भारतीय मिठाइयाँमिष्ठान्न शक्कर, अन्न और दूध के अलग अलग प्रकार से पकाने और मिलाने से बनती हैं। खीर और लप्सी सबसे सामान्य मिठाइयाँ हैं जो प्रायः सभी के घर में बनती हैं। अधिकतर मिठाइयाँ हाट से मोल ली जाती हैं। मिठाई बनाने वाले व्यवसायी रसोइयों को 'मिठाईवाला' कहते हैं।

मिठाइयाँ
केरल में पुंसावनम के समय परोसी जाने वाले मिठाइयाँ

भारत की संस्कृति के ही अनुसार यहाँ सभी प्रदेशों की मिठाई में भी कुछ-कुछ विभिन्नता और समानता है। उदाहरण के लिए पूर्वी भारतीय मिठाइयों में छेने की प्रमुखता है तो उत्तर भारतीय मिठाइयों में खोये की। उत्तर भारत की मिठाइयों में दूध की प्रमुखता है तो दक्षिण भारत की मिठाइयों में नारियल और अन्न की।

त्योहारों व पारिवारिक अनुष्ठानों में मिठाई का बहुत महत्व होता है। दैनिक जीवन में मिठाई खाने के उपरान्त खाई जाती है। कुछ मिठाइयों को खाने का समय निर्धारित होता है जैसे जलेबी सवेर के समय खाई जाती है, तो कुछ मिठाइयाँ पर्वों से सम्बन्धित होती हैं, जैसे गुझिया उत्तर भारत में होली पर और दक्षिण भारत में दिवाली पर बनाने की परम्परा है।

भारत और मिठाइयाँसंपादित करें

भारत में मिठाइयों की भरमार है। उनमें से कुछ निम्नलिखित है -

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