भूपेश बघेल

भारतीय राजनीतिज्ञ एवं छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री

भूपेश बघेल (जन्म 23 अगस्त 1961) छत्तीसगढ़ के तीसरे और वर्तमान मुख्यमंत्री[1] के रूप में सेवा देने वाले एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं।[2] वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनेता हैं। [3][4] उन्होंने 80 के दशक में यूथ कांग्रेस के साथ अपनी सियासी पारी शुरू की थी। वे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष थे। वह पाटन से पांच बार विधानसभा सदस्य (भारत) रहे हैं।

भूपेश बघेल
Bhupesh Baghel, June 2018.jpg

पदस्थ
कार्यालय ग्रहण 
17 दिसम्बर 2018
राज्यपाल अनुसुइया उइके
पूर्वा धिकारी रमन सिंह
चुनाव-क्षेत्र पाटन

प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस छत्तीसगढ़
पदस्थ
कार्यालय ग्रहण 
अक्टूबर 2014
पद बहाल
1993–2008

जन्म 23 अगस्त 1961 (1961-08-23) (आयु 60)
दुर्ग, छत्तीसगढ़, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
राजनीतिक दल Hand INC.svg भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
जीवन संगी मुक्तेश्वरी बघेल
बच्चे 4
निवास मानसरोवर आवासीय परिसर, भिलाई, छत्तीसगढ़
व्यवसाय राजनीतिज्ञ

भूपेश बघेल आज पूरे भारत में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैंं। भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के अब तक सबसे जोशीले, कर्मठ व नयी ऊर्जा का प्रतीक यशश्वी मुख्यमंत्री हैं। वे राजनीति का अनुभव, संघर्षशील, मिलनसार, तीव्र बुद्धि के धनी, और अपनी कुशल नीतियों के कारण जाने जाते हैं और सत्य का अनुसरण करने वाले, गलत कार्य का विरोध करने वाले व्यक्ति है। 

वे एक परिश्रमी, प्रेरित करने वाले, आशावादी सोच, पूर्वानुमान का आभास रखने वाले व्यक्ति हैं। स्वभाव से वे सरल, दयावान, मानवतावादी के हैं। यही कारण है कि 90 में से 69 विधानसभा सीट ऐतिहासिक रिकॉर्ड से जीत दर्ज किया है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री रहते कल्याणकारी योजनाओं से भी प्रसिद्ध हुए। नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना और गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के नारा दिया।

व्यक्तिगत जीवनसंपादित करें

भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को दुर्ग के एक कृषक परिवार में हुआ था। वह नंद कुमार बघेल और बिंदेश्वरी बघेल के पुत्र हैं। किसान परिवार में पैदा होने के कारण ही कठिन परिश्रम, सही निर्णय लेने का साहस उन्हें बचपन में ही अपने पिता से सौगात के रूप में मिला।[5]

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के ऊपर दुर्ग के पूर्व एल्डरमैन प्रतीक उमरे के द्वारा 'कॉमनमैन भूपेश बघेल' नाम की पुस्तक लिखी गयी है, जिसमें उनके जीवन को रेखांकित किया गया है।[6]

उन्होंने मुक्तेश्वरी बघेल से शादी की। उनका एक बेटा और तीन बेटियां हैं।              

राजनैतिक जीवनसंपादित करें

भूपेश बघेल ने भारतीय युवा कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सदस्य बने, वे महासचिव और प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यक्रम समन्वयक भी थे। वह 1993 में पहली बार पाटन से मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए, और बाद में उसी सीट से पांच बार चुने गए।[7]

1990 से 1994 तक वह जिला युवा कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष रहे। 1993 से 2001 तक मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के निदेशक रहे।

वह नब्बे के दशक के अंत में दिग्विजय सिंह सरकार में अविभाजित मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री थे। वे छत्तीसगढ़ के राजस्व, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग और राहत कार्य मंत्री थे।

नवंबर 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद, वे छत्तीसगढ़ विधान सभा के सदस्य बने, और छत्तीसगढ़ शासन के तहत मंत्री, राजस्व पुनर्वास, राहत कार्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य यांत्रिकी के रूप में नियुक्त किए गए। वे उसी सीट से 2003 के राज्य चुनाव में फिर से विधायक बने। वह 2008 के चुनाव में पाटन विधानसभा सीट हारे। 2009 में रायपुर से संसदीय चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने 2013 के चुनाव में फिर से पाटन विधानसभा सीट जीता, और छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्य समिति के सदस्य बने। 2014-15 में वह लोक लेखा समिति लोक लेखा समिति, छत्तीसगढ़ शासन के सदस्य बने।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षसंपादित करें

भूपेश बघेल अक्टूबर 2014 से जून 2019 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष थे। राज्य के शीर्ष कांग्रेस नेता जैसे महेंद्र कर्मा, विद्या चरण शुक्ल, नंद कुमार पटेल और 28 अन्य लोग दरभा घाटी में 2013 के नक्सली हमले में मारे गए।[8] बघेल ने राज्य में पार्टी को पुनर्जीवित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।[9] वे अंतागढ़ विधानसभा उपचुनाव ऑडियो टेप कांड के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी को कांग्रेस पार्टी से अलग करने में कामयाब रहे।[10]

उनकी अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने 2018 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत हासिल की।[11]

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रीसंपादित करें

15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा में विपक्ष का नेतृत्व करने के बाद, बघेल फिर से पाटन विधानसभा सीट से विधायक बने और भाजपा के रमन सिंह को हराकर राज्य के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 17 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनकी जगह कोण्डागांव विधायक मोहन मरकाम को जून 2019 में पीसीसी अध्यक्ष बनाया गया।

बघेल ने दो बड़े चुनावी वादों को पूरा किया, शपथ ग्रहण समारोह के कुछ घंटों के भीतर ही कृषि ऋण माफी और अपेक्षाकृत जल्दी तरीके से धान समर्थन मूल्य में 50% की वृद्धि। हालांकि किसानों को वास्तविक धन हस्तांतरण कुछ दिनों, हफ्तों और महीनों में हुआ। तेंदूपत्ता संग्रह की कीमतों में वृद्धि की गई। सरकार ने शिक्षा-कर्मी (अस्थायी शिक्षक) के लिए 15,000 स्थायी शिक्षकों के पदों की रिक्ति की घोषणा की। नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना से विशेष प्रसिद्धि प्राप्त की है, जिसके अंतर्गत गोबर खरीदी योजना लाया गया और गौशालाओं का निर्माण किया गया। नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना के अंतर्गत पुराने पारंपरिक कार्यो के लिए युवाओं को प्रोत्साहन देने कोशिश किया गया है।

कल्याणकारी योजनाएँसंपादित करें

नरवा, गरुवा, घुरुवा, बारीसंपादित करें

भूपेश बघेल इस अभिनव योजना के वास्तुकार हैं। इस योजना का उद्देश्य आधुनिकता और परंपराओं के बीच संतुलन बनाकर कृषि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करना है। इस योजना का शुभारंभ जल संरक्षण, पशुधन संरक्षण और विकास, घरेलू कचरे के माध्यम से जैविक खाद का उपयोग और स्वयं की खपत के लिए बैकयार्ड में फलों और सब्जियों की खेती और अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए किया गया है।[12]

ग्रामीण विकास, जल संसाधन विकास विभाग, वन विभाग द्वारा नरवा (नालों और नदियों) से संबंधित कार्य लिए जा रहे हैं। फरवरी 2021 तक, लगभग 30,000 नरवा की पहचान की जा चुकी है और लगभग 5,000 नरवा का विकास पूरा हो चुका है। पिछले वर्ष के अनुसार गरवा (पशुधन) परियोजना के तहत 2,200 गोठान का निर्माण गांवों में किया गया है। घुरुवा (खाद) परियोजना के तहत इस साल तक गोठान में लगभग 6 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन महिला स्व-सहायता समूहों के महिलाओं द्वारा किया गया है। राज्य सरकार द्वारा कुल 6 करोड़ 72 लाख रुपये का लाभांश गोठान समितियों और स्वयं सहायता समूहों के खातों में स्थानांतरित किया गया है। वहीं, बारी योजना के तहत पोषण आहार के तहत सब्जी के बीज और पौधे वितरित किए जा रहे हैं।[13][14]

मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजनासंपादित करें

छत्तीसगढ़ राज्य में 44% वन आवरण है। गौरतलब है कि बड़ी आबादी जंगलों और दूरदराज के इलाकों में रहती है। उपेक्षा और कठिन इलाके के कारण, ऐसे क्षेत्रों में रहने वाली आबादी की गुणवत्ता स्वास्थ्य सुविधा की पहुँच नहीं है। 2 अक्टूबर 2019 को बघेल ने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना शुरू की। यह अभिनव स्वास्थ्य देखभाल योजना लोगों के द्वार पर स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा ला रही है। इस योजना के तहत मोबाइल हेल्थकेयर वैन की साप्ताहिक हाट बाज़ारों (स्थानीय बाजारों) में प्रतिनियुक्ति की जाती है, जो वनवासियों द्वारा मामूली वन उपज बेच रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक उपकरणों के साथ अन्य योग्य कर्मचारियों द्वारा संचालित यह मोबाइल क्लीनिक लोगों को गुणवत्ता, सस्ती स्वास्थ्य देखभाल जांच और दवा प्रदान कर रही है। [15]

मार्च 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2020 तक 130,000 लोग इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए इस योजना के लिए 13 करोड़ की राशि निर्धारित की है।[16]

राजीव गांधी किसान न्याय योजनासंपादित करें

 
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लाभार्थी किसान

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत राज्य के बजट में किसानों के कल्याण के लिए 5700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसके माध्यम से राजीव गांधी किसान न्याय योजना 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी के शहादत दिवस पर शुरू की गई थी।

छत्तीसगढ़ में कुल कृषि योग्य भूमि क्षेत्र 46.77 लाख हेक्टेयर है। राज्य की 70% आबादी कृषि में लगी हुई है और लगभग 37.46 लाख किसान परिवार हैं। इस योजना का उद्देश्य फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करना और कृषि क्षेत्र में वृद्धि करना है। योजना के तहत प्रदान किए गए 5750 करोड़ रुपये चार किस्तों में किसानों के खातों में स्थानांतरित किए गए। इस योजना से राज्य के 19 लाख किसान लाभान्वित हुए।[17] योजना के प्रारंभिक वर्ष में धान, मक्का और गन्ना (रबी) फसलों को शामिल किया गया था। वर्ष 2020-21 में दलहन और तिलहन फसलों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी राज्य के भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दूसरे चरण में शामिल करने का निर्णय लिया है।[18]

इस योजना के तहत आगामी खरीफ सीजन की तैयारी के लिए किसानों को 21 मई 2021 को 1500 करोड़ रुपये मिले। इनपुट सब्सिडी के रूप में राशि प्रदेश के 22 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित किए गए। पर्यावरण संरक्षण हेतु खेतों में पेड़ लगाने वाले किसानों को रुपये की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। अगले तीन वर्षों के लिए प्रति वर्ष 10 हजार दिये जाएंगे।[19] मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में किसानों के कृषि ऋण माफ करने के अलावा 11 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रोत्साहन भी वितरित किए हैं।[20]

गोधन न्याय योजनासंपादित करें

 
जशपुर जिले में गाय के गोबर की खरीदी

21 जुलाई 2020 को बघेल ने छत्तीसगढ़ सरकार के नेतृत्व में जैविक खेती को बढ़ावा देने, ग्रामीण और शहरी स्तरों पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने, गौ पालन और गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालकों को आर्थिक रूप से लाभान्वित करने के लिए गोधन न्याय योजना की शुरुआत की। योजना के अनुसार, सरकार किसानों और पशुपालकों से ₹2 प्रति किलोग्राम की दर से गोबर खरीदती है। खरीदी के बाद, महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों द्वारा गाय के गोबर को वर्मी कम्पोस्ट और अन्य उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है, जो किसानों को ₹10 प्रति किलोग्राम के लिए जैविक खाद के रूप में बेचा जाता है, इस योजना का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करना है। [21]

मार्च 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, गोधन न्याय योजना के तहत पशुधन मालिकों को 21.88 करोड़ का भुगतान किया गया है। योजना के तहत, राज्य के 1,62,497 पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं, जिसमें 70,299 भूमिहीन ग्रामीण शामिल हैं और गोधन न्याय योजना के लाभार्थियों में से 44.55 प्रतिशत महिलाएं हैं। [22]

पढ़ई तुंहर दुआरसंपादित करें

इस योजना का उद्देश्य COVID-19 महामारी के दौरान लॉकडाउन में विभिन्न कक्षाओं के अधूरे पाठ्यक्रम को पूरा करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाती हैं। पढ़ई तुंहर दुआर के अंतर्गत 22 लाख बच्चों एवं 2 लाख शिक्षकों को सीखने सिखाने की सुविधा है। लॉकडाउन में स्कूल बंद होने के बावजूद बच्चे पढ़ पा रहे थे। सभी अध्ययन सामग्री http://cgschool.in/Default.aspx Archived 2020-07-13 at the Wayback Machine साइट के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ई-क्लास होने के कारण हर कोर्स को बार-बार देखा जा सकता है। इसके तहत लाउडस्पीकर के जरिए ऑफलाइन सीखने की भी सुविधा है।[23]

लॉकडाउन और अनलॉक चरणों के बीच, सरकारी स्कूलों में प्राथमिक और मध्य विद्यालय के बच्चे मोहल्ला कक्षाओं और ऑनलाइन पोर्टल 'पढ़ई तुंहर दुआर' के माध्यम से अपनी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। राज्य भर में मोहल्ला कक्षाओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध शिक्षक और समुदाय आगे आ रहे हैं।[24] कोविड -19 दिशानिर्देशों का पालन करते हुए ऐसी कक्षाओं में व्यापक नवीन गतिविधियां हो रही हैं। 80% से अधिक छात्र मोहल्ला और ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने से अपनी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।[25]

आदिवासियों का उत्थानसंपादित करें

2005 में तत्कालीन सरकार और टाटा स्टील के बीच एक समझौता हुआ, बस्तर क्षेत्र के लोहंडीगुड़ा के आसपास के 10 गाँवों से कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद सरकार 5.5 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली मेगा इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट बनाने के लिए अधिग्रहण के साथ आगे बढ़ी। टाटा स्टील ने 2016 में परियोजना छोड़ने का फैसला किया। सत्ता में आने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 1707 आदिवासी परिवारों को 4400 एकड़ जमीन वापस करने का फैसला किया। भूमि को धारा 101 के तहत भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्वास अधिनियम, 2013 में 'उचित मुआवजे और पारदर्शिता के अधिकार' के प्रावधानों के अनुसार तत्काल मालिकों या उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को वापस कर दिया गया। धारा 101 में कहा गया है कि यदि अधिग्रहित की गई भूमि पर कब्जा करने की तिथि से 5 वर्ष तक कोई भूमि अधिग्रहित की जाती है, तो उसे उनके कानूनी उत्तराधिकारियों के मूल मालिकों को वापस कर दिया जाएगा।[26]

संदर्भसंपादित करें

  1. "छत्तीसगढ़ के मुख्यमन्त्रियों की सूची", विकिपीडिया, 2020-08-30, अभिगमन तिथि 2021-02-08
  2. "मुख्यमंत्री". अभिगमन तिथि 17 December 2019.
  3. "Congress warrior Bhupesh Baghel to be chief minister of Chhatisgarh". मूल से 17 दिसंबर 2018 को पुरालेखित.
  4. "Chhattisgarh CM-Designate Bhupesh Baghel Seeks People's Support to Eliminate Naxalism'". मूल से 18 दिसंबर 2018 को पुरालेखित.
  5. "छत्तीसगढ़ के होने वाले CM भूपेश वधेल के गांव में नहीं था स्कूल, वो पढ़ने के लिए रहने लगे थे 30 KM दूर, अपना पहला चुनाव ही एक वोट से हारे थे वो". Dainik Bhaskar. 2018-12-17. अभिगमन तिथि 2021-02-08.
  6. "कॉमनमैन भूपेश बघेल: कहानी जनता के मुख्यमंत्री की".
  7. Desk, The Hindu Net (2018-12-16). "Who is Bhupesh Baghel?". The Hindu (अंग्रेज़ी में). आइ॰एस॰एस॰एन॰ 0971-751X. अभिगमन तिथि 2021-02-08.
  8. "झीरम घाटी में हुई थी 31 कांग्रेसी नेताओं की बर्बर हत्या, जानिए उस खौफनाक दिन से जुड़ी सारी बातें". Patrika News (hindi में). अभिगमन तिथि 2021-02-09.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  9. "How New Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel Helped Congress Rise From Ashes After 2013 Naxal Attack". News18 (अंग्रेज़ी में). 2018-12-16. अभिगमन तिथि 2021-02-09.
  10. Agencies, Our Bureau &. "Antagarh bypoll: Chhattisgarh Congress expels Amit Jogi". @businessline (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2021-02-09.
  11. "Chhattisgarh election results: Bhupesh Baghel front runner for CM's post". The Financial Express (अंग्रेज़ी में). 2018-12-12. अभिगमन तिथि 2021-02-09.
  12. "मुख्यमंत्री ने किया आह्वान - छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा अउ बारी, एला बचाना है संगवारी". Patrika News (hindi में). अभिगमन तिथि 2021-02-19.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  13. "छत्तीसगढ़ के नरवा, गरुवा, घुरवा व बारी की चर्चा सरहद पार तक". Patrika News (hindi में). अभिगमन तिथि 2021-05-09.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  14. "नरवा, घुरवा, गरुवा, बारी योजना से किसानों की उन्नति हो रही". Dainik Bhaskar. 2019-07-29. अभिगमन तिथि 2021-05-09.
  15. "हाट बाजार क्लिनिक योजना : तगड़ी हुई स्वास्थ्य सुविधाएं". Patrika News (hindi में). अभिगमन तिथि 2021-03-09.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  16. "Chhattisgarh Budget 2021: बस्तर टाइगर का गठन होगा जिसमें अंदरूनी इलाकों के युवाओं को भर्ती होगी". Nai Dunia. 2021-03-01. अभिगमन तिथि 2021-03-09.
  17. "छत्तीसगढ़ में 'राजीव गांधी किसान न्याय योजना' लॉन्च, 19 लाख किसानों को 4 किस्तों में मिलेंगे 5700 करोड़". The Financial Express. 2020-05-21. अभिगमन तिथि 2021-07-09.
  18. "छत्तीसगढ़: राजीव गांधी किसान न्याय योजना से 19 लाख किसानों को होगा फायदा". आज तक. अभिगमन तिथि 2021-07-09.
  19. "छत्‍तीसगढ़ के 22 लाख क‍िसानों में खाते में आएगी 1500 करोड़ की सब्‍स‍िडी, जानें क्‍या राजीव गांधी किसान न्याय योजना". News18 Hindi. अभिगमन तिथि 2021-07-09.
  20. न्यूज़, एबीपी (2021-05-21). "छत्तीसगढ़: राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त जारी, सीएम भूपेश बघेल ने किसानों के खाते में भेजे ₹1500 करोड़". www.abplive.com. अभिगमन तिथि 2021-07-09.
  21. "गोबर खरीदकर क्या करेगी छत्तीसगढ़ सरकार? जानें- क्या है गोधन न्याय योजना". आज तक. अभिगमन तिथि 2021-05-09.
  22. Hindi, TV9 (2021-03-02). "क्या है गोधन न्याय स्कीम: इसके तहत किसानों को मिल रहे हैं 12000 रुपये, जानिए सबकुछ". TV9 Hindi (hindi में). अभिगमन तिथि 2021-05-09.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  23. "CG: लाखों बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा पढ़ई तुंहर दुआर ऑनलाइन ई-लर्निंग पोर्टल". Zee Madhya Pradesh Chhattisgarh. 2020-05-03. अभिगमन तिथि 2021-07-14.
  24. "मोहल्ला क्लास में तय होगी शिक्षकों की भागीदारर". Nai Dunia. 2021-07-02. अभिगमन तिथि 2021-07-15.
  25. न्यूज़, एबीपी (2020-08-16). "Padhai Tunhar Para scheme: छत्तीसगढ़ में प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाएगी 'पढ़ई तुंहर पारा' योजना". www.abplive.com. अभिगमन तिथि 2021-07-15.
  26. "छत्तीसगढ़ में टाटा के लिए अधिग्रहित किसानों की 1,764 एकड़ जमीन होगी वापस". Amar Ujala. अभिगमन तिथि 2021-03-24.

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