छतरपुर भारत के मध्य प्रदेश प्रांत का एक शहर है। विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के मंदिर इसी जिले में हैं। छतरपुर नगर, उत्तर-भारत मध्य प्रदेश राज्य, मध्य भारत में स्थित है। इसकी पूर्वी सीमा के पास से सिंघारी नदी बहती है। आरंभ में पन्ना सरदारों द्वारा शासित इस नगर पर 18वीं शताब्दी में कुंवर सोने शाह परमार का अधिकार हो गया। यह चारों ओर से पहाड़ों से घिरा है और वृक्षों, तालाबों तथा नदियों की बहुतायत के कारण अत्यंत दर्शनीय स्थल है। राव सागर, प्रताप सागर और किशोर सागर यहाँ के तीन महत्त्वपूर्ण तालाब हैं।

छतरपुर
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य मध्य प्रदेश
महापौर नगर पालिका अध्यक्ष श्री मति अर्चना सिंह
सांसद श्री वीरेंद्र कुमार
जनसंख्या ९९,५१९ (२००१ के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• ३०५ मीटर
आधिकारिक जालस्थल: chhatarpur.nic.in

निर्देशांक: 24°54′N 79°36′E / 24.9°N 79.6°E / 24.9; 79.6

छतरपुर का एक देशी राज्य था जो अब एक जिला हैं। इसमें मुख्यत: मैदानी भाग था। जिले की समुद्रतट से औसत ऊँचाई ६०० फुट है। केन यहाँ की प्रमुख नदी है। उर्मल और कुतुरी उसकी सहायता नदियाँ हैं। यहाँ पुरातत्व की दृष्टि से महत्व के स्थानों में खुजराहो, १८वीं सदी की इमारतें, छतरपुर से १० मील पश्चिम स्थित राजगढ़ के पास एक किले के अवशेष एवं चंदेलों द्वारा निर्मित अनेक तालाब हैं। कोदो, तिल, जौ, बाजरा, चना, गेहूँ तथा कपास यहाँ के मुख्य कृषिपदार्थ हैं।

छतरपुर नगर छतरपुर जिले का प्रधान कार्यालय है। यह बाँदा-सागर-सड़क पर स्थित है। पहले नगर तीन ओर से दीवालों से घिरा था। नगर के केंद्र में रामहल तथा अन्य कई अच्छे मकान हैं। यहाँ एक स्नातकोत्तर डिग्री कालेज तथा कुछ स्कूल हैं। ताँबे के बर्तन, लकड़ी के सामान तथा साबुन निर्माण यहाँ के उद्योगों में प्रमुख हैं। समुद्र की सतह से ऊँचाई १,००० फुट है। नगर के कई तालाबों में रानी ताल प्रमुख हैं।

इतिहाससंपादित करें

छतरपुर की स्थापना 1785 में हुई थी और इसका नाम बुंदेल राजपूत नेता छत्रसाल के नाम पर रखा गया है, जो बुंदेलखंड की आजादी के संस्थापक हैं। उनके वंशजों द्वारा राज्य पर 1785 तक शासन किया गया था। उस समय राजपूतों के परवार वंश ने छतरपुर पर अधिकार कर लिया था।

ब्रिटिश राज द्वारा 1806 में कुंवर सोने सिंह परवार को राज्य की प्रत्याभूति दी गई थी। 1854 में छतरपुर ब्रिटिश सरकार को व्यपगत का सिद्धान्त के तहत प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी के लिए पतित हो गया, लेकिन अनुग्रह के विशेष कार्य के रूप में जगत राज को सम्मानित किया गया था। परवार राजाओं ने 1,118 वर्ग मील (2,900 किमी) के क्षेत्र के साथ एक रियासत पर शासन किया, और 1901 में यहाँ 156,139 की आबादी थी, इस वक्त यह मध्य भारत की बुंदेलखंड एजेंसी का हिस्सा था। इस राज्य में नोवोंग का ब्रिटिश छावनी भी था।

इस प्रांत में शासन करने वाले राजाओं के नाम निम्न हैं:-

  • 4 मई 1649 - 20 दिसंबर 1731 महाराजा छत्रसाल
  • 1785–1816 कुंवर सोन शाह
  • 1816–1854 परताब सिंह
  • 1854–1867 जगत सिंह
  • 1867–1895 विश्वनाथ सिंह
  • 1895-1932 विश्वनाथ सिंह
  • 1932-1947 भवानी सिंह

1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद छतरपुर बुंदेलखंड के बाकी हिस्सों के साथ मिलकर, भारतीय राज्य विंध्य प्रदेश का हिस्सा बन गया। बाद में विंध्य प्रदेश को 1956 में मध्य प्रदेश राज्य में मिला दिया गया।

भौगोलिक स्थितिसंपादित करें

छतरपुर 24.9 ° N 79.6 ° E पर स्थित है। इसकी औसत ऊंचाई 305 मीटर (1,000 फीट) है। यह मध्य प्रदेश की सुदूर उत्तर-पूर्व सीमा पर स्थित है, जो उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के साथ अपनी सीमाओं को साझा करता है। यह उत्तर प्रदेश में झांसी से 133 किमी और मध्य प्रदेश में ग्वालियर से 233 किमी दूर है।

छतरपुर का परिदृश्य
दिवाली के वक्त छतरपुर

कृषि और खनिजसंपादित करें

यह नगर एक प्रमुख सड़क जंक्शन है और कृषि उत्पादों तथा कपड़ों का व्यापारिक केंद्र है।

उद्योग और व्यापारसंपादित करें

इसके आसपास का क्षेत्र धसान तथा केन नदियों के बीच का उपजाऊ मैदान है, जिसके दक्षिण में कहीं-कहीं 450 मीटर तक ऊँची वनाच्छादित पहाड़ियाँ हैं।

यहाँ की पुरानी औद्योगिक गतिविधियों में चीनी और नमक का बाज़ार, टाट-पट्टी निर्माण, छोटे पैमाने पर उत्पादित काग़ज, साबुन, पीतल, लोहे के बर्तन और अपरिष्कृत छुरी-कांटे का निर्माण शामिल है। आधुनिक उद्योगों में इनके अलावा क़ालीन, दरी, कंबल, कांसे के बर्तन तथा सोने-चांदी के आभूषण व लकड़ी पर नक़्क़ाशी, प्रलाक्षाकर्म, लाख की वस्तुएं, मोटे सूती वस्त्र ‘गंज़ी’ की बुनाई और कपड़ों पर छपाई का काम शामिल है।

जनसंख्यासंपादित करें

2011 की जनगणना के अनुसार छतरपुर नगर की कुल जनसंख्या और ज़िले की कुल जनसंख्या 17,62,852 है। पुरुष जनसंख्या 9,35,870 तथा महिला जनसंख्या 8,26,951 है !

परिवहनसंपादित करें

बस स्टैंड= यहाँ आसपास के शहरो के अलावा महानगरो के लिए 24 घंटे बसें उपलब्ध है। छतरपुर-यह शहर बस तथा रेल मार्ग से मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़ा हुआ है कुछ प्रमुख बसे झॉंसी सुबह 6:25,09:20,शाम 17:00,19:30, इत्यादी,, दिल्ली के लिए सरकारी बस दोपहर 2:30,4:30,6:30 दिल्ली स्लीपर प्राईवेट बस शाम 7:30,8:30

सहायक एवं संदर्भ श्रोतसंपादित करें

रेलवे स्टेशन =यहां से 3 ट्रेन गुजरती है ,एक भोपाल और 1 झांसी ,1 इंदौर