प्रीतम

भारतीय संगीतकार

प्रीतम चक्रबोर्ती (चक्रवर्ती) (बंगाली : প্রীতম চক্রবর্ত্তী ) जिन्हें प्रीतम के नाम से बेहतर जाना जाता है, ( 14 जून 1971 ) बॉलीवुड फिल्मों के एक प्रख्यात भारतीय संगीत निर्देशक, संगीतकार, गायक, वादक और रिकार्ड निर्माता है जो वर्तमान में मुम्बई में रहते हैं।। लगभग डेढ़ दशकों में फैले कैरियर में, प्रीतम ने सौ से अधिक बॉलीवुड फिल्मों के लिए संगीत रचना की है। कई शैलियों को कवर कर चुके प्रीतम भारत में सबसे बहुमुखी संगीत संगीतकारों में से एक हैं। वह 2 फिल्मफेयर पुरस्कार, 4 जी सिने अवार्ड्स, 3 स्टार स्क्रीन पुरस्कार, 3 आईफा पुरस्कार और कई अन्य पुरस्कार जीत चुके हैं।

प्रीतम

प्रारंभिक जीवन

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प्रीतम का जन्म कोलकाता में एक बंगाली परिवार में हुआ था। प्रीतम, प्रबोध चक्रवर्ती के पुत्र हैं जो बच्चों के लिए एक संगीत विद्यालय चलाते हैं। प्रीतम ने संगीत में अपना प्रारंभिक प्रशिक्षण अपने पिता से प्राप्त किया और वे स्कूल में रहते हुए ही गिटार बजाना सीख गए थे।

सेंट जेम्स स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा और प्रेसीडेंसी कॉलेज से अपने कॉलेज की शिक्षा पूरी करने के बाद, वे एक संगीत स्कूल चले गए। प्रेसीडेंसी में वे, इंडीपेंडेंट कंसोलिडेशन (IC) द्वारा संचालित छात्र संघ के सामाजिक सेवा सचिव थे। प्रीतम एक बांग्ला बैंड, चन्द्रबिन्दु में शामिल हो गए। उससे पहले उन्होंने प्रेसीडेंसी के अपने सहपाठियों के साथ एक अन्य बैंड का गठन किया था, जिसका नाम था "जोतुग्रिहेर पाखी". उन लोगों के नाम उस समय एक कैसेट जारी करने का भी श्रेय है। जनवरी 1993 में, प्रीतम ने, साउंड रिकॉर्डिंग और साउंड इंजीनियरिंग के एक कोर्स के लिए पुणे में फिल्म और टेलीविजन संस्थान में दाखिला लिया। इस दौरान, हंगरी के फिल्म निर्माता इस्तवान गाल की फिल्म के लिए उन्हें पृष्ठभूमि संगीत की रचना करने का मौका प्रदान किया गया। उन्होंने संगीत सिद्धांत, स्वर-संगति और रचना की शिक्षा एथनोम्युज़िकोलोजिस्ट और ख़याल गायक वॉरेन सेंडर्स से ली, साथ ही साथ सेंडर्स और संगीत विज्ञानी केदार अवती से अफ्रीकी संगीत के सिद्धांतों का अल्प ज्ञान भी हासिल किया।

अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, प्रीतम चक्रबोर्ती बॉलीवुड में करियर बनाने के लिए मुंबई चले गए। मुंबई में रहने के दौरान उन्होंने विज्ञापनों के लिए जिंगल रचना शुरू की और अन्य युवा लोगों के साथ उनके दोस्ताना सम्बन्ध विकसित हुए जो उस समय सफलता के लिए संघर्ष कर रहे थे, जैसे शांतनु मोइत्रा, राजकुमार हिरानी, संजय गधवी और चन्द्रजीत गांगुली, जिन्हें जीत के रूप में भी जाना जाता है, जो अनूप जलोटा के साथ गिटार बजाते थे।

