भीम आर्मी

यह संगठन बहूजनों के हित के लिए बाबा साहब डॉ अंबेडकर और कांशीराम साहब के आदर्शो पर चलता है

भीम आर्मी भारत एकता मिशन भारत में एक दलित सामाजिक संगठन है। भीम आर्मी की लड़ाई धन-संपत्ति या शक्ति के लिए नहीं बल्कि स्वतंत्रता के लिए है मानवीय गरिमा में सुधार के लिए हैं।

भीम आर्मी भारत एकता मिशन
संस्थापक आजाद चन्दशेखर रावण एवं अन्य साथियों ने किया।
स्थापना हुई उत्तर प्रदेश
प्रकार समाजिक संगठन

देश का प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा की उम्मीद संविधान से कर सकता है। भारतीय संविधान का प्रस्तावना यह पुष्टि करती है की भारत अपने सभी नागरिकों की रक्षा करेगा। भारतीय संविधान लोगों को न्यायधीक सामाजिक आर्थिक तथा राजनैतिक आजादी की विचारधारा अभिव्यक्ति की विश्वास तथा पूजा आराधना स्थितियों और अवसरों की समानता का अधिकार प्रदान करता है। सामान्य गारंटी के अतिरिक्त राज्य नागरिकों के बीच धर्म जाति नस्ल आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा। संविधान अस्यपृश्यता को किसी भी रूप में मान्यता नहीं प्रदान करता है। एक सामाज आनेको सामाजिक व्यवस्था या तंत्र तथा संस्थाओं को जन्म देता है ताकि यह सुचारू रूप से कार्य कर सकें ऐसी व्यवस्था है सांस्कृतिक के विकास तथा एक दूसरे के प्रति मानवीय व्यवहार को प्रभावित करता है। सामाजिक आर्थिक राजनैतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में विभिन्न क्रियाकलापों के दौरान अनेकों संस्थाएं अस्तित्व में आई संस्था को विशेष कार्य के संपादन के उद्देश्य से विकसित किया गया। सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था में कई प्रकार के विवादित वर्ग सभी समाज में देखने को मिले कुछ वर्ग जो आर्थिक रूप से ज्यादा संपन्न हैं तथा इस प्रकार के वर्ग अन्य वर्गों पर अपना नियंत्रण रखते हैं वह लोग जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं उन्हें वर्तमान निर्धारित परिस्थितियों में अच्छा जीवन जीने का अधिकार नहीं होता गरीब परिवार इस स्थिति में नहीं है कि वह अपने बच्चों के लिए उचित शिक्षा एवं अन्य प्रकार की मूलभूत व्यवस्था कर सके तथा उन्हें स्वतंत्र रूप से विकास के सभी अवसरों को उपलब्ध करवा सके। हमारे देश की वर्तमान सामाजिक व्यवस्था ने लोगों को अलग-अलग जातियों में विवादित कर रखा है कुछ जातियां आर्थिक और सामाजिक रुप से संपन्न हैं तथा ये अन्य जातियों पर अपना प्रभुत्व कायम रखती है कई देशों की सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के खिलाफ भेदभाव करती है धर्म भी एक दूसरे के साथ निहित स्वार्थ एवं भेदभाव के आचरण को बढ़ावा देने में मदद करता है। राजनैतिक व्यवस्था ने भी शासक वर्ग पैदा किया है सरकार की विभिन्न संस्थाएं जिन्हें कानूनों को क्रियावंतित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है आपने अवांछित क्रियाकलापों के द्वारा कानूनों का उल्लंघन करते नजर आते हैं। इस तरह की स्थितियों में एक व्यक्ति अपने बोलने के अधिकार संगठित होने के अधिकार कार्य करने के अधिकार और यहां तक की अपना जीवन जीने की स्वतंत्रता के अधिकार को भी खो देता है व्यक्ति के साथ नस्ल आर्थिक स्थिति धर्म भाषा आदि के आधार पर भेदभाव देखने को मिलता है एक व्यक्ति को गैरकानूनी तरीके से थाने में रोका एवं प्रताड़ित एवं परेशान किया जाता है यहां मानवाधिकार का उल्लंघन के अन्य दूसरे ऐसे उदाहरण भी देखने को मिल सकते हैं ।आर्थिक सामाजिक राजनैतिक या धार्मिक भिन्नताओं ने लोगों के समूह के बीच दूरियां एवं संघर्ष पैद।[1] यह [[यह संगठन भारत के प्रत्येक राज्यों में सक्रिय है][2] ,[3] जिसमें उनकी भागीदारी के लिए रावण को बाद में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार कर लिया।[4]

भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली के जंतर-मन्तर में दो बड़ी रैलियों का आयोजन किया, जहाँ हजारों बहुजन प्रदर्शनकारी अत्याचारों का विरोध करने के लिए एकत्रित हुए, जो कहते हैं कि वे सामना करना चाहते हैं और रावण की रिहाई की मांग की थी। भीम आर्मी भारत एकता मिशन में प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहते हुए बीरेंद्र पासवान ने झारखण्ड धनबाद में लॉकडाउन के दौरान झारखंड सरकार को कुछ बसें मुहैय<ref>{{Citation|title=We The People: The Curse Of Caste?|url=https://www.ndtv.com/video/news/we-the-people/we-the-people-the-curse-of-caste-458461%7Carchive-url=https://web.archive.org/web/20190819144347/https://www.nd

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "What is the Bhim Army?". The Indian Express (अंग्रेज़ी में). 2018-05-18. मूल से 12 मई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2019-08-19.
  2. Ali, Mohammad (2017-06-28). "Bhim Army, soldiers on a literacy mission". The Hindu (अंग्रेज़ी में). आइ॰एस॰एस॰एन॰ 0971-751X. अभिगमन तिथि 2019-08-19.
  3. Kulkarni, Dhaval (2017-06-29). "After UP, Bhim Army set to rock Maharashtra". DNA India (अंग्रेज़ी में). मूल से 19 अगस्त 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2019-08-19.
  4. "Bhim army chief arrested: Family threatens govt, Congress calls him 'victim'". The Indian Express (अंग्रेज़ी में). 2017-06-09. मूल से 19 अगस्त 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2019-08-19.