सुषमा सेठ भारतीय सिनेमा, टीवी व रंगमंच की जानीमानी अभिनेत्री हैं। अपने अभिनय सफर की शुरुआत उन्होंने 70 के दशक में की। उन्होंने सबसे अधिक हिन्दी फिल्मों में नायक के माँ के किरदार निभाये। प्रेम रोग, राम तेरी गंगा मैली, चाँदनी, दीवाना, कभी खुशी कभी ग़म और कल हो ना हो जैसी चर्चित फिल्मों में उन्होंने काम किया है।

सुषमा सेठ

सुषमा सेठ, 2013
जन्म 20 जून 1936 (1936-06-20) (आयु 88)
पेशा अभिमेत्री
कार्यकाल 1956 से आजतक [1]
बच्चे 3
संबंधी चारु सिजा माथुर (बहन)
राजकुमार सिंहजीत सिंह (बहनोई)
वेबसाइट
http://sushmaseth.com/

सुषमा ने कई टीवी धारावाहिकों में भी काम किया जैसे कि हम लोगदेख भाई देख और दर्द का रिश्ता। 80 के पूर्वार्ध में दूरदर्शन पर प्रसारित पहले सोप ओपेरा हम लोग में उनके द्वारा निभाया दादी का किरदार बेहद लोकप्रिय रहा। दादी को गले के कैंसर से पीड़ित दिखाया गया था, वे मृत्यु की कगार पर थीं पर यह सुषमा की लोकप्रियता ही थी जिसके कारण इस किरदार की उम्र को दर्शकों की माँग पर बढ़ाना पड़ा।

व्यक्तिगत जीवन

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हम लोग धारावाहिक में सुषमा की पोती मंझली का किरदार निभाने वाली लोकप्रिय टीवी कलाकार दिव्या सेठ उनकी पुत्री हैं।

प्रमुख फिल्में

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वर्ष फ़िल्म चरित्र टिप्पणी
2003 कल हो ना हो
2003 तुझे मेरी कसम
2001 मोक्ष
2001 कभी खुशी कभी ग़म
2000 चल मेरे भाई
2000 धड़कन राम सौतेली माँ
2000 ढ़ाई अक्षर प्रेम के
2000 शिकारी
1999 दाग
1999 ताल
1998 करीब लता
1998 बड़े मियाँ छोटे मियाँ
1998 घरवाली बाहरवाली
1996 दरार
1994 तेजस्वनी
1993 इन कस्टडी अंग्रेजी फ़िल्म
1993 1942: अ लव स्टोरी
1993 प्यार का तराना
1992 सूर्यवंशी
1992 दीवाना लक्ष्मी देवी
1992 बोल राधा बोल सुमित्रा मल्होत्रा
1992 सरफिरा
1992 इन्तेहा प्यार की
1992 माँ
1992 दिल आशना है
1992 हीर राँझा
1991 खून का कर्ज़ सावित्री देवी
1991 अज़ूबा ज़रीना ख़ान
1991 दो मतवाले
1991 शंकरा
1990 चाँदनी
1990 जवानी ज़िन्दाबाद शारदा शर्मा
1989 चाँदनी
1989 सूर्या सलमा ख़ान
1989 तूफान
1989 मिट्टी और सोना
1989 बड़े घर की बेटी
1989 हिसाब खून का
1989 घराना
1988 हम फ़रिश्ते नहीं
1988 वारिस
1988 धर्मयुद्ध
1988 चरणों की सौगन्ध पदमा सिंह
1988 आखिरी अदालत
1988 औरत तेरी यही कहानी
1987 अपने अपने श्रीमती कपूर
1987 मर्द की ज़बान
1987 आवाम
1987 खुदगर्ज़ सीता सिन्हा
1986 प्यार किया है प्यार करेंगे
1986 नगीना
1986 पाले ख़ान
1986 जाँबाज़ लक्ष्मी सिंह
1986 काला धंधा गोरे लोग
1985 अलग अलग
1985 माँ कसम ठकुराइन
1985 मेरा घर मेरे बच्चे
1985 खामोश लीला
1985 फासले
1985 तवायफ़ नादिरा
1985 वफ़ादार
1984 हम लोग दादी
1983 नौकर बीवी का
1982 प्रेम रोग
1982 स्वामी दादा
1981 सिलसिला अभिनेत्री
1981 कलयुग सावित्री
1980 चन परदेसी
1978 जुनून

नामांकन और पुरस्कार

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1985 में बी आर चोपड़ा की फिल्म तवायफ़ में निभाये रोल के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के रूप में नामांकित किया गया था।

बाहरी कड़ियाँ

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  1. "Stage plays performed from 1956-1990". मूल से 25 अक्तूबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2 अगस्त 2017.