मुख्य मेनू खोलें
स्प्रिंग से लटका द्रव्यमान अपनी स्थिरावस्था से थोड़ा सा विस्थापित करके छोड़ देने पर सरल आवर्त गति करता है।

जब किसी भौतिक प्रणाली का कोई चर (पैरामीटर) समय के साथ इस प्रकार बदलता है कि उस पैरामीटर के मान को समय के ज्या फलन (sine function) द्वारा निरूपित किया जा सकता है तो उस प्रणाली को सरल आवर्ती दोलक या 'हार्मोनिक आसिलेटर' (harmonic oscillator) कहते हैं। स्प्रिंग से लटका हुआ द्रव्यमान, सरल लोलक तथा दोलनकारी परिपथ (oscillating circuit) इसके कुछ उदाहरण हैं। अवकल समीकरण के रूप में इन दोलकों को द्वारा निरुपित् किया जा सकता है।

चिरसम्मत यांत्रिकी

न्यूटन का गति का द्वितीय नियम
इतिहास · समयरेखा
इस संदूक को: देखें  संवाद  संपादन

यांत्रिक दोलकसंपादित करें

वैद्युत दोलकसंपादित करें

तुलनासंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें