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भारतीय नौसेना(अंग्रेज़ी: Indian Navy) भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है जो कि ५६०० वर्षों के अपने गौरवशाली इतिहास के साथ न केवल भारतीय सामुद्रिक सीमाओं अपितु भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की भी रक्षक है। ५५,००० नौसैनिकों से लैस यह विश्व की पाँचवी सबसे बड़ी नौसेना भारतीय सीमा की सुरक्षा को प्रमुखता से निभाते हुए विश्व के अन्य प्रमुख मित्र राष्ट्रों के साथ सैन्य अभ्यास में भी सम्मिलित होती है। पिछले कुछ वर्षों से लागातार आधुनिकीकरण के अपने प्रयास से यह विश्व की एक प्रमुख शक्ति बनने की भारत की महत्त्वाकांक्षा को सफल बनाने की दिशा में है।

भारतीय नौसेना
Bhāratīya Nau Senā
भारतीय नौसेना का लोगो.png
Indian Navy crest
स्थापना1612; 406 वर्ष पहले (1612)
देशभारत
निष्ठाभारत
प्रकारनौसेना
विशालता67,228[1]
का भागभारतीय सशस्त्र सेनाएँ
मुख्यालयIntegrated Headquarters, Ministry of Defence (Navy)
आदर्श वाक्यशं नो वरुणः (संस्कृत)
Sham No Varunaḥ (IAST)
May the Lord of the Water be auspicious unto us (English)
ColoursNavy blue, white
मार्च (सीमा रक्षा)जय भारती (Victory to India)
वर्षगांठनौसेना दिवस: ४ दिसम्बर
Operational fleet
युद्ध के समय प्रयोग
जालस्थलभारतीय नौसेना
सेनापति
Chief of the Naval Staff (CNS)Admiral Karambir Singh, PVSM, AVSM, ADC[2]
Vice Chief of the Naval Staff (VCNS)Vice Admiral Ajit Kumar, AVSM[3]
Deputy Chief of the Naval Staff (DCNS)Vice Admiral G. Ashok Kumar, AVSM, VSM[4]
बिल्ला
Naval EnsignNaval Ensign of India.svg
प्रयुक्त वायुयान
लड़ाकूMiG-29K
हैलीकॉप्टरHAL Dhruv, Kamov Ka-28, Kamov Ka-31, Sea King Mk.42C, UH-3 Sea King
गश्तीBoeing P-8 Poseidon Ilyushin Il-38
आवीक्षीIAI Heron, IAI Searcher Mk II
प्रशिक्षकBAE Hawk, HAL HJT-16

जून २०१६ से एडमिरल सुनील लांबा भारत के नौसेनाध्यक्ष हैं। 31 मई 2019 से भारत के वर्तमान नौसेना अध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह है।

भारत

नौसेना का ध्वज
भारतीय नौसेना का ध्वज, 2001 से 2004 तक
भारतीय नौसेना का ध्वज, 1950 से 2001 तक

भारतीय नौसेना सन् 1613 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी की युद्धकारिणी सेना के रूप में इंडियन मेरीन संगठित की गई। 1685 ई. में इसका नामकरण "बंबई मेरीन" हुआ, जो 1830 ई. तक चला। 8 सितंबर 1934 ई. को भारतीय विधानपरिषद् ने भारतीय नौसेना अनुशासन अधिनियम पारित किया और रॉयल इंडियन नेवी का प्रादुर्भाव हुआ। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय नौसेना का विस्तार हुआ और अधिकारी तथा सैनिकों की संख्या 2,000 से बढ़कर 30,000 हो गई एवं बेड़े में आधुनिक जहाजों की संख्या बढ़ने लगी।