प्रीतम को पहला मौका तब मिला जब गधवी को तेरे लिये निर्देशित करने के लिए अनुबंधित किया और उन्होंने बदले में अपने मित्र जीत और प्रीतम को संगीत निर्देशक के रूप में हस्ताक्षरित किया। हालांकि इसके संगीत को अच्छी स्वीकार्यता मिली, परंतु यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई। हालांकि, 2002 में यशराज फिल्म्स ने गधवी को मेरे यार की शादी है निर्देशित करने के लिए हस्ताक्षरित किया, इस फिल्म के लिए जीत-प्रीतम की जोड़ी ने एक बार फिर संगीत रचना की. उस फिल्म के सभी गाने लोकप्रिय हुए और दोनों को बड़ी सफलता मिली. उनके संगीत में भारतीय शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी प्रभाव सहित विभिन्न शैलियों का मिश्रण है। इसके बाद प्रीतम ज़ी टीवी की गायन प्रतियोगिता के कार्यक्रम सा रे गा मा पा चैलेंज 2009 पर नई प्रतिभाओं को संवारने और निर्णय देने के लिए सक्रिय रूप में शामिल रहे.

एकल करियर

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जीत और प्रीतम ने, मित्रतापूर्वक अलग होने से पहले एक और फिल्म में एक साथ काम किया जो थी मुद्दा-द इश्यु . अलगाव के बाद, संगीतकार प्रीतम का एकल करियर ठहर गया क्योंकि उन्होंने फ्लॉप फिल्मों की श्रृंखला को हस्ताक्षर किया फंटूश - ड्यूड्स इन द 10th सेंचुरी और अग्निपंख . ये फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर डूब गईं और इसके साथ प्रीतम का संगीत भी. हालांकि, 2004 में, प्रीतम ने संजय गधवी की दूसरी फिल्म धूम के लिए संगीत रचना की जो अत्यंत सफल हुई. फिल्म ने अच्छा व्यवसाय किया और इसका संगीत चार्ट पर शीर्ष पर रहा. धूम के शीर्षक ट्रैक ने दोनों संस्करणों, हिंदी (सुनिधि चौहाऩ़ द्वारा) और अंग्रेजी (Tata Young द्वारा) में भौगोलिक बाधाओं को तोड़ते हुए ब्रिटेन, अमेरिका और पूर्वी एशिया के पबों में बहुत लोकप्रियता हासिल की।

एक साल बाद प्रीतम ने धूम की सफलता को दोहराते हुए चॉकलेट, गरम मसाला और गैंगस्टर के लिए बेहद सफल गीतों की श्रृंखला पेश की. उन्होंने [[[धूम]]] की अगली कड़ी धूम 2 और लाइफ इन अ मेट्रो के लिए भी संगीत दिया. हाल ही में उन्होंने सिंग इज़ किंग, किस्मत कनेक्शन के लिए संगीत रचना की और मेट्रो नाम के एक बैंड का गठन किया। उनके द्वारा रचित सबसे सफल गाने धूम, धूम 2, गैंगस्टर, लाइफ इन अ मेट्रो, जब वी मेट, रेस, बिल्लू, लव आज कल, गोलमाल रिटर्न, तुम मिले, अजब प्रेम की गजब कहानी, दे दना दन, तो बात पक्की, अतिथि तुम कब जाओगे?, बदमाश कंपनी, राजनीती, खट्टा मीठा, वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई और अन्य फिल्मों से हैं।

नक़ल का आरोप

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प्रीतम पर कई मौकों पर रचना चोरी का आरोप लगाया गया है, जिसके तहत उन्होंने अपने कई लोकप्रिय हिंदी फिल्म संगीत के लिए दुनिया भर के कलाकारों के (विशेष रूप से एशिया) के संगीत की नक़ल की और खुद मूल कलाकारों को उसका कोई श्रेय नहीं दिया.[1][2][3] कुछ मामलों में उन्होंने कॉपीराइट खरीदा और आवश्यक श्रेय भी दिया.[4]

पुरस्कार और नामांकन

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उन्हें वर्ष 2007,2008,2009 और 2010 में सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के लिए स्टार स्क्रीन पुरस्कार, IIFA सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार व अन्य पुरस्कारों के लिए नामित किया गया। लव आज कल में अपने संगीत के लिए 2010 में उन्होंने IIFA (अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फ़िल्म अकादमी) पुरस्कार, ज़ी सिने अवार्ड और साथ ही साथ अप्सरा प्रड्यूसर्स गिल्ड अवार्ड जीता. उन्होंने अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी में अपने संगीत के लिए रेडियो मिर्ची "वर्ष का संगीतकार पुरस्कार" भी जीता.

