मिडज़ू भाषाएँ (Midzu languages) या दक्षिणी मिश्मी भाषाएँ तिब्बती-बर्मी भाषा-परिवार की एक प्रस्तावित शाखा है जिसकी बोलियों को अरुणाचल प्रदेश और दक्षिणपूर्वी तिब्बत के कमान मिश्मी समुदाय में बोला जाता है। इसकी दो मुख्य भाषाएँ हैं: कमान (मिडज़ू / मिजू) और ज़ेख्रिंग (मेयोर)।

मिडज़ू भाषाएँ
दक्षिणी मिश्मी
भौगोलिक
विस्तार:
अरुणाचल प्रदेश, तिब्बत
भाषा श्रेणीकरण: चीनी-तिब्बती?
उपश्रेणियाँ:
कमान (मिडज़ू, मिजू)
ज़ेख्रिंग (मेयोर)

तिब्बती-बर्मी के सदस्य या भाषा वियोजक पर विवादसंपादित करें

सम्भव है कि ज़ेख्रिंग एक तिब्बती-बर्मी भाषा हो जबकि कमान एक भाषा वियोजक हो।[1] ब्लेन्च ने २०१५ में यह भी सम्भावना प्रकट की है कि शायद कमान और ज़ेख्रिंग दोनों भाषा वियोजक हैं जिनमें शब्दों की समानता आपस में लेन-देन से हो गई है। उनके अनुसार सम्भव है कि ज़ेख्रिंग ने पहले कमान और तिब्बताई भाषाओं से और फिर नागा भाषाओं और जिन्गपो से शब्द लिए हैं। यह स्थापित हो चुका है कि दोनों भाषाएँ उत्तरी मिश्मी भाषाओं से समीपी सम्बन्ध नहीं रखती।[2]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Blench, Roger; Post, Mark (2011), (De)classifying Arunachal languages: Reconstructing the evidence (PDF), मूल (PDF) से 26 मई 2013 को पुरालेखित, अभिगमन तिथि 17 अप्रैल 2017
  2. George van Driem (2001) Languages of the Himalayas: An Ethnolinguistic Handbook of the Greater Himalayan Region. Brill.