ग्वालवंशी

अहीर (यादव) वंश

ग्वालवंशी या ग्वाल[1] (गोपाल)[2][3] भारत और नेपाल में यादव (अहीर) का एक वंश है। ग्वालवंशी स्वयं को श्री कृष्ण के ग्वाल सखाओं के वंशज मानते है।[4][5][6][7][8][9] यादवों के तीन प्रमुख वर्ग हैं यदुवंशी, नंदवंशी और ग्वालवंशी। [10][11][12][13]

व्युत्पत्तिसंपादित करें

ग्वाल/ग्वाला शब्द का अर्थ गोपाल या "गायों का रक्षक" होता है, अमरकोश, एक प्राचीन संस्कृत पाठ उन्हें आभीर के पर्याय के रूप में मानता है। महाभारत में अहीर, गोप, गोपाल और यादव सभी पर्यायवाची हैं।[14][15][16][17][18][19]

इतिहाससंपादित करें

ग्वालवंशी या ग्वाल अहीर अपनी उत्पत्ति श्री कृष्ण के ग्वाल सखाओं से मानते हैं।[5][4] ग्वाल अहीर मुख्य रूप से पशुपालक होते हैं, जो दूध, दही, घी आदि बेचते थे।[20]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Elliot, Sir Henry Miers (1869). Memoirs on the History, Folk-lore, and Distribution of the Races of the North Western Provinces of India: Being an Amplified Edition of the Original Supplemental Glossary of Indian Terms (अंग्रेज़ी में). Trübner & Company.
  2. Seṭha, Haragovindadāsa Trikamacanda (1986). पाइअ-सद्द-महण्णवो (प्राकृत-शब्द-महार्णवः): अर्थात् विविध प्रकृत भाषाओं के शब्दों का संस्कृत प्रतिशब्दों से युक्त, हिन्दी अर्थों से अलंकृत, प्राचीन ग्रन्थों के अनल्प अवतरणों और परिपूर्ण प्रमाणों से विभूषित बृहत्कोष. Motilal Banarsidass Publ. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-208-0239-1.
  3. Kumar, Arvind; Kumar, Kusum (2006-01-01). Arvind Sahaj Samantar Kosh. Rajkamal Prakashan. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-267-1103-1.
  4. भार्गव, गोपाल (2011). हरियाणा की कला एवं संस्कृति. Gyan Publishing House. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7835-889-5.
  5. Singh, K. S.; Lavania, B. K. (1998). Rajasthan (अंग्रेज़ी में). Popular Prakashan. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7154-766-1.
  6. Padmaja, T. (2002). Temples of Kr̥ṣṇa in South India: History, Art, and Traditions in Tamilnāḍu (अंग्रेज़ी में). Abhinav Publications. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7017-398-4.
  7. Kasturi, Geeta (2013-02-18). Srimad Bhagavatam (अंग्रेज़ी में). Lulu.com. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-291-22965-3.
  8. Michelutti, Lucia (2008). The Vernacularisation of Democracy: Politics, Caste, and Religion in India (अंग्रेज़ी में). Routledge. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-415-46732-2.
  9. People of India: pt.1-2 West Bengal (अंग्रेज़ी में). Anthropological Survey of India. 1992. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-85579-09-2.
  10. अग्रवाल, रामनारायण (1981). ब्रज का रास रंगमंच. नेशनल पब्लिशिंग हाउस.
  11. Candra, Vijaya (1996). Bhāshā bhūgola aura sāṃskr̥tika cetanā: Ahirānī bhāshā ke sandarbha meṃ. Vidyā Prakāśana.
  12. भार्गव, गोपाल (2011). हरियाणा की कला एवं संस्कृति. Gyan Publishing House. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7835-889-5.
  13. Singh, K. S.; Lavania, B. K. (1998). Rajasthan (अंग्रेज़ी में). Popular Prakashan. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7154-766-1.
  14. Rao, M. S. A. (1987). Social Movements and Social Transformation: A Study of Two Backward Classes Movements in India (अंग्रेज़ी में). Manohar. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-8364-2133-0.
  15. Kumar, Ravinder (1984). Philosophical Theory and Social Reality (अंग्रेज़ी में). Allied. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-8364-1171-3.
  16. Kumar, Vijay (2005). Baby Names for Boys (अंग्रेज़ी में). Lotus Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-901912-3-4.
  17. Yadav, J. N. Singh (2001). Yadavas of South India (अंग्रेज़ी में). Yadava Publications.
  18. Enthoven, Reginald Edward (1990). The Tribes and Castes of Bombay (अंग्रेज़ी में). Asian Educational Services. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-206-0630-2.
  19. Landis, Dan; Albert, Rosita D. (2012-02-14). Handbook of Ethnic Conflict: International Perspectives (अंग्रेज़ी में). Springer Science & Business Media. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-4614-0448-4.
  20. Siṃha, Kr̥shṇa Kumāra (1989). Santa kāvya ke vikāsa meṃ varṇa, jāti, aura varga kī bhūmikā. Sāhitya Bhaṇḍāra.