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२०१२ की निर्वाचित तस्वीरेंसंपादित करें

०१ सप्ताह

साँचा:प्रमुख चित्र सप्ताह ०१ वर्ष २०१२

०२ सप्ताह
अजरबैजान में खिनलुंग घाटी का विहंगम दॄश्य।
०३ सप्ताह
गाउतेंग राष्ट्रीय उद्यान, दक्षिण अफ़्रीका में एक युवा तेंदुए की उछलते हुए चित्र।
०४ सप्ताह
केरल के त्रिेवेन्द्रम जिले के पूवर ग्राम के सागर तट का चित्र]]
०५ सप्ताह
स्कैन्डिनेवियाई देश, बाल्टिक देश, वर्तमान जर्मनी के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के संग पोलैण्ड तथारूस के भागों का मानचित्र। जोहन्न बाप्टिस्ट होमैन्न, १७३० ई०
०६ सप्ताह
कैरीबियाई द्वीप सेंट लूशिया की यूनेस्को विश्व धरोहर पर्वत शिखर, पेटिट पिटॉन
०७ सप्ताह
शुद्ध जर्कोनियम धातु की ९९.९७% शुद्ध छड़ें।
०८ सप्ताह
९९.९५% शुद्ध वैनेडियम धातु की दो छड़ें।
०९ सप्ताह
काठमाण्डू के दरबार स्क्वेयर चौक में बैठे तीन साधुओं की चित्र।
१० सप्ताह
उत्तराखण्ड की कुमांनी कन्याओं द्वारा एक परंपरागत लोक-गीत गान।
११ सप्ताह
गैलेरीज़ लाफ़ायेट, बुलेअर्ड, हॉसमैन, पैरिस में क्रिस्मस की सजावट का दृश्य।
१२ सप्ताह
सूरजमुखी पुष्प की परागरेखाएं
१३ सप्ताह
घबे कोहरे में डूबा सैन फ्रांसिस्को के गोल्डन गेट सेतु का ऊपर से उभरता सिरा।
१४ सप्ताह
तंजानिया के एक लुप्तप्राय प्रजाति एन्सेफ़लार्टोस स्क्लैवियो का शंकु।
१५ सप्ताह
भारतीय मोर (पैवो क्रिस्टेटस) का किरीट।
१६ सप्ताह
कॉन्वेन्टो दो कार्मो, लिस्बन के अवशेष।
१७ सप्ताह
लंदन के इलस्ट्रेटेड लंडन न्यूज़ पत्र में भारतीय राजपूतों को दर्शाता एक चित्र।
१८ सप्ताह
भीमबेटका स्थित पाषण आश्रय में एक प्राचीन शैलचित्र। यहां के शैल चित्रों के विषय मुख्यतया सामूहिक नृत्य, रेखांकित मानवाकृति, शिकार, पशु-पक्षी, युद्ध और प्राचीन मानव जीवन के दैनिक क्रियाकलापों से जुड़े हैं। चित्रों में प्रयोग किए गए खनिज रंगों में मुख्य रूप से गेरुआ, लाल और सफेद हैं और कहीं-कहीं पीला और हरा रंग भी प्रयोग हुआ है।
१९ सप्ताह
दिल्ली मेट्रो रेल का एक विस्तृत मानचित्र।
२० सप्ताह
ओडिशा राज्य के आदिवासी खोंड जनजाति की एक महिला।
२१ सप्ताह
अन्तर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से माउंट एवरेस्ट के उत्तरी एवं दक्षिणी चढ़ाई मार्ग।
२२ सप्ताह
माउण्ट एवरेस्ट का एक त्रिआयामी चित्र
२३ सप्ताह
अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन का इन्सिग्निया (प्रतीक)
२४ सप्ताह
पर्पल:गहन सागर धाराएं
नीली:सतही धाराएं
२५ सप्ताह
इब्राहिम मुत्तेफ़ेरिक्का द्वारा १७२८ ई. में बनाया गया हिंद महासागर का एक चित्र।
२६ सप्ताह
मॉरीशस का राजचिह्न
२७ सप्ताह
वर्ष २००८ का सकल घरेलू उत्पाद (नाममात्र) प्रति व्यक्ति के द्वारा देश (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष , अक्टूबर २००८ का अनुमान)
२८ सप्ताह
हांडी भारतीय खाना बनाने का बर्तन होता है। यह धातु, मिट्टी, चीनी मिट्टी की भी हो सकती है। यह बर्तन घड़े के आकार का संकरे मुंह का होता है।
२९ सप्ताह
पुरन पोली महाराष्ट्र का प्रसिद्ध मीठा पकवान है। यह हरेक तीज त्योहार आदि के अवसरों पर बनाया जाता है। इसेआमटी के साथ खाया जाता है।
३० सप्ताह
रोगन जोश एक मांसाहारी व्यंजन है। यह कश्मीरी, अवधी एवं अन्य भारतीय तथा पाकिस्तानी खानपान में आता है।
३१ सप्ताह
३२ सप्ताह
२०१० का उत्तर कैलिफ़ोर्निया के मॉवेरिक्स में एक सर्फ़िंग प्रतियोगिता का दृश्य।
