मुख्य मेनू खोलें

{{Infobox Indian Jurisdiction |

| नगर का नाम   =अयोध्या 
| latd = 26.78
| longd= 82.13
| प्रदेश      = उत्तर प्रदेश
| जिला      = फैजाबाद
| शासक पद = महापौर
| शासक का नाम =ऋषिकेश उपाध्याय (भाजपा)
| शासक पद 2 = सांसद
| शासक का नाम 2 = श्री लल्लू सिंह (भाजपा) 
| शासक पद का नाम(विधायक)  श्री वेद प्रकाश गुप्ता
| ऊँचाई      = 97
| जनगणना का वर्ष = 2011
| जनगणना स्तर  = 
| जनसंख्या   =  4,246,456
| घनत्व    = 180
| क्षेत्रफल     = 16.02
| विश्वविद्यालय- डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय,साकेत विश्वविद्यालय
| दूरभाष कोड = 05278
| पिनकोड    =224001,224123,224102 
| वाहन रेजिस्ट्रेशन कोड = UP 42
| unlocode      = 
| वेबसाइट = faizabad.nic.in/
| skyline = Faizabad chowk.jpg
| skyline_caption = सुभाष चन्द्र बोस चौक
| टिप्पणियाँ   = |

इतिहाससंपादित करें

अयोध्या का इतिहास अत्यन्त गौरवपूर्ण एवं समृद्ध है। यह प्रभु श्रीराम की जन्म एवं कर्मस्थली है। प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या फैजाबाद जनपद में है। राम-भरत मिलाप के पश्चात भरत खड़ाऊँ लेकर अयोध्या मुख्यालय से 15 किमी॰ दक्षिण सुलतानपुर रोड रोड पर स्थित भरतकुण्ड नामक स्थान पर चौदह वर्ष तक रहे। यहाँ पतित पावनी माँ सरयू नदी रूप में अवतरित होकर सदियोँ से मानव कल्याण करती है।

फ़ैज़ाबाद की स्थापना अवध के पहले नबाव सादत अली ख़ाँ ने 1730 में की थी और उन्होंने इसे अपनी राजधानी बनाया, लेकिन वह यहाँ बहुत कम समय व्यतीत कर पाए। तीसरे नवाब शुजाउद्दौला यहाँ रहते थे और उन्होंने नदी के तट 1764 में एक दुर्ग का निर्माण करवाया था; उनका और उनकी बेगम का मक़बरा इसी शहर में स्थित है। 1775 में अवध की राजधानी को लखनऊ ले जाया गया। 19वीं शताब्दी में फ़ैज़ाबाद का पतन हो गया।

वायु मार्गसंपादित करें

अयोध्या का निकटतम हवाई अड्डा फैज़ाबाद में है। एयरपोर्ट से फ़ैज़ाबाद लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा अयोध्या स्थित पूर्व परिणाम में भी हवाई अड्डा है। यह हवाई अड्डा डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविधालय, अयोध्या के समीप स्थित है। इस हवाई अड्डे के नाम श्रीरामलला अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है लेकिन अभी यह हवाई अड्डा चालू नहीं हुआ है जबकि प्रस्तावित हो गया है अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने को।

रेल मार्गसंपादित करें

रेल मार्ग द्वारा दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज (इलाहाबाद), सुल्तानपुर और जौनपुर से अयोध्या आसानी से पहुँचा जा सकता है।

सड़क मार्गसंपादित करें

अयोध्या सड़क मार्ग द्वारा भारत के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, सुल्तानपुर और अन्य जगहों से अयोध्या आसानी से पहुँचा जा सकता है।

कृषि और खनिजसंपादित करें

अयोध्या, घाघरा नदी के दक्षिणी तट के किनारे जलोढ़ मैदान के उपजाऊ हिस्से पर बसा हुआ है। यहाँ प्रमुख फ़सलें धान, गन्ना, गेहूँ और तिलहन हैं। अयोध्या के दक्षिण-पूर्व में स्थित टांडा शहर में निर्यात के लिए हथकरघा वस्त्र का निर्माण होता है। तथा अबेंडकर नगर जिले के राजेसुल्तानपुर से तम्बाकु सस्ती दरो पर प्राप्त हो जाता है, सोहावल के पास पनबिजली उत्पादन केंद्र है।

उद्योग और व्यापारसंपादित करें

अयोध्या शहर के उद्योगों में चीनी प्रसंस्करण और तिलहन की पेराई शामिल है तथा यह कृषि उत्पादों का व्यापारिक केंद्र भी है।

पर्यटनसंपादित करें

ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से भी यह स्थान काफ़ी महत्त्वपूर्ण माना जाता है। कलकत्ता क़िला, नागेश्‍वर मंदिर, राम जन्मभूमि, सीता की रसोई, अयोध्या तीर्थ, गुरुद्वारा ब्रह्मकुण्ड और गुप्तार घाट , गुलाब बाड़ी ,तथा बहुबेगम का मकबरा , यहां के प्रमुख एवं प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से हैं। छावनी छेत्र से लगा हुआ गुप्तार घाट में अवस्थित श्री अनादि पंचमुखी महादेव मन्दिर नगरवासियों की आस्था का केन्द्र हैI