भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण

हावड़ा के एक एटीएम पर नोटों के लिए लगी कतार, 8 नवम्बर 2016

भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण, जिसे मीडिया में छोटे रूप में नोटबंदी कहा गया, की घोषणा 8 नवम्बर 2016 को रात आठ बजे (आईएसटी) भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अचानक राष्ट्र को किये गए संबोधन के द्वारा की गयी। यह संबोधन टीवी के द्वारा किया गया। इस घोषणा में 8 नवम्बर की आधी रात से देश में 500 और 1000 रुपये के नोटों को खत्म करने का ऐलान किया गया। इसका उद्देश्य केवल काले धन पर नियंत्रण ही नहीं बल्कि जाली नोटों से छुटकारा पाना भी था। [1]

अनुक्रम

पृष्ठभूमिसंपादित करें

कुछ खबरों के अनुसार, यह योजना छह महीने पहले बननी शुरू हुई थी। सरकार के इस फैसले की जानकारी केवल कुछ लोगों को थी। ये लोग थे- मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा, पूर्व और वर्तमान आरबीआई गवर्नर, वित्त सचिव अशोक लवासा, आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास और वित्त मंत्री अरुण जेटली। योजना को लागू करने की प्रक्रिया दो महीने पहले शुरू हुई थी।[1]

  यह लेख इसका एक भाग है।
नरेन्द्र मोदी

गुजरात विधान सभा चुनाव
2002  • 2007  • 2012


भारत के प्रधान मंत्री
लोक सभा चुनाव, 2014  • शपथग्रहण


वैश्विक योगदान


भारत

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इतिहास और सांख्यिकीसंपादित करें

इससे पहले, इसी तरह के उपायों को भारत की स्वतंत्रता के बाद लागू किया गया था। जनवरी 1946 में, 1000 और 10,000 रुपए के नोटों को वापस ले लिया गया था और 1000, 5000 और 10,000 रुपए के नए नोट 1954 में पुनः शुरू किये गए थे। 16 जनवरी 1978 को जनता पार्टी की गठबंधन सरकार ने फिर से 1000, 5000 और 10,000 रुपए के नोटों का विमुद्रिकरण किया था ताकि जालसाजी और काले धन पर अंकुश लगाया जा सके।[2]

28 अक्टूबर 2016 को भारत में ₹17.77 लाख करोड़ (यूएस$260 बिलियन) मुद्रा सर्कुलेशन में थी। मूल्य के आधार पर 31 मार्च 2016 को आई रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट अनुसार, सर्कुलेशन में नोटों की कुल कीमत ₹16.42 लाख करोड़ (यूएस$240 बिलियन) है, जिसमें से 86% (अर्थात ₹14.18 लाख करोड़  (यूएस$210 बिलियन)) 500 और 1000 के नोट हैं। वॉल्यूम के आधार पर रिपोर्ट अनुसार, 9,026.6 करोड़ नोटों में से 24% (अर्थात 2,203 करोड़) बैंक नोट सर्कुलेशन में हैं। [3] प्रधानमंत्री मोदी की आधिकारिक घोषणा के बाद रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सभी मूल्यवर्ग के नोटों की आपूर्ति में 2011 और 2016 और बीच में 40% की वृद्धि हुई थी, ₹ 500 और ₹ 1000 पैसों में इस अवधि में क्रमश: 76% और 109% की वृद्धि हुई। इस जाली नकदी को भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों मे इस्तेमाल किया गया था। इसके परिणाम स्वरुप नोटों को खत्म करने का निर्णय लिया गया था।

