अशोक कुमार (राजनीतिज्ञ)

(अशोक कुमार से अनुप्रेषित)

अशोक कुमार भारत के झारखण्ड राज्य की महगामा सीट से भारतीय जनता पार्टी के तीन बार के विधायक रहे है।[1] पहली बार अशोक कुमार वर्ष 2000 में विधायक बने थे। फिर उन्होंने वर्ष 2005 में दूसरी बार चुनाव जीता।

अशोक कुमार
Ashok Mahagama.jpg

Ashok Kumar


पूर्व विधायक, महगामा विधानसभा, झारखण्ड
पूर्वा धिकारी राजेश रंजन
उत्तरा धिकारी दीपिका पांडेय सिंह
चुनाव-क्षेत्र महगामा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)
पद बहाल
दिसंबर 2000 – दिसंबर 2005
पद बहाल
दिसंबर 2005 – दिसंबर 2009
पद बहाल
दिसंबर 2014 – दिसंबर 2019

जन्म 31 दिसम्बर 1965 (1965-12-31) (आयु 54)
नारायणी, गोड्डा, झारखण्ड
राष्ट्रीयता भारतीय
राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी
जीवन संगी दीपा भगत
बच्चे 2
जालस्थल http://ashokkumarbjp.com/

प्रारंभिक जीवनसंपादित करें

श्री राधे शयाम भगत के बड़े बेटे अशोक कुमार प्रारंभिक शिक्षा परसा हाई स्कूल से की। [2]अपने लोगों के लिए कुछ करने का जज्बा उन्हें विरासत में मिला है।शुरुवात से ही अशोक कुमार का मानना है की राजनीति में अच्छे लोग आयें, और खुद बदलाव बने जो वे समाज में देखना चाहते है।

राजनीतिक जीवनसंपादित करें

एकीकृत बिहार झारखंड के समय से ही एक संघर्षशील युवा जो पिछड़े वर्ग के एक मध्यमवर्गीय परिवार का 30 वर्ष का नौजवान युवा, अशोक कुमार उस दौर के राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर अपने क्षेत्र के विकास के लिए सदैव चिंतित रहते थे ।जरूरतमंदों की सहायता करना उनके स्वभाव में हैं। समाज के दबे कुचले शोषित पीड़ित असहाय लोगों के प्रति उनका लगाव समर्पित भाव को देखते हुए तत्कालीन भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने अशोक कुमार जी पर विश्वास जताते हुए उन्हें महागामा विधानसभा के विधायक पद के भाजपा प्रत्याशी के रूप में वर्ष 2000 में उम्मीदवारी मिली और अशोक कुमार जी पार्टी के भरोसे को कायम रखते हुए विपक्ष के कई दिग्गज उम्मीदवारों को हराकर विधानसभा पहुँचे [3] और क्षेत्र में मंद पड़े विकास गति को मजबूती प्रदान करते हुए क्षेत्र में विकास की एक लंबी लकीर खींची।

यह कारवां 2005 के विधानसभा चुनाव में पुनः ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए विकास की गति को बरकरार रखा और परन्तु 2009 के विधानसभा चुनाव में मिले हार [4] से विकास की गति रूक जरूर गई इसके बावजूद अशोक कुमार जी ने चुनाव में मिले हार से घबराये नही वो अपने पथ पर अडिग रहे। क्षेत्र के जनमानस से लगाव लगातार बरकरार रखते हुए सबों के सुख दुःख में खड़े रहकर यहाँ के आम जनमानस से हमेशा जुड़े रहे।

२०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक) के उम्मीदवार शाहिद इक़बाल को 31560 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। 2019 के झारखण्ड विधानसभा चुनाव में उन्हें 76725 वोट आई और वो चंद वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर थे।[5]

महागामा विधानसभा को विकास की पटरी पे लाने में अशोक कुमार जी का बहुत बड़ा योगदान रहा हैं। [6] अशोक कुमार हमेशा से किसानों के हक की लड़ाई लड़ी हैं।[7] माननीय पूर्व विधायक अशोक कुमार जी ने अपने राह पर अडिग रहकर यह चरितार्थ कर दिखाया की कठिन परिस्तिथि में घबराना नहीं चाहिए बल्कि धैर्य रखना चाहिए।” विकास की राजनीति, साफ छवि व लोगों का अपने पूर्व विधायक से सीधा कनेक्शन उन्हें वर्तमान राजनीतिक बिरादरी में विशेष स्थान प्रदान करता है. महागामा के प्रति श्री कुमार की बेजोड़ निष्ठा ने उन्हें बरसो में सबसे लोकप्रिये जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया है.

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "भारत निर्वाचन आयोग-विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन 2014 के रूझान एवं परिणाम". मूल से 28 दिसंबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 दिसंबर 2014.
  2. http://myneta.info/jharkhand2014/candidate.php?candidate_id=1117
  3. https://resultuniversity.com/election/mahagama-bihar-assembly-constituency#2000
  4. https://www.elections.in/jharkhand/assembly-constituencies/2009-election-results.html
  5. https://www.ndtv.com/elections/jharkhand-vidhan-sabha-election-results-2019/mahagama
  6. https://www.ujagarmedia.com/2020/08/machli-waywsai-ki-goli-markar-hatya.html
  7. https://www.jagran.com/jharkhand/godda-anndata-yojna-20577994.html?utm_source=referral&utm_medium=TW&utm_campaign=social_share

बाहरी लिंकसंपादित करें

पूर्वाधिकारी
राजेश रंजन
विधायक, महागामा
23 December 2014 – 23 December 2019
उत्तराधिकारी
Dipika Pandey Singh