फ़िल्मोग्राफ़ी

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संगीत निर्देशक के रूप में

वर्ष फिल्म अन्य नोट्स
2011 डबल धमाल
2011 दिल तो बच्चा है जी
2011 रेडी
2011 फेरारी की सवारी
2011 रेस 2
2011 दम मारो दम (फिल्म)
2011 मौसम
2011 ऑल द बेस्ट-2
2010 Crook: It's Good To Be Bad
2010 ऑलवेज़ कभी कभी
2010 पाइरेट
2010 तेल मी ओ खुदा
2010 रफ़्तार 24 x 7
2010 गोलमाल-3
2010 आई एम
2010 नो प्रॉब्लम (फिल्म)
2010 रन भोला रन
2010 हैलो डार्लिंग
2010 हैलो इंडिया
2010 हूक या क्रूक
2010 हर पल
2010 एक्शन रिप्ले
2010 खट्टा मीठा
2010 राजनीती
2010 वंस अपोन ए टाइम इन मुंबई
2010 बदमाश कंपनी
2010 अतिथि तुम कब जाओगे
2010 तो बात पक्की
2009 लव खिचड़ी
2009 ऑल द बेस्ट-द फेन बिगिन्स
2009 दे दना दन
2009 न्यू यार्क
2009 तुम मिले नामित सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए स्टारस्क्रीन पुरस्कार
2009 लाइफ पार्टनर
2009 दिल बोले हड़ीप्पा
2009 लव आज कल मनोनीत सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार विजित IIFA सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार
2009 अज़ब प्रेम की गज़ब कहानी मनोनीत सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार
2009 एक - द पवर ऑफ़ वन
2009 बिल्लू
2008 गोलमाल रिटर्न्स
2008 आ देखें जरा
2008 किडनैप
2008 सिंह इज़ किंग नामित सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए स्टार स्क्रीन अवार्ड
2008 हाल-ए-दिल
2008 किस्मत कनेक्शन
2008 जन्नत सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए स्टार स्क्रीन अवार्ड मनोनीत
2008 रेस मनोनीत सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार
2008 माइ नेम इस एंथोनी गोनज़ाल्विस
2007 धन धना धन गोल
2007 जब वी मेट मनोनीत सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार
2007 भूल भुलैया
2007 नकाब
2007 भ्रम
2007 रकीब
2007 आवारापन
2007 ढोल
2007 लाइफ इन अ... मेट्रो मनोनीत फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का स्टार स्क्रीन पुरस्कार मनोनीत
2007 हैट्रिक
2007 जस्ट मैरीड (2007 फ़िल्म)
2006 भागम भाग
2006 धूम 2 मनोनीत सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार
2006 बस एक पल
2006 वो लम्हे
2006 अपना सपना मनी मनी
2006 नक्शा
2006 प्यार के साइड इफेक्ट्स
2006 अनकही
2006 गैंगस्टर
2006 फाइट क्लब
2005 एक खिलाड़ी एक हसीना
2005 गरम मसाला
2005 Chocolate: Deep Dark Secrets
2005 चेहरा
2004 धूम मनोनीत सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार
2003 फंटूश... ड्यूड्स इन द 10th सेंचुरी
2003 Mudda: The Issue जीत के साथ
2003 मेरे यार की शादी है जीत के साथ
2003 रघु रोमियो
2003 स्टम्प्ड
2000 तेरे लिये जीत के साथ
1999 टेस्टी टिटबिट्स लघु फिल्म

एक अभिनेता के रूप फिल्मोग्राफी

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  1. "Plagiarism - Common chord that strings Pritam's music". मूल से 9 जून 2008 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 जुलाई 2010.
  2. "'I don't deny copying'". मूल से 2 अप्रैल 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 जुलाई 2010.
  3. "Bollywood music: If it's a hit, it's a rip-off". मूल से 12 जून 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 जुलाई 2010.
  4. "Pritam's the legitimate copy cat?". मूल से 7 जून 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 जुलाई 2010.

बाहरी कड़ियाँ

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