अतीत में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नोटबंदी का जोरदार विरोध किया था। भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने 2014 में कहा था कि 'आम औरत और आदमी, जो लोग अनपढ़ हैं और बैंकिंग सुविधाओं तक जिनकी पहुँच नहीं है ऐसे लोग इस तरह के उपायों से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। मुख्य रूप से कुछ समय के अंतराल में स्वयं जनता 2000 के नोट को चलन से बाहर कर देगी, क्योंकि जहाँ कम मुल्य की वस्तु खरीदनी हो तब दुकानदार आपसे 2000 के नोट नहीं लेगा। परिणाम स्वरूप 2000 के नोट की या तो जमाखोरी होगी अथवा काले धन का ही सृजन करेगें। सरकार को इस विषय पर प्रारंभिक समय से सचेत रहने की आवश्यकता है। [4][5][6][7]

नियमसंपादित करें

बैंकों से नोट बदलने की प्रक्रिया 30 दिसम्बर 2016 तक चली, इसके बाद पुराने नोट बदलने का कार्य केवल आर० बी० आई० द्वारा ही किया जायेगा।

  • नोट बदलने की प्रक्रिया समाप्त होने तक चली प्रक्रियाएं:
  1. एटीएम से किसी एक दिन में ₹2,500 तक निकाल सकते हैं।
  2. एक दिन में ग्राहक बैंक काउंटर से ₹24,000 से ज़्यादा नहीं निकाल सकता लेकिन इसमें एटीएम से निकाली गई राशि शामिल नहीं है।
  3. किसी एक हफ़्ते में एक ग्राहक ₹24,000 तक बैंक से निकाल सकता है। इसमें भी वो रक़म शामिल नहीं है जो एटीएम से निकाली गई हो।
  4. एक महीने के अंदर कोई भी ग्राहक ₹20,000 तक ही नक़द बैंक काउंटर से निकाल सकता है। आरबीआई ने 30 दिसंबर तक उस सीमा को ख़त्म कर दिया है जिसमें एटीएम पर किए गए महीने के पांच लेनदेन के बाद के इस्तेमाल पर शुल्क लगता था।
  5. एक बार में ₹2000 तक बैंक में बदल सकते हैं। इसके लिए किसी भी सरकारी फोटो-आईडी की एक फोटोकॉपी चाहिए। बैंक में एक फॉर्म भरने के बाद पुराने नोट बदल सकते हैं।
  6. एक दिन में एक व्यक्ति एक ही बार ₹2,000 के नोट बदल सकता है। एक ही आईडी पर दो बार पैसे जमा नहीं होंगे।
  7. कोई भी व्यक्ति अपने निजी बैंक खाते में जितना चाहे पैसा जमा कर सकता है, जिसमें 500, 1000 के नोट शामिल हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में थर्ड पार्टी डिपॉज़िट की इजाज़त नहीं दी गई है लेकिन अगर मजबूरन करना पड़े तो जमा करने वाले की और जिसका खाता है उसकी असली आईडी दिखानी पड़ेगी। हालांकि सरकार ने कहा है कि ₹2,50,000 तक जमा किए गए 500 या 1000 रुपए के नोटों तक के बारे में कोई जवाब नहीं माँगा जाएगा, लेकिन उससे ज़्यादा की राशि में हो सकता है कि आयकर विभाग इसकी जांच करे और अगर पुराने टैक्स या इनकम से ये राशि असामान्य लगती है और जांच में गड़बड़ी साबित होती है तो इस पर 200% की पेनल्टी लगाई जाएगी।
  8. ई-बैंकिंग लेनदेन पर कोई भी रोक नहीं है और कोई व्यक्ति आरटीजीएस, एनईएफटी, आईएमपीएस, पेटीएम, मोबाइल बैंकिंग वैगेरह के ज़रिए जितने चाहे पैसा किसी दूसरे को दे सकते हैं।[8]

नोटों के लिए भी लगी स्याहीसंपादित करें

काले धन को सफ़ेद करने के लिए एक ही व्यक्ति बार -बार लाइन में लग कर बैंको में भीड़ बढ़ा रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अब बैंको में नोट बदलने वाले के अंगुली में अमिट स्याही लगाई गई। [9]

नए नोटसंपादित करें

  • 2000 रुपए का नोट गुलाबी रंग का है। इसमें पीछे की ओर 'मंगलयान' की तस्वीर है। इसका आकार 66 मिली मीटर x 166 मिली मीटर है। नोट के सीरियल नंबरों का फोंट साइज बदला गया है।इस नोट पर भी देवनागरी अंकों में ₹2000 (₹२०००) लिखा है।[10]

प्रभावसंपादित करें

इसके साथ-साथ निफ़्टी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। एनएसई में 2.64 फ़ीसद या 225.40 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।[11]

अनेक बाजारों में दुकानों को आईटी (इनकम टैक्स) विभाग द्वारा छापे के डर की वजह से बंद कर दिया गया। हवाला ऑपरेटर भी भागे-भागे फिरने लगे और सोचन लगे कि इस तरह की भारी नकदी के साथ क्या करना चाहिए। देश के कई राज्यों में इनकम टैक्स विभाग ने छापे मारे। आयकर विभाग ने दिल्ली के चांदनी चौक, मुंबई में तीन जगहों और चंडीगढ़ लुधियाना के साथ-साथ कई शहरों में अवैध तरीके से नोट बदलने और हवाला कारोबार के शक में छापे डाले।[12]

18 नवम्बर को व्यवसाय चलाने के लिए पैसे नहीं होने का हवाला देते हुए मणिपुर में अखबारों ने अपने कार्यालय बंद कर दिए। इसके परिणामस्वरूप शुक्रवार के बाद से मणिपुर में अखबार नहीं छपे। जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और पैसे की उपलब्धता नहीं हो जाती, तब तक कार्यालय बंद रहेंगे , ऐसी बात बताई गाई।[13]

सम्भावित प्रभावसंपादित करें

इस नोटबन्दी के कुछ प्रभाव तो अभी से स्पष्ट दिखने लगे हैं, जैसे नक्सलवाद को गहरा धक्का, भ्रष्ट लोगों में बेचैनी, आदि। किन्तु इससे बहुत से लोगों को बहुत सारी आशाएँ हैं। आशा की जा रही है कि रीयल एस्टेट (मकान, जमीन आदि) के दाम कम होंगे, बैंको की ब्याज दर भी कम होगी। भ्रष्टाचार में भी भारी कमी आने की उम्मीद है। चुनाव में कदाचार कम होगा, ऐसी भी आशा है।[14]

प्रतिक्रियासंपादित करें

समर्थनसंपादित करें

  1. सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने ट्वीट किया कि भ्रष्टाचार और कालेधन पर श्री नरेंद्र मोदी जी की सर्जिकल स्ट्राइक। भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत की लड़ाई में साथ दें। उनके मंत्रालय के राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी प्रधानमंत्री के फैसले की सराहना की। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह आम आदमी के लिए वास्तविक आजादी है।[15]
  2. संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने ट्वीट किया कि भ्रष्टाचार, कालेधन और आतंकवाद से लड़ने के लिए ऐतिहासिक कदम।[15]
  3. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बड़े कदम उठाना जरूरी था।[15]
  4. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कदम को राष्ट्र की प्रगति में मील का पत्थर बताते हुए साहसिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि काले धन के खिलाफ इस लड़ाई में भारत की जनता सच्चे सैनिकों की तरह सय़ौग करेगी।[15]
  5. बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने विमुद्रीकरण का समर्थन किया और कहा कि यह शेर की सवारी करने जैसा साहसिक निर्णय है।[15]

आलोचनासंपादित करें

  1. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ट्वीट को रीट्वीट कर दिया जिसमें ममता ने केंद्र के फैसले को कठोर कहा था। केजरीवाल ने 12 नवम्बर को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नोटबंदी के नाम पर देश में 'बड़े घोटाले' को अंजाम दिया गया। सरकार ने कुछ लोगों को पहले ही आगाह कर दिया था। पिछले तीन महिनों के बैंकों में हजारों करोड़ रुपये जमा कराए गए। बैंक में जमा कराई गई इतनी बड़ी रकम से शक पैदा होता है।[15]
  2. केरल की माकपा नीत एलडीएफ सरकार ने सरकार के आकस्मिक ऐलान की आलोचना करते हुए कहा कि इस कदम से देश से काला धन खत्म नहीं होगा। केरल के वित्त मंत्री टी एम थोमस इसाक ने कहा कि 1000 और 500 के नोटों को बंद करना काले धन की समस्या का निवारण नहीं है। पूरा काला धन इस रूप में नहीं होता। बहुत सारा धन विदेशों में जमा है और हवाले के रास्ते से आता है।[16]

भारत बन्दसंपादित करें

नोटबन्दी का विरोध करने वाले दलों (कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, सीपीएम आदि) ने 28 नवम्बर को भारत बन्द का आह्वान किया था जो सफल नहीं हुआ। [17][18]

जनमतसंपादित करें

कई सर्वेक्षणों से पता चलता है कि भारत की अधिकांश जनता ने इस विमुद्रीकरण की घोषणा का स्वागत किया है तथा वे इसके सकारात्मक प्रभावों के प्रति आशान्वित हैं। [19]

छापेसंपादित करें

आयकर विभाग तथा अन्य विभागों ने जगह-जगह छापे मारे जिसमें भारी मात्रा में पुराने तथा नये नोट मिले। इसमें कई बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का भी पर्दाफाश हुआ।

  • स्वैच्छिक घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत गुजरात के महेश शाह ने 13,800 करोड़ के उपर काले धन का ख़ुलासा किया था।[15]
  • गुजरात में सुरत के किशोर भजियावाले नाम के चाय और पकौड़ी बेचने वाले के पास से 1000 करोड़ का कालाधन बरामद किया गया था।[20]

कम नकदी को प्रोत्साहनसंपादित करें

500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण से उत्पन्न नकदी की कमी की समस्या से निपटने के लिये भारत सरकार ने डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देना आरम्भ किया है। प्रोत्साहन के लिये डिजिटल भुगतान करने पर सेवा कर में छूट तथा कई इनामों (लकी ड्रा) की घोषणा की गयी है।[21][22]

अन्य देशों में विमुद्रीकरणसंपादित करें

भारत में विमुद्रीकरण के निर्णय से प्रभावित होकर कुछ अन्य देशों ने भी विमुद्रीकरण का निर्णय लिया है जिसमें बेनेजुएला और आस्ट्रेलिया शामिल हैं। पाकिस्तान की सीनेट ने भी 5000 के नोटों की बन्दी का प्रस्ताव किया है।[23]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. छह लोगों को थी 500 और 1000 के नोटों के बंद किए जाने की जानकारी - नवभारत टाइम्स - 9 नवम्बर 2016
  2. Gopika Gopakumar, Vishwanath Nair (8 November 2016). "Rs500, Rs1000 notes may be back, if history is a guide". Live Mint. http://www.livemint.com/Politics/uzZItqeHdMPHHgFJaq2BnM/A-history-of-demonetization-in-India.html. अभिगमन तिथि: 9 November 2016. 
  3. Damodaran, Harish (9 November 2016). "Are banks equipped to replace 2,300 crore pieces of Rs 500 and Rs 1,000 notes?". Indian Express. http://indianexpress.com/article/opinion/web-edits/rs-500-rs-1000-notes-are-banks-equipped-to-replace-1874-crore-pieces-of-notes-4364746/. अभिगमन तिथि: 9 November 2016. 
  4. Kumar Uttam (12 November 2016). "The measure is ‘anti-poor’: When BJP opposed demonetisation during UPA govt". हिन्दुस्तान टाईम्स. http://www.hindustantimes.com/india-news/the-measure-is-anti-poor-when-bjp-opposed-demonetisation-during-upa-govt/story-1HSYEYCaX3SaIsRS6q2rhJ.html. अभिगमन तिथि: 12 November 2016. 
  5. Betwa Sharma (11 November 2016). "BJP Had A Very Different View On Demonetisation In 2014". Huffingtonpost.in. http://www.huffingtonpost.in/2016/11/11/bjp-had-a-very-different-view-on-demonetisation-in-2014/. अभिगमन तिथि: 12 November 2016. 
  6. "Explain opposition to similar move by UPA: AAP to BJP on demonetisation". द इंडियन एक्सप्रेस. 12 November 2016. http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/demonetisation-bjp-aap-currency-ban-4370935/. अभिगमन तिथि: 12 November 2016. 
  7. 5:23 pm. "How BJP had termed demonetisation as ‘anti-poor’ in 2014". Blogs.timesofindia.indiatimes.com. http://blogs.timesofindia.indiatimes.com/sanjeev-singh-blog/how-bjp-had-termed-demonetisation-as-anti-poor-in-2014/. अभिगमन तिथि: 12 November 2016. 
  8. बैंकों और 500-1000 के नोट पर 15 अहम बात -बीबीसी - 10 नवम्बर 2016
  9. http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/sikar/indelible-ink-to-stop-repeated-exchange-of-notes-2372902.html?utm_source=Twitter&utm_medium=Social
  10. 10 खास बातें : 500 और 2000 रुपए के नए नोट पुराने नोटों से कैसे अलग होंगे, जानें - एनडीटीवी - 9 नवम्बर 2016
  11. 500 और 1000 का नोट बंद होने से शेयर बाज़ार में हाहाकार - बीबीसी - 9 नवम्बर 2016
  12. नोटबंदी के बाद अब निशाने पर हवाला कारोबार, दिल्ली समेत कई शहरों में इनकम टैक्स के छापे जारी - एनडीटीवी - 12 नवम्बर 2016
  13. नोटबंदी का असर : मणिपुर में अखबारों के दफ्तर हुए बंद - एनडीटीवी - 18 नवम्बर 2016
  14. नोटबंदी : 50 दिन पूरे होने की आहट के बीच, देश को ऐसे हुआ बड़ा फायदा..!
  15. केजरीवाल ने नोटबंदी को बताया 'बड़ा घोटाला', कहा- बीजेपी ने अपने 'दोस्तों' को पहले ही आगाह कर दिया - एनडीटीवी - 12 नवम्बर 2016 सन्दर्भ त्रुटि: Invalid <ref> tag; name "NDTV" defined multiple times with different content
  16. 500, 1000 के नोट बंद होने पर क्या बोले मंत्री-सीएम? - एनडीटीवी - 9 नवंबर 2016
  17. नोटबंदी: संसद में हंगामा, सड़क पर बिखर गया विपक्ष का भारत बंद (नवभारत टाइम्स)
  18. बंद विफल होने से बीजेपी गदगद, सतीश उपाध्याय बोले जनता का केजरीवाल से उठा भरोसा (आज तक)
  19. नोटबंदी: जागरण के सर्वे में 85 फीसद देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ (दैनिक जागरण)
  20. "गुजरात: किशोर भजियावाला के ठिकानों पर छापे खत्म, 1000 करोड़ बरामद!". समाचार. २०१६. http://abpnews.abplive.in/india-news/gujarat-tea-vendor-kishore-bhajiyawala-worth-over-rs-1000-crore-520311. अभिगमन तिथि: २५ दिसम्बर २०१६. 
  21. मोदी सरकार की नई स्कीम, डिजिटल भुगतान करने के लिए देगी इनाम
  22. सरकार का ऐलान, डिजिटल भुगतान पर बरसेगा पैसा, सबसे बड़ा इनाम 1 करोड़
  23. पाकिस्तान में भी नोटबंदी! बंद होगा 5000 रुपए का नोट - ज़ी न्यूज़ - 20 दिसम्बर 2016

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें