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सांप्रदायिकता फैलाने व इतिहास के साथ के साथ छेड़छाड़ करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा फैज़ाबाद जिले का नाम परिवर्तित कर अयोध्या किया गया है। इस बात में किसी भी तरह से कोई भी शक नहीं अयोध्या हिंदुओं की पावन नगरी है पर हमारा संविधान धर्मनिरपेक्षता की बात करता है जिस पर कभी भी किसी एक वर्ग की विचारधारा समूचे समुदाय पर नहीं थोपी जा सकती। वही शासक किसी जिले का नाम अयोध्या रखेगा जो पूरी तरह से निरंकुश होगा और गांधी जी द्वारा परिकल्पित राम राज्य लाने असमर्थ होगा। ऐसे ही दूषित बुद्धि वाले शासक ऐसे काम कर धर्म और अपने शासन का झूठा बोध करवाने का कार्य करते हैं। भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति आरंभ से ही समावेशी रही जिसने हर विचारधारा चाहे वो सिकंदर की रही हो मुगलों की रही हो या युरोप से आए शासकों की रही हो, सबका यहां की सहिष्णु जनता दर्द सहकर सम्मान किया है तभी हमारा भारत देश आज उस मुकाम पर है जहां से वह पूरे विश्व को एक दिशा दे सकता। धर्म कभी भी राजनीति का जरिया नहीं होना चाहिए। जिलों अथवा शहर के ऐतिहेसिक और प्रचलित नाम हटाकर उन्हें एक समुदाय विशेष से जुड़ाव रखने वाले नाम देना पूर्ण रूप से एक धर्म निरपेक्ष और समावेशी राष्ट्र की रूह में सांप्रदायिकता रूपी विष घोलने जैसा है। अतः उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन है कि इलाहाबाद और फैज़ाबाद नाम को पुनः बहाल किया जाए। आप जैसा कर्मठ मुख्यमंत्री इस प्रदेश को पहली बार मिला है। अगर आपको उत्तर प्रदेश के उदारवादी लोगों का साथ मिल जाए तो आपको कोई भी मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटा नहीं सकता है। धन्यवाद