स्वतंत्रता पश्चात्संपादित करें

स्वतंत्रताप्राप्ति के समय भारत की नौसेना नाम मात्र की थी। विभाजन की शर्तों के अनुसार लगभग एक तिहाई सेना पाकिस्तान को चली गई। कुछ अतिशय महत्व के नौसैनिक संस्थान भी पाकिस्तान के हो गए। भारत सरकार ने नौसेना के विस्तार की तत्काल योजना बनाई और एक वर्ष बीतने के पहले ही ग्रेट ब्रिटेन से 7, 030 टन का क्रूजर " दिल्ली" खरीदा। इसके बाद ध्वंसक " राजपूत", " राणा", " रणजीत", " गोदावरी", " गंगा" और " गोमती" खरीदे गए। इसके बाद आठ हजार टन का क्रूजर खरीदा गया। इसका नामकरण " मैसूर" हुआ। 1964 ई. तक भारतीय बेड़े में वायुयानवाहक, " विक्रांत" (नौसेना का ध्वजपोत), क्रूजर "दिल्ली" एवं "मैसूर" दो ध्वंसक स्क्वाड्रन तथा अनेक फ्रिगेट स्कवाड्रन थे, जिनमें कुछ अति आधुनिक पनडुब्बीनाशक तथा वायुयाननाशक फ्रिगेट सम्मिलित किए जा चुके थे। " ब्रह्मपुत्र", " व्यास", " बेतवा ", " खुखरी," " कृपाण", " तलवार" तथा " त्रिशूल" नए फ्रिगेट हैं, जिनका निर्माण विशेष रीति से हुआ है। " कावेरी", " कृष्ण" और " तीर" पुराने फ्रिगेट हैं जिनका उपयोग प्रशिक्षण देने में होता है। "कोंकण", "कारवार", "काकीनाडा" "कणानूर", "कडलूर", "बसीन" तथा "बिमलीपट्टम" से सुंरग हटानेवाले तीन स्क्वाड्रन तैयार किए गए हैं। छोटे नौसैनिक जहाजों के नवनिर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है और तीन सागरमुख प्रतिरक्षा नौकाएँ, "अजय", "अक्षय" तथा "अभय" और एक नौबंध "ध्रुवक" तैयार हो चुके हैं। कोचीन, लोणावला, तथा जामनगर में भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण संस्थान हैं। आई एन एस अरिहन्त भारत की नाभिकीय उर्जा पनडुब्बी है।

२१वीं सदी / आधुनिक भारतसंपादित करें


संगठनसंपादित करें

नेतृत्वसंपादित करें

वर्तमानजुन 2019 में एडमिरल कर्मबीरसिंह भारत के नौसेनाध्यक्ष हैं।

बेड़ासंपादित करें

भारतीय नौसेना के बेड़े में निम्न पोत शामिल हैं[5]-

प्रकार पोत के नाम
विमान वाहक
विध्वंसक/विनाशक
फ्रिगेट
कॉर्वेट
पनडुब्बियाँ
परमाणु पनडुब्बियाँ
उभयचर युद्ध पोत
गश्त यान/छोटे युद्धक जहाज
  • सुकन्या श्रेणी - सुकन्या, सुभद्रा, सुवर्णा, सावित्री, शारदा, सुजाता, सरयू, सुनयना, सुमेधा
  • बंगरम श्रेणी - बंगरम, बित्र, बट्टी मल्व, बरतंग
  • त्रिंकट श्रेणी - त्रिंकट, तरस
  • सुपर द्वोरा-II श्रेणी त्वरित आक्रमण यान (फास्ट अटैक क्राफ्ट) - एफएसी टी-80, टी-81, टी-82, टी-83, टी-84
  • कार निकोबार श्रेणी' त्वरित आक्रमण यान (फास्ट अटैक क्राफ्ट)
  • सर्वेक्षण पोत- मकर श्रेणी, संधयक श्रेणी- निरूपक, इन्वेस्टीगेटर, जमुना, सतलज, संधयक, निर्देशक, दर्शक, सर्वेक्षक
माईनस्वीपर
सहायक पोत
  • टैंकर- दीपक, ज्योति, आदित्य
  • तारपीडो रिकवरी पोत- अस्त्रवाहिनी (टीआरवी 71), टीआरवी 72
  • अन्य- मातंग, गज, निरीक्षक
ट्रेनिंग/शोध तीर, तरंगिनी, सुदर्शिनी, म्हादे, सागरध्वनि

चित्र दीर्घासंपादित करें

रैंक और प्रतीक चिन्हसंपादित करें

समकक्ष
NATO कोड
OF-10 OF-9 OF-8 OF-7 OF-6 OF-5 OF-4 OF-3 OF-2 OF-1 OF(D) & Student officer
  भारतीय नौसेना
(Edit)
                             
एडमिरल ऑफ़ द फ्लीट1 एडमिरल2 वाइस एडमिरल रियर एडमिरल कमोडोर कैप्टन (भारतीय नौसेना ) कमांडर लेफ्टिनेंट कमांडर लेफ्टिनेंट सब-लेफ्टिनेंट

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. http://www.news18.com/news/india/20-sailor-shortage-in-navy-15-officer-posts-vacant-in-army-nirmala-sitharaman-tells-parliament-1616303.html
  2. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; Chief of the Naval Staff (CNS) नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  3. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; Vice Chief of the Naval Staff (VCNS) नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  4. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; Deputy Chief of the Naval Staff (DCNS) नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  5. http://indiannavy.nic.in/naval-fleet/ships. अभिगमन तिथि 22 अगस्त 2014. गायब अथवा खाली |title= (मदद)