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अनुक्रम

पुरुष हॉकी विश्व कप २०१८ प्रतियोगिता में हिंदी समुदाय की भागेदारीसंपादित करें

नमस्ते, भारत में हॉकी विश्व कप का आगमन नवंबर महीने में उड़ीसा राज्य में होने वाला है। कई समुदाय हॉकी के लेखों के सम्पादन के कार्य में लगे है। उद्धरण में यहाँ देखें। दिल्ली राज्य में भी हम (मैं और @Raju Jangid: जी) एक कार्यशाला करवाना चाहते है। हमने तय किया है कि हम जरा भी धन राशि का उपयोग नहीं करेंगे। एक भी पैसा नहीं। लेकिम हम सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी के दिल्ली कार्यालय का उपयोग करना चाहते है, जहां पर हम उनके इंटरनेट, प्रोजेक्टर, मेज़ कुर्सी इत्यादि का उपयोग करेंगे। अगर कोई दूसरी भारतीय भाषा का संपादक भी आना चाहता है तो हम उसे भी आमंत्रित करेंगे। कोई सवाल हो तो बिलकुल पूछे। समर्थन के बाद हम सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी से कार्यालय का उपयोग करने के लिए विनती करेंगे। --Abhinav619 (वार्ता) 14:43, 26 सितंबर 2018 (UTC)

समर्थनसंपादित करें

  •   समर्थन अच्छी बात है कि इस प्रस्तावित कार्यक्रम में धन-राशि का कोई विवाद या उससे जुड़ी चर्चा नहीं है। एक पूर्व घोषित कार्यक्रम के संसाधनों का अतिरिक्त उपयोग हो रहा है - इसे 2-in-1 कहिए या फिर सीमित संसाधनों का सर्वोत्कृष्ट प्रयोग होना कहिए है - यह अति उत्तम है। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम से राजू जी भी जुड़ रहे हैं, तो कार्यक्रम की सकारात्मक दिशा तय है - मुझे @Raju Jangid: जी पर पूर्ण विश्वास है। --मुज़म्मिल (वार्ता) 18:17, 26 सितंबर 2018 (UTC)
  •   समर्थन बहुत अच्छा कार्यक्रम। ज्यादा से ज्यादा सदस्यों इसमें भाग लेना चाहिए। -जे. अंसारी वार्ता  03:46, 27 सितंबर 2018 (UTC)
  •   समर्थन-- जब बातचीत हो तो यह भी बात करें कि क्या इन संसाधनों का प्रयोग मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के लिए किया जा सकता है? हर महीने एक नियत समय (उदाहरण के लिए प्रथम सप्ताहांत), एक प्रशिक्षण कार्यशाला रखी जाए, कभी प्रारंभिक संपादन के लिए, कभी एडवांस्ड कार्यों के लिए..आदि। --अनामदास 04:33, 27 सितंबर 2018 (UTC)
  •   समर्थन कम से कम दिल्ली में रहने वाले विकिपीडियन्स को जरूर भाग लेना चाहिये।-- गॉड्रिक की कोठरीमुझसे बातचीत करें 05:43, 27 सितंबर 2018 (UTC)
  •   समर्थन-- दिल्ली और आस पास के सम्पादकों के लिए यह एक अच्छा अवसर है.--Shypoetess (वार्ता) 15:21, 4 अक्टूबर 2018 (UTC)

टिप्पणीसंपादित करें

माझी जातिसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 16:16, 26 सितंबर 2018 (UTC)

लाला लाजपत रायसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 09:04, 29 सितंबर 2018 (UTC)

नीलम जी के लिए स्वतः परीक्षित अधिकार हेतु निवेदनसंपादित करें

नीलम जी के उत्तम योगदान को देखते हुए उनका स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए नामांकन किया गया है। सदस्यों से अपनी राय यहाँ देने की अपील है। --मुज़म्मिल (वार्ता) 13:49, 29 सितंबर 2018 (UTC)

सहस्राब्दी विकास लक्ष्यसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 19:50, 29 सितंबर 2018 (UTC)

संजीव कुमार द्वारा निर्णय, कितना उचित?संपादित करें

यह वार्ता अभी हाल में चली चर्चा NehalDaveND पुनरीक्षण दायित्व जारी रखा जाय अथवा नहीं? के सम्बन्ध में है। इसमें स:संजीव कुमार जी ने निर्णय दिया है जो बहुत सीमा तक अस्पष्ट है। स्थिति : 'स्वीकृत' --> का क्या अर्थ निकाला जाय?

मेरा दूसरा प्रश्न उनके द्वारा निर्णय देने के नैतिक औचित्य को लेकर है। सबको पता है कि पञ्चमाक्षर को लेकर नेहल के साथ चर्चा में वे भी जुड़े थे। जहाँ तक मुझे याद है उन्होने ही 'वाङ्मय' को 'वांमय' कर दिया था जिसे बाद में सुधारा गया। प्रश्न यह उठता है कि क्या कोई न्यायधीश उस मुकदमें में निर्णय सुना सकता है जिसमें वह स्वयं एक पार्टी हो? -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 04:53, 30 सितंबर 2018 (UTC)

अनुनाद सिंह गुरु जी, यह तो हमेशा से होता आया हैं। पहले दो प्रबंधक को हटवाकर बोल दिया कि यह गलत आगे से फला फला नियम हैं यह करने के बाद ही आगे से प्रबंधक को हटाया जाएगा। अब जहाँ सदस्य ने स्वयं मतदान में भाग लिया हैं उन्ही ने निर्णय भी लिया हैं। अगर यही कार्य आर्यावर्त जी ने किया होता तो यहाँ नियम सुनने वालों की लाइन लग जाती।--जयप्रकाश >>> वार्ता 05:50, 30 सितंबर 2018 (UTC)
अगर मत संजीव जी न भी देते तब भी मत 6-6 बराबर होते और 50% नियम के अनुसार वे पुनरीक्षक पद से हट जाते।-- गॉड्रिक की कोठरीमुझसे बातचीत करें 06:16, 30 सितंबर 2018 (UTC)
गॉड्रिक की कोठरी जी, ये 50% नियम क्या है और कहाँ लिखा है? --अनुनाद सिंह (वार्ता) 06:27, 30 सितंबर 2018 (UTC)
@अनुनाद सिंह: जी, जब 3 प्रबंधकों (संजीव जी को हटाकर) और 3 पुनरिक्षकों ने उनके खिलाफ मत दिया है और विरोध में महज 6 मत पड़े हैं जिसमे 2 प्रबंधक और 2 पुनरीक्षक शामिल हैं, एक मत देने वाले सदस्य तो केवल ग्रांट मांगने के लिये ही सम्पादन करते हैं। हो सकता है संजीव जी ने यही चीज़े ध्यान में रखकर निर्णय लिया हो। वैसे ये उत्तर वही दें तो ज्यादा सही है। मैंने अपना विरोध मत देने के कारण साफ लिखा है कि मैंने अंक और पञ्चमाक्षर के कारण नहीं, बल्कि नेहल जी द्वारा शिष्टाचार नीतियों का उल्लंघन और उनकी धमकियों और तंजों से आजिज आकर दिया है। @Jayprakash12345: जी, वो नियमावली का प्रस्ताव मैंने ही रखा था मुझे निजी तौर पर वह व्यवस्था सही नहीं लगी थी और समुदाय के निर्णय के विपरीत जाकर आर्यावत जी ने केवल प्रबंधकों के मेटा के प्रस्ताव ले जाने वाली बात (जिसमे केवल उन्हीं का विरोध था) को लागू नहीं किया। मैंने उनके वार्ता पृष्ठ पर ये लिखा मगर उनका कोई जवाब नहीं आया। शायद वे यही चाहते हैं कि आगे भी वे बिना लॉगिन किये आईपी से अनिरुद्ध जी जैसे काबिल प्रबंधक को हटवा सकें और इसी कारण अपनी निजी राय वाला फ़ैसला समुदाय पर थोप दिया।-- गॉड्रिक की कोठरीमुझसे बातचीत करें 07:07, 30 सितंबर 2018 (UTC)
@Godric ki Kothri: जी, यदि मेरा प्रश्न आपको समझ में न आया हो तो लिखिए। यदि समझ आया हो तो उत्तर दीजिए कि ५०% नियम कहाँ लिखा है? ६ तक की गिनती और उसको आधा करना मुझे भी आता है, वह सब मत समझाइये।--अनुनाद सिंह (वार्ता) 07:17, 30 सितंबर 2018 (UTC)
@अनुनाद जी: अच्छा होता कि मेरे वर्ता पृष्ठ पर प्रश्न पूछते। हाँ, आप मेरे निर्णय पर मतदान करवाना चाहते हैं तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। स्वीकृत: वहाँ पर {{sr-request}} साँचा लगा है, उसमें हम जो भी लिखते हैं वो {{status}} में जाता है। इसमें पहले ३ विकल्प हुआ करते थे, पहला done (अर्थात् कार्य पूर्ण हुआ), not done (कार्य पूर्ण नहीं हुआ) और उसके अतिरिक्त उसमें खाली रखने का विकल्प था (अर्थात् मतदान चल रहा है)। उसके बाद मैंने कुछ वर्ष पहले इसमें दो और विकल्प जोड़े थे: on hold (विचाराधीन) और withdrawn (वापस लिया)। इनमें वहाँ के नामांकन के अनुरूप मुझे जो सर्वोत्तम लगा, मैंने उसका चयन किया। आपके अनुसार वहाँ कोई और साँचा लगाना चाहिए था तो उचित तर्क के साथ अब बता दें, मैं बदलाव कर दूँगा। दूसरी बात नैतिक औचित्य की है तो मैंने मतदान वाले उपानुभाग में स्थिति को स्पष्ट करने के लिए लिखा था। आपको उससे आपत्ति है तो अपनी आपत्ति को अच्छे से लिखें। मैं न्यायाधीश नहीं हूँ और पिछले विकि-कार्यशाला, भोपाल में मैंने सबके सामने यह स्पष्ट किया था कि मैं हिन्दी विकिपीडिया का न्यायाधीश नहीं हूँ। मैंने वहाँ पर जयप्रकाश जी, आर्यावर्त जी और नेहल जी के किसी भी प्रश्न को अनुत्तरित नहीं रखा था और सभी प्रश्नों के उत्तर देते समय उनकी सभी आशंकाओं का निवारण किया था। केवल एक निर्णय था कि आखिर फैसले क्यों नहीं होते तो मेरा उत्तर था कि मैं न्यायाधीश नहीं हूँ। मैं भी अन्य प्रबन्धकों (आप पूरी सूची यहाँ देख सकते हैं) में एक हूँ जो उन फैसलों पर निर्णय लेता हूँ जिनपर मैं काम करता हूँ। यथा पिछले कुछ दिनों से पुनः पुनरीक्षण कार्य आरम्भ किया था तो पुनरीक्षण सम्बंधी निर्णय ले रहा हूँ। @जयप्रकाश जी: वैसे तो यहाँ विकिपीडिया पर अनुनाद जी किसी के गुरु जी नहीं हैं, वो भी हमारे साथी हैं और बहुत पुराने सदस्यों में से एक हैं अतः आपका सम्बोधन मुझे समझ में नहीं आया लेकिन जो भी है, यह भोपाल कार्यशाला में चर्चा के दौरान निकले परिणामों के विपरित परम्परा है। प्रबन्धक के बारे में नियमावली में जो परिवर्तन किया गया है उसपर आप क्या विचार रखते हैं उसके लिए शायद यह उचित अनुभाग नहीं है, उसके लिए आपको अलग अनुभाग में चर्चा करनी चाहिए। @Godric ki Kothri: आपका उत्तर मुझे समझ नहीं आया।☆★संजीव कुमार (✉✉) 13:16, 30 सितंबर 2018 (UTC)
@संजीव कुमार: जी, इस चर्चा का विषय द्विपक्षीय नहीं बल्कि बहुपक्षीय है, इसलिए मैने इसे चौपाल पर रखना उचित समझा। संजीव कुमार जी आप उच्च कोटि के वैज्ञानिक हैं और आपके विवेक की मैं मन ही मन प्रशंसा करता हूँ। आप ने माना है कि 'स्वीकृत' इस मामले में अर्थहीन है। परिणाम को और स्पष्टता से लिखा जा सकता था। इसके लिए यह आवश्यक नहीं है कि कोई साँचा ही उपयोग में लाया जाय। मेरी आपत्ति यह है कि इस मामले में आप भी शामिल थे अतः आपको इसमें 'निर्णय करने' का नैतिक अधिकार नहीं है। आपने सदा विवेक का परिचय दिया है। जयप्रकाश जी के प्रबन्धक के लिए चयन में मुझे लगता है कि आप किसी दबाव में आ गये थे और उस पर जो शंकाएँ उठी थीं उनका तर्कसंगत उत्तर नहीं दे पाए थे। इस बार भी ऐसी ही स्थिति बन रही है। ऐसे होने लगेगा तो कोई कहेगा कि आपने 'वाङ्मय' के स्थान पर 'वांमय' किया था जो एक 'उत्पात' है। इस कारण आपको प्रबन्धक पद से हटाया जाना चाहिए। आप क्या कहेंगे?

--अनुनाद सिंह (वार्ता) 05:44, 1 अक्टूबर 2018 (UTC)

@अनुनाद सिंह: मैं प्रबन्धन अधिकारों के लोभ में कभी नहीं रहा। मामला आपको बहुपक्षीय लगता है तो ठीक है, आप यहाँ चौपाल पर रखें। मुझे आपके प्रश्नों से बहुपक्षीय नहीं लगा था अतः मैंने उपरोक्त टिप्पणी की। मेरे वास्तविक जीवन में क्या हूँ उसका तब तक यहाँ कोई महत्त्व नहीं है जब तक यहाँ मैं उसको किसी पर जाहिर नहीं करता। अतः मैं नहीं चाहता कि मेरे वास्तविक जीवन के कार्यों से यहाँ कोई प्रभावित हो। बात स्वीकृत की है तो आप अपना सुझाव क्यों नहीं लिखते जो स्वीकृत के स्थान पर लिखना चाहिये था। नामांकन के अनुसार स्थिति स्पष्ट नहीं थी लेकिन चूँकि नामांकन पुनरीक्षण अधिकार देने के लिए नहीं हुआ था अतः अधिकार हटाने के रूप में लिखा। साँचा इसलिए काम में लिया क्योंकि वो पुरानी परम्परा का हिस्सा है। मैं मामले में शामिल नहीं था। यहाँ मैंने परिणाम घोषणा के साथ ही उपर टिप्पणी की है और नीचे परिणाम में भी यह लिखा है कि उपर अधिकार हटाये जाने का कारण लिखा है। जयप्रकाश जी के प्रबन्धक चयन में मैंने उनसे व्यक्तिगत तौर पर भी बात की थी और स्थिति को स्पष्ट किया था, मैं किसी दवाब में नहीं था। इसबार भी ऐसा कुछ नहीं है कि स्थिति अस्पष्ट हो। यदि आपको वाङ्मय पर चर्चा करनी है तो आप नये अनुभाग में जा सकते हैं क्योंकि इससे जुड़े हुये लोगों में से कोई भी इसको स्पष्ट करने की स्थिति में आज भी नहीं है। कृपया पहले यह स्पष्ट कर लें कि यह वाङ्गमय, वाङ्मय अथवा वाङ्गय में से कौनसा है? चूँकि वाङ्मय लिखेंगे तो पञ्चामक्षरों वालों के नियम धोखा देंगे। यदि यह स्थिति स्पष्ट होती तो मैं बहुत पहले बॉट से इसे ठीक कर चुका होता क्योंकि मुझे गलतियाँ सुधारने में दिक्कत नहीं होती। लेकिन केवल विवाद पैदा करने के लिए कोई बिना जाने ही कुछ भी करने लगे तो मैं कुछ नहीं कह सकता। अतः कृपया विवाद खड़ा करने से पहले पूरी तैयारी करें और उससे जुड़े सभी मुद्दों का अध्ययन कर लें। यदि सही फैसले लेना प्रबन्धन अधिकारों के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है तो आप इसपर मतदान करवा लें, मैं भी या तो विकिपीडिया को छोड़ देंगे या फिर उसी नियमावली के अनुरूप चलूँगा जो यहाँ पर विद्यमान होगी।☆★संजीव कुमार (✉✉) 07:36, 1 अक्टूबर 2018 (UTC)
@संजीव कुमार: जी, विकिपीडिया:पुनरीक्षक पद हेतु निवेदन पर लिखा है -
निवृत्ति
विकि नीतियों का चेतावनी मिलने के वाबजूद निरंतर उल्लंघन
आपने कितनी बार उनको साफ-साफ चेतावनी दी है? कृपया दिखाइये। कौन सी विकी नीतियाँ है? कहाँ लिखा है कि पञ्चमाक्षरों का हिन्दी विकि पर प्रयोग वर्जित है? क्यों सदस्य को पञ्चमाक्षरों का प्रयोग नहीं करने दिया जा रहा? अब 'वाङ्मय' पर। जब आपको यही पता नहीं है कि 'वाङ्मय' सही है या कुछ और तो आपने उसे बदला क्यों? बदलने से पहले चर्चा करनी चाहिए थी या नहीं। मुझे याद है कि मैने लिखा था कि वाङ्मय सही है उसका किसी ने खण्डन नहीं किया था। उनके साथ विवाद पञ्चमाक्षरों के विवाद में आप बिलकुल सम्मिलित थे। इसे अस्वीकार कैसे कर सकते हैं? --अनुनाद सिंह (वार्ता) 08:27, 1 अक्टूबर 2018 (UTC)
चेतावनी आप इतिहास के पन्ने देखकर पता कर सकते हैं। वाङ्मय पर मैं कैसे मान लूँ कि आपका लिखा हुआ सही है? पञ्चमाक्षरों को बदलने के लिए मजबूत स्रोतों का सहारा लिया था। इसके अतिरिक्त रही बात मेरे विवादों की, तो मैं केवल सुशील मिश्रा जी के साथ जरूर विवादों में रहा हूँ जिसमें भी उन्होंने शायद स्वयं ही विवाद बनाया था। इसके अतिरिक्त मैं हमेशा हेमन्त जी की कही एक बात को याद करता हूँ कि क्या फर्क पड़ जायेगा यदि कोई किसी जगह कुछ बदलाव कर देगा? करने दो, अगले को भी खुश होने दो। हम तो आनन्द के लिए विकिपीडिया पर हैं। २०१३-१५ में हेमन्त जी की बात समझ में नहीं आती थी। जून २०१४ में तो उनसे फोन पर भी २ घण्टे बात की थी लेकिन उनका यह कथन समझ नहीं आया था लेकिन बाद में धीरे-धीरे समझ में आने लगा। बॉट खाता बनाने के बाद समझ में आ गया कि यह तो बहुत आसान काम है। यदि समुदाय चाहता है कि वांगय/वांमय/वाङ्गमय इत्यादि को वाङ्मय करना है तो शायद कुछ मिनटों में यह बदलाव कर दिया जायेगा। लेकिन इसके लिए आपको अलग अनुभाग में चर्चा आरम्भ करनी होगी।☆★संजीव कुमार (✉✉) 17:51, 1 अक्टूबर 2018 (UTC)
@संजीव कुमार: जी, अब मैं इस विषय में कुछ नहीं लिखूँगा। पर चलते चलते इतना कहूँगा कि आपके इस निर्णय को लोग 'प्रबन्धक की मनमानी और पक्षपातपूर्ण निर्णय' के उदाहरण के रूप में पेश करेंगे।अनुनाद सिंह (वार्ता) 06:09, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
हर निर्णय किसी न किसी को तो पक्षपातपूर्ण लगता ही है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 10:17, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
@संजीव कुमार: जी, ये ऐसा-वैसा पक्षपात का मामला नहीं है। ये २+२=४००० जैसी बात है, २+२=४.००००१ जैसा नहीं। आप इस बात का जबाब नहीं दे पाए हैं कि आपने कितनी बार उनको साफ-साफ चेतावनी दी है? इसका भी आपके पास कोई जबाब नहीं है कि 'वाङ्मय' को पूरे हिन्दी विकी में वांमय करना उत्पात क्यों नहीं है। दूसरा शुद्ध करे तो 'उत्पात' है, और आप सरासर अशुद्ध करें तो 'प्रबन्धकीय कार्य'। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 10:33, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
@संजीव कुमार: जी, जब आप निर्णय दे रहे थे तो कारण में उन 'इतिहास के पन्नों' से खोजकर उन चेतावनियों का सन्दर्भ देना चाहिए था। अब भी दे दीजिए। लेकिन, वे 'औपचारिक चेतावनियाँ' होनीं चाहिए, जिसमें कोई प्रबन्धक के रूप में साफ-साफ चेतावनी दे रहा हो। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 10:40, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)

┌──────────────────────────┘
वाङ्मय को वांमय करना प्रबन्धकीय कार्य नहीं था और न ही उत्पात। चूँकि मैं इस शब्द के बारे में नहीं जानता था और आज भी इस शब्द का ज्ञान नहीं रखता। मेरी जानकारी में यह भूल से लिखा हुआ शब्द था अतः मेरे अनुसार सुधार किया था लेकिन यदि समुदाय इसको गलत मानता है और वास्तविकता में मेरे द्वारा किया गया कार्य गलत है तो मैं भूलवश हुई गलती को सुधारने को तैयार हूँ। लेकिन कोई स्पष्ट सामुदायिक मत नहीं मिला। इसके अतिरिक्त दशमलव पद्धति में मैंने २+२=४००० भी नहीं पढ़ा। हाँ सी-प्रोग्रमन भाषा में जरूर कई बार २+२ को वास्तविक संख्याओं के रूप में जोड़ने पर ४.०००१ आ जाता है जिसका कारण यहाँ बताना जरूरी नहीं है। यदि समुदाय चाहेगा तो इस मुद्दे पर लम्बी बहस भी कर सकते हो लेकिन मैंने अपना कारण साफ एवं स्पष्ट रूप में लिखने के बाद ही अधिकार हटाया है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 10:50, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)

@संजीव कुमार: जी, 'अगर समुदाय चाहेगा' का क्या अर्थ है? क्या प्रबन्धक द्वारा दी गयी चेतावनियों का सन्दर्भ देने के लिए आपको समुदाय से अनुमति लेनी पड़ेगी? ये बताइये कि पूरी हिन्दी विकी में 'वांङ्मय' को 'वांमय' करना उत्पाद नहीं है तो एक-दो लेखों के नाम में पञ्चमाक्षरों का प्रयोग करके उसे अधिक शुद्ध बनाना 'उत्पाद' कैसे हो गया? फिर भी आप कहते हैम कि २+२=४००० नहीं देखा है!! --अनुनाद सिंह (वार्ता) 11:03, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
पञ्चमाक्षर का प्रयोग शुद्धता की पहचान नहीं। आप एकबार उनके नामांकन को देखें। वहाँ भी मैंने लिखा था कि यहाँ कुछ सीखें लेकिन इसके पश्चात् सम्बंधित सदस्य ने पुनरीक्षण में कोई योगदान नहीं दिया। इसके अतिरिक्त मैं आपके द्वारा इच्छित प्रारूप में उत्तर क्यों दूँ? कृपया इसका कारण बतायें।☆★संजीव कुमार (✉✉) 11:12, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
@संजीव कुमार: जी, मैं अपने किसी प्रारूप में उत्तर नहीं मांग रहा। मैं तो यह चाह रहा हूँ कि आप साफ-साफ दिखाएँ कि आपने निर्णय नीतियों का पालन करते हुए लिखा है। निवृत्ति की नीति कहती है कि विकि नीतियों का चेतावनी मिलने के वाबजूद निरंतर उल्लंघन पाए जाने पर निवृत्त किया जा सकता है। इसलिए जानना चाहता हूँ कि वे 'चेतावनियाँ' कहाँ हैं और उनका निरन्तर उल्लंघन कहाँ है? कृपया ध्यान दीजिए कि यदि कोई 'पुनरीक्षण में कोई योगदान' न दे तो इस आधार पर उसे पुनरीक्षण अधिकार वापस लेने की नीति नहीं है। पञ्चमाक्षर का प्रयोग शुद्धता की पहचान नहीं, तो अशुद्ध भी तो नहीं है। उसे किस आधार पर 'उत्पात' मान रहे हैं और 'वाङ्मय' के स्थान पर 'वांमय' करने को नहीं। क्या ' समरथ को नहिं दोष गोसाईं ' यहाँ भी लागू होता है? --अनुनाद सिंह (वार्ता) 11:40, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
@संजीव कुमार: जी, वैसे तो कहने सुनने को कुछ बचा नहीं हैं। लेकिन आपके इस निर्णय को अब विकि पर कुछ गलत कार्य करने के लिए आधार ज़रूर बनाया जाएगा। जिस प्रकार केवल साधारण संदेश की चर्चा को चेतावनी के रूप में दिखाने चाहते हैं। ऐसी चेतावनी में हिंदुस्तानीवासी और मेरे मामले में 5 से अधिक दिखा दूँगा। और आप इसे सही मानते हैं तो फिर मैं बस यही कहूँगा कि आपको और आपके उन नीतिरक्षक साथी को अनामदास से इसे बारे में सिखना चाहिए। "मेरा मत है कि प्रबंधक मंडल की ओर से उनके वार्ता पृष्ठ पर औपचारिक चेतावनी दी जानी चाहिए।" (विकिपीडिया:प्रबन्धक_सूचनापट/पुरालेख_३#हिन्दुस्थानवासी_बनाम_जयप्रकाश) हम तो शायद इसी को प्रबंधकीय चेतावनी मानते हैं। मैं अभी 100% निश्चित मानता हूँ कि आप कभी अपनी गलती नहीं मानेगे। क्यूँकि आप इससे अपने को छोटा मानते हैं।--जयप्रकाश >>> वार्ता 12:50, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
आप दोनों लोग यदि कोई व्यक्तिगत कारणों से इस तरह के बहके हुये वाक्य लिख रहे हो तो मैं कुछ कहना पसन्द नहीं करूँगा लेकिन हाँ इतना जरूर कहूँगा कि टोपियों के संग्रह से बाहर निकलो तो मामला समझ में आयेगा लेकिन आप लोग (शायद) व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए टोपियों के संग्रह का भाग बने हुये हो अतः आपको मैं तार्किक आधार पर नहीं समझा पाऊँगा। यदि आपको मैं गलतियों के पिटारे के रूप में प्रेक्षित हो रहा हूँ तो आप मेरी निवृत्ति के लिए आवेदन करें। आप जहाँ चाहें, जब चाहें आवेदन करें। मैं उस आवेदन में किसी के पूछे बिना टिप्पणी तक नहीं करूँगा। यदि आप वाङ्मय को आधार बनाना चाहते हैं तो पहले इस शब्द के शुद्ध रूप पर चर्चा कर लें उसके बाद गलतियाँ मैं सबकी दिखा दूँगा और इस हद तक कि शायद कोई सदस्य (शायद मैं भी नहीं) यहाँ ऐसा है ही नहीं जो अपने आप को एकदम दुध का धुला हुआ कहे। हाँ, आप दोनों लोगों की बातों से यह जरूर प्रतीत हो रहा है कि पिछले माह में मेरे द्वारा किया गया ताबड़तोड़ पुनरीक्षण कार्य आपको रास नहीं आया अतः आपने पुनरीक्षण कार्य को रोकने के लिए यह चर्चा चालु रखी है अन्यथा मेरे उत्तरों को समझने का प्रयास जरूर किया होता। सोते हुये को जगाया जा सकता है लेकिन जागते हुये को कौन जगाये!☆★संजीव कुमार (✉✉) 18:17, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
ऐसे ही उत्तर की आशा की थी। क्यूकिं आपके पास प्रबंधकीय चेतावनी को कोई हैं ही नहीं।--जयप्रकाश >>> वार्ता 23:25, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
मैं अब भी निराश नहीं हूँ और मुझे पूरी आशा है कि संजीव कुमार जी या तो चेतावनियों को खोजकर उद्धृत करेंगे या अपना निर्णय उलट देंगे। अलेक्जेन्डर पोप ने कितनी सुन्दर बात कही है- "गलती स्वीकार कर लेने में लज्जा की कोई बात नहीं है। इससे, दूसरे शब्दों में, यही सिद्ध होता है कि कल की अपेक्षा आज आप अधिक बुद्धिमान हैं।" इसलिए दो-तीन दिन उन्हें समय दीजिए और प्रतीक्षा कीजिए।--अनुनाद सिंह (वार्ता) 07:54, 3 अक्टूबर 2018 (UTC)
सदस्य नेहल जी के पिछले योगदान काफ़ी समय से और अच्छी मात्रा में हैं। इन्हें हटाने हेतु जो कारण दिया गया है, यदि उस कारण पर इन्हें चेतावनी दी गई है, तो अधिकार हटाना सही है - इसमें कोई सन्देह नहीं।
इसमें भी कोई सन्देह नहीं कि उक्त सदस्य को अन्य प्रकरणों में समझाया भि गया है, हालांकि कई बार उनसे कहीं अधिक दूसरे की गलती होने पर भि दूसरे को एक शब्द भी नहीं कहा गया। ऐसी घटनाएं सदस्य के मन में नकारात्मकता तो उत्पन्न ही कर सकती हैं।
५०% का कोई नियम बना हो - ज्ञात नहीं, हो तो अवश्य दिखायें। हाँ ८०% का नियम बनाने की बात एक बार सम्मेलन में अवश्य हुई थी।
हिन्दी विकिपीडिया एक विकासशील अवस्था में है, जहाँ वैसे ही सक्रिय सदस्यों, की बहुत कमी है। अतः प्रयास होना चाहिये कि ऐसे अधिकार हटाने के मामले न्यूनतम और अत्यावश्यक होने पर ही हों।
@संजीव कुमार: जी से निवेदन है कि वे अपने निर्णय पर एक बार पुनर्विचार अवश्य कर लें, और ्सम्भव हो तो बदलाव की संभावना खोजें।
इसके साथ-साथ ही ये भी आवश्यक है कि नेहल जी इस बात का वादा करें कि निकट भविष्य में कोई ऐसा विवाद हो तो कम से कम उनका नाम उसमें न जुड़ा हो। भोपाल के सुझावों पर भी ध्यान दें।
ये संजीव जी से निवेदन मात्र है, निर्णय बनाये रखना या बदलाव करना पूर्णतः उनके विवेक पर निर्भर है। साभार:आशीष भटनागरवार्ता 13:33, 3 अक्टूबर 2018 (UTC)
मुझे यह भी नहीं समझ आ रहा कि आप लोग संस्कृत विकिपीडिया के एकमात्र सक्रिय प्रबन्धक को यहाँ लाकर उस प्रकल्प को क्यों रुलाना चाहते हैं?☆★संजीव कुमार (✉✉) 17:58, 3 अक्टूबर 2018 (UTC)
काफी समय बाद इधर से गुज़रा तो थोड़ा झाँक लिया। और जो देखने को मिला उससे बहुत तकलीफ हुई। पुराना राग अलापने का मन हो उठा। Assume Good Faith... सद्भाव रखें। नुक्ते वाले का अपना जिंदगी भर का अनुभव है, पँचमाक्षर वाले का अपना। दोनों ठीक हैं, दोनों को स्वतंत्रता मिलनी चाहिये। दोनों को एक दूसरे को स्वीकार करना चाहिए। वाङमय की गलती जैसे अनुनाद जी ने बताई और जैसे संजीव जी हल करने चल पड़े, नेहल जी ने इसी प्रकार सद्भावयुक्त भाषा में बताई होती तो नौबत यहाँ तक नहीं पहुँचती। नेहल जी की राय को भी प्रारंभ में ही सम्मान दिया गया होता तो वे भी कभी उग्र नहीं होते। मैं आज काफी समय के बाद यहाँ आया और हैरानी है कि ये मुद्दे उस समय से अभी तक जीवित हैं। दुनिया वाले कहीं के कहीं बढ़ गये और हम हिंदी वाले एक दूसरे को अपने अनुकूल करने पर अडिग हैं। जिन लोगों की शालीनता के उदाहरण दिए जाते थे, वे बेवकूफानंद और मूर्खवंशी तक पहुँच गये हैं। मुझे यकीन ही नहीं हो रहा कि क्या ये वही लोग हैं? क्या से क्या हो गया? सभी से हाथ जोड़कर निवेदन है कि आपसी सद्भाव कायम रखें, दूसरे के ज्ञान, अधिकार का सम्मान करें। जिस शालीनता के लिए हम लोग जाने जाते हैं, उसे कायम रखें। काम पर ध्यान दें, व्यक्तियों पर नहीं। क्या आपको अपने लक्ष्यों का स्मरण है, क्या आपको हिन्दी कि दुर्दशा का स्मरण है, क्या आपको यह स्मरन है कि यहाँ हम सब हिन्दी की सेवा के लिए हैं? सादर --अनामदास 13:28, 10 अक्टूबर 2018 (UTC)
अनामदास जी , आपने बहुत अच्छी बातें लिखी है किन्तु थोड़ा सा इस मामले में बरती गयी इमानदारी पर भी प्रकाश डालना चाहिए था। क्या आपको नहीं लग रह है कि किसी को योजनाबद्ध तरीके से हिन्दी विकि से हटाने का प्रयत्न हो रहा है? क्या आपने यह प्रस्ताव देखा? थोड़ा इनके तर्कों को पढ़ लीजिए। हटाने के कितने सशक्त तर्क दिए हैं!! --अनुनाद सिंह (वार्ता) 04:44, 11 अक्टूबर 2018 (UTC)
यह समस्या यहां के लगभग सभी प्रबुद्धजनों को है कि शोध बनाम मूल शोध, प्रचार बनाम साफ प्रचार का अर्थ किसी को स्पष्ट नहीं है। खैर, इस समस्या में समझ का फेर है, और वह सब चलता रहेगा। फिलहाल जो समस्या मैं देख रहा हूँ, वह है कि इतने समझदार लोग सब बालवत व्यवहार कर रहे हैं और जिन्हें मैं इतना परिपक्व समझता हूं, वे सभी , मुझे माफ़ कीजियेगा इस शब्द के लिए, टुच्चे व्यवहार पर उतर आए हैं। इसमें मैं दोनों पक्षों को शामिल कर रहा हूँ। एक गुट के एक सदस्य तो प्रभुप्रदत्त स्वभाव से ही बालवत हैं। लेकिन उनके साथी और दूसरा गुट जो बन गया है, वे लोग मेरी दृष्टि में बहुत परिपक्व लोग हैं। शायद उनका धैर्य जवाब दे गया है। दोनों का। और अब दोनों गुट एक दूसरे को लहू लुहान करने पर उतारू हैं। समस्या फिलहाल न किसी शब्द की है, न लेख की, न किसी अधिकार की, न किसी प्रस्ताव की और न वोटिंग की। समस्या एक दूसरे पर विश्वास की है, एक दूसरे के प्रति सद्भाव की है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे सभी को सदबुद्धि दें। अपनी कमियों को स्वीकार करने की, दूसरे की कमियों को क्षमा करने की शक्ति प्रदान करें। --अनामदास 01:50, 12 अक्टूबर 2018 (UTC)

रोलबैकर अधिकार संबंधी प्रस्तावित बदलावसंपादित करें

नमस्ते, वर्तमान में विकिपीडिया:रोलबैक और विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन में इस सुविधा से संबंधित चीजें और चयन की प्रक्रिया लिखी हुई है। इनमें निम्नलिखित बदलाव प्रस्तावित किये जा रहे हैं:

अधिक सुलभ बनाना

किन्हीं कारणवश रोलबैकर अधिकार को, अधिकारों के पदानुक्रम में पुनरीक्षक से ऊपर मान लिया गया सा है। वास्तव में यह अधिकार इस तरह की किसी हैरार्की में नहीं आता और यह "रोलबैक" फ़ीचर प्रबंधक अधिकारों का भाग है जो प्रबंधकों (और पुनरीक्षको) की सुविधा के लिए, उनका कार्य आसान बनाने के लिए अन्य सदस्यों को दिया जा सकता है।

अतः यह प्रस्ताव किया जाता है कि,

  1. यह अधिकार सभी पुनरीक्षकों को स्वयमेव उपलब्ध कराया जाए और पुनरीक्षकों के अलावा अन्य सदस्यों को भी उपलब्