पृथ्वीराजविजयमहाकाव्यं संस्कृत महाकाव्य है। इसे हिन्दी में 'पृथ्वीराज विजय महाकाव्य' भी कहा जाता है। इसमें तारावड़ी के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान की विजय का वर्णन है। इसमें तरावड़ी के द्वितीय युद्ध का उल्लेख नहीं है। इसकी रचना लगभग ११९१-९२ में जयानक नामक कश्मीरी शासनिक राव कवि ने किया था।

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