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रशीदुन खिलाफ; अरबी: الخلافة الراشدية‎ '‏‎: अल. ख़िलफाह अर-राशिद) इस्लाम के शुरुआती दौर में इस्लामिक खिलाफत थी जिसमें इस्लामी शारिया अनुसार ही शासन प्रणाली थी और रशीदुन खिलाफत के चार खलीफा, राइटली गाइडेड या रशीदुन खलीफा कहलाते है। यह 632 ईस्वी (इस्लामी कैलेंडर वर्ष 11 हिजरी) में पैंगबर हजरत मुहम्मद साहब की मृत्यू के बाद स्थापित किया गया था। रशीदुन खिलाफत ने महत्वपूर्ण सफलताएँ प्राप्त की जैसे अरब प्रायद्वीप और लेवेंत और उत्तर में काकेशस, और ,उत्तरी अफ़्रीका , पूर्वी एशिया में ईरानी पठार तथा संपुर्ण पश्चिम एशिया पर नियंत्रण था। [1]

‎الخلافة الراشدة
‏‎ राशिदून ख़िलाफ़त
Rashidun Caliphate
ख़िलाफ़त

 

632–661

ध्वज

रशीदुन खिलाफत का मानचित्र.
राजधानी मदीना
(632-656) कूफ़ा
(656-661)
भाषाएँ अरबी, अरैमिक, सिरिएक, बर्बर, जार्जियाई, ग्रीक, हिब्रृ, फारसी, कुर्दी
धर्म इस्लाम
शासन ख़िलाफ़त
अमीरूल मोमीन¹
 -  632–634 हजरत अबू बक्र सिद्दीक
 -  634–644 खलीफा हजरत उमर फारुख
 -  644–656 हजरत उसमान बिन अफ़्फ़ान‎
 -  656–661
-661
हजरत अली
हसन इब्न अली (अन्तिम)
इतिहास
 -  स्थापित 632
 -  अंत 661
Area 90,00,000 किमी ² (34,74,919 वर्ग मील)
जनसंख्या
 -  est. 4,03,00,000 
     


घनत्व

4.5 /किमी ²  (11.6 /वर्ग मील)
मुद्रा दिनार, दिरहम
आज इन देशों का हिस्सा है:
¹‏
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विश्व मानचित्र में रशीदुन खिलाफत

राशिदून ख़लीफ़ासंपादित करें

काल ख़लीफ़ा इस्लामी अक्षरांकन मुहम्मद से रिश्तेदारी माता पिता कुटुंब विषय
8 जून 632 – 22 अगस्त 634 अबू बक्र
(أبو بكر)
'अब्दुल्ला
सहाबी
अस-सिद्दीक़
  मुहम्मद की पत्नी हज़रत आईशा के पिता बनू तयिम
  • आम तौर पर अस-सिद्दीक़ (Arabic: الصديق, "सत्यवादी" कहलाते थे। )
  • मृत्यु तक ख़लीफ़ा रहे।
23 अगस्त 634 – 3 नवंबर 644 'उमर इब्न अल-ख़त्ताब
(عمر بن الخطاب)
सहाबी
अल-फ़ारूक़
अमीर अल-मूमिनीन
  मुहम्मद की पत्नी हफ़सा के पिता
  • ख़त्ताब इब्न नुफैल
  • हंतामह बिन्त हिस्याम
बनू अदिय
  • अल-फ़ारूक़ के नाम से जाने जाते हैं ("सत्य और असत्य के बीच फ़र्क करने वाले")
  • फारसियों (फ़ारस / मौजूदा ईरान) के लोगों ने हत्या कर दी।
11 नवम्बर 644 – 20 जून 656 'उस्मान इब्न अफ़्फ़ान
(عثمان بن عفان)
सहाबी
Dhun Nurayn
अमीर अल-मूमिनीन
  मुहम्मद की बेटियां रुक़य्या और उम् कुलसुम के पती
  • 'अफ्फ़ान इब्न अबी अल-आस
  • अरवा बिन कुरेज़, सहाबिया
बनू उमय्या
  • इन्हें "जून-नूरैन" भी कहा जाता है। क्यों के इन्हों ने हज़रत मुहम्मद की दो बेटियों से शादी की थी।
  • इन के घर में ही इन्हें घेर कर ह्त्या की गयी।
20 जून 656 – 29 जनवरी 661 अली
(علي بن أبي طالب)
सहाबी
अमीर अल-मूमिनीन
 
  • मुहम्मद के पहले चचाज़ाद भाई
  • मुहम्मद की बेटी फ़ातिमा के पती
  • मुहम्मद की नवासी उम्माह बिन्त जैनब के पती थे
बनू हाशिम
  • शियाओं के पहले इमाम भी माने जाते हैं
  • कूफ़ा की मस्जिद में फ़जर की नमाज़ के वक़्त शहीद कर दिया गया।

सन्दर्भसंपादित करें



  1. Sowerwine, James E. (मई 2010). Caliph and Caliphate: Oxford Bibliographies Online Research Guide (अंग्रेज़ी में). Oxford University Press, USA. पृ॰ 5. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780199806003.