३३ सप्ताह
तमिल नाडु में निर्मित भगवान शिव के नटराज रूप की एक ताम्र अयस्क की प्रतिमा।
३४ सप्ताह
कागज की एक माचिस की तीली का प्रज्ज्वलन चित्र।
३५ सप्ताह
राईमुनिया के पुष्पों का चित्र।
३६ सप्ताह
वस्त्रों आदि में प्रयोग होने वाले एक ज़िपर का प्रणाली चित्र।
३७ सप्ताह
शनि द्वारा सूर्य के ग्रहण का चित्र।
३८ सप्ताह
ध्रुवीय ज्योति, या मेरुज्योति, वह रमणीय दीप्तिमय छटा है जो ध्रुवक्षेत्रों के वायुमंडल के ऊपरी भाग में दिखाई पड़ती है। उत्तरी अक्षांशों की ध्रुवीय ज्योति को सुमेरु ज्योति, या उत्तर ध्रुवीय ज्योति, तथा दक्षिणी अक्षांशों की ध्रुवीय ज्योति को कुमेरु ज्योति, या दक्षिण ध्रुवीय ज्योति, कहते हैं। प्राचीन रोमवासियों और यूनानियों को इन घटनाओं का ज्ञान था और उन्होंने इन दृश्यों का बेहद रोचक और विस्तृत वर्णन किया है।
३९ सप्ताह
एम्स्टर्डैम से १६८९ में निर्मित एक विश्व का चित्र।
४० सप्ताह
४१ सप्ताह
मुगल बादशाह औरंगज़ेब स्वर्ण सिंहासन पर अपने दरबार में आसीन, साथ में शाइस्ता खां तथा शहज़ादा मुहम्मद आज़म एक तैल चित्र
४२ सप्ताह
ऑल इण्डिया मुस्लिम लीग वर्किंग कमेटी, के लाहौर सत्र, १९४० का एक दृष्य
४३ सप्ताह
मीनार-ए-पाकिस्तान, लाहौर में स्थित पाकिस्तान की सार्वभौमिकता तथा स्वतंत्रता की प्रतीक है।
४४ सप्ताह
भगवान विष्णु के अवतार नृसिंह द्वारा दैत्यराज हिरण्यकशिपु का वध।
४५ सप्ताह
कमल पर विराजमान सृष्टिकर्ता ब्रह्मा
४६ सप्ताह
दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाने वाला हिन्दू त्यौहारों में से सबसे बड़े पर्वों में से एक है। इस दिन हिन्दू भगवान राम अपनी भार्या सीता तथा अनुज लक्ष्मण के साथ चौदह वर्षों के वनवास उपरांत भक्त हनुमान सहित अपनी राजधानी अयोध्या वापस लौटे थे। इसी दिन धन की देवी लक्ष्मी भी सागर मंथन के परिणामस्वरूप सागर से प्रकट हुई थीं तथा उन्होंने भगवान विष्णु का वरण किया था। इसके साथ ही अनेक एशियाई धर्मों में भी इस पर्व का महत्त्व है।
४७ सप्ताह
राजा रवि वर्मा द्वारा भगवान षण्मुखम मुरुगन स्वामी (कार्तिकेय) का सपत्नीक तैल चित्र।
४८ सप्ताह
वैटिकन सिटी में सेंट पीटर्स स्क्वायर का एक चित्र
४९ सप्ताह
कैथोलिक धर्म में पादरियों को विवाह करने की अनुमति नहीं है और उन्हें आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। कुछ स्त्रियाँ भी अपना जीवन धर्म के नाम कर देती हैं और आजीवन कुँवारी रहती हैं। इन्हें "नन" कहा जाता है। जब ये नन बनाने की शपथ लेतीं हैं तो एक औपचारिक समारोह में विवाह के वस्त्र धारण किए इनका "ईसा से विवाह" रचाया जाता है। कैथोलिक संगठनों द्वारा चलाये गए पाठशालाओं में अक्सर यही ननें अध्यापिकाएँ हुआ करती हैं।
५० सप्ताह
तिब्बती संस्कृति में कालचक्र द्योतक एक प्रतिमा
५१ सप्ताह
यहूदी धर्म में पवित्र माना जाने वाला शब्द ज़ख्रेइनु एक कांच की शिला पर खुदा हुआ। इसका अर्थ होता है - हमें स्मरण रखें
५२ सप्ताह
५३ सप्ताह
प्रेम मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश में मथुरा में वृंदावन में स्थित है। इसका निर्माण जगद्गुरू कृपालू महाराज द्वारा ११ वर्ष के अथक परिश्रम और लगभग १०० करोड़ रुपए की धन राशि द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मंदिर के रूप में करवाया गया है।यह मंदिर प्राचीन भारतीय शिल्पकला के पुनर्जागरण का एक नमूना है।