शामली (Shamli) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के शामली ज़िले में स्थित एक नगर है। यह उस ज़िले का मुख्यालय भी है।[1][2]

शामली
Shamli
शामली का हनुमान टीला
शामली का हनुमान टीला
शामली is located in उत्तर प्रदेश
शामली
शामली
उत्तर प्रदेश में स्थिति
निर्देशांक: 29°27′N 77°19′E / 29.45°N 77.32°E / 29.45; 77.32निर्देशांक: 29°27′N 77°19′E / 29.45°N 77.32°E / 29.45; 77.32
देश भारत
राज्यउत्तर प्रदेश
ज़िलाशामली ज़िला
ऊँचाई254 मी (833 फीट)
जनसंख्या (2011)
 • कुल1,07,233
भाषाएँ
 • प्रचलितहिन्दी
समय मण्डलभामस (यूटीसी+5:30)
पिनकोड247776
दूरभाष कोड01398
वाहन पंजीकरणUP-19
लिंगानुपात1000:928 /
वेबसाइटwww.shamli.nic.in

इतिहास संपादित करें

महाभारत काल में शामली 'कुरु' क्षेत्र का हिस्सा था। यह आजादी के समय अविभाजित पंजाब से सटा था। १८५७ के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय विद्रोह यहाँ भी हुआ। परन्तु विद्रोह दबा दिया गया। इसी के निकट ऊन नगर है जिस पर कभी हूणों ने आक्रमण किया था । यह क्षेत्र तालाब बहुल्य था। शामली का इतिहास महाभारत काल से देखने को मिलता हैं। “शालिभवन” शब्द का उल्लेख महाभारत में किया गया है, जो शामली का प्राचीन नाम हो सकता है। एक किंवदंती के अनुसार, शामलींं वह स्थान है, जहां कृष्ण ने महाभारत युद्ध को टालने के अपने अंतिम प्रयास के लिए जाते समय रात्रि होने पर विश्राम किया था, इसलिए कहा जाता है कि इसका पिछला नाम “श्यामवली” था। यह छोटा सा उपनगर हनुमान टीला के लिए भी प्रसिद्ध है, जो महान योद्धा भीम द्वारा बनाया गया है।

1857 में स्वतंत्रता के लिए पहले युद्ध के दौरान जिले में बहुत सारी कार्रवाई की गई थी। शामलींं के मोहर सिंह और थानाभवन के सय्यद, पठान ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और शामलींं की तहसील पर कब्जा कर लिया। लेकिन, बाद में, ब्रिटिश सेना ने अपनी क्रूरता दिखाई और क्षेत्र को वापस हासिल कर लिया। जिसमें अंग्रेजों द्वारा कई स्वतंत्रता सेनानियों को मौत के घाट उतार दिया गया था, और स्वत्रंत्रता सेनानियों का यह प्रयास विफल रहा।

राजनीति संपादित करें

शामली जिला कैराना लोकसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आता है।२०१९ के लोकसभा चुनाव में भाजपा के श्री प्रदीप चौधरी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की। शामली के बाबू हुकुम सिंह पश्चिम यूपी के कद्दावर नेता रहे थे। बाबू हुकुम सिंह राज्य की कांग्रेस और भाजपा सरकार में मंत्री रहे थे। इस लोकसभा क्षेत्र की मुख्य समस्याएं सड़क, बेरोजगारी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना हैं। शामली जिले में तीन विधानसभा क्षेत्र है।

भूगोल संपादित करें

शामली हरियाणा राज्य की सीमा पर है। यह पानीपत -खटीमा राजमार्ग पर स्थित हैं। शामली दिल्ली से 102 कि. मी., कैराना से 12 कि. मी.,पानीपत से 42 कि. मी., सहारनपुर 70 कि. मी. से तथा मुज़फ़्फ़रनगर से 30 कि. मी.दूर है। इसकी समुद्र तल से २४८ मीटर की उचाई पर है। बागपत, सोनीपत, करनाल और मेरठ भी इसके निकटवर्ती नगर हैं। यह क्षेत्र गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में आता है। यह पश्चिमी उ.प्र. के विकासशील नगरों में एक है। इसका मूलनाम श्यामली है जो श्रीकृष्ण के महाभारत के लिए यहां से गुजरने के कारण पड़ा था।

दर्शनीय स्थल संपादित करें

शामली नगर में स्थित श्री हनुमान धाम मंदिर (हनुमान टीला) यहां के लोगो के बीच बड़ी आस्था का केंद्र है। जिसका इतिहास महाभारतकाल से जोड़ा जाता है। अन्य दर्शनीय स्थलों में पूर्वी यमुना नहर,यमुना नदी, इस्सोपुर के पुरातात्विक अवशेष,श्री साईं धाम मंदिर आदि प्रसिद्ध है।

सन्दर्भ संपादित करें

  1. "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716
  2. "Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance Archived 2017-04-23 at the वेबैक मशीन," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975