की दीवारों पर आज देखने को मिल जाता है।

होटल एवं गेस्ट हाऊससंपादित करें

नवलगढ़ में ठहरने के लिए शानदार होटल एवं गेस्ट हाऊस उपलब्ध हैं। इनमें रूपनिवास पैलेस, होटल अपणी ढाणी, होटल सिटी पैलेस, नवल होटल, तीज होटल आदि प्रमुख हैं।

शिक्षासंपादित करें

 
Nawalgarh Poddar College

शेखावाटी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। पिलानी, लक्ष्मणगढ़ और नवलगढ़ ने शैक्षिक परिदृश्य को संवारने का काम किया है। राजस्थान के सबसे पहले महाविद्यालय सेठ ज्ञानीराम बंसीधर पोदार महाविद्यालय, नवलगढ़ की स्थापना यहां 1921 में हुई थी। स्वयं महात्मा गांधी जी इस कॉलेज के ट्रस्टी थे। नवलगढ़ में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल के अलावा पॉलीटेक्निक एवं डुण्डलोद इंजीनियरिंग कॉलेज भी है।

साथ ही यहां एक सरकारी कॉलेज भी है

धर्म और समारोहसंपादित करें

सभी प्रमुख हिंदू और मुस्लिम त्योहारों को मनाते हैं। प्रमुख हिंदू त्यौहारों में से कुछ हैं : होली, दीपावली, मकर संक्रांति, रक्षाबंधन, सावन, तीज और गौगा, सहकर्मी, गणगौर आदि।

भौगोलिक स्थितिसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

चित्र दीर्घासंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "संग्रहीत प्रति". Archived from the original on 5 अक्तूबर 2013. Retrieved 7 जुलाई 2012. Check date values in: |access-date=, |archive-date= (help)
  2. "Pin code search option, भारत Post". Archived from the original on 20 मई 2012. Retrieved 2011-12-30. Unknown parameter |publisher Beedsar= ignored (help); Check date values in: |archive-date= (help)

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें