मुख्य मेनू खोलें

शिवधनुष शंकर जी का प्रिय धनुष था जिसका नाम पिनाक था। शिवधनुष राजा जनक के पास धरोहर के रूप में रखा गया था। यह वही धनुष है जो सीता स्वयंवर में राजा जनक द्वारा रखा गया था। भगवान श्रीराम ने इसे तोड़ कर सीता जी से विवाह किया था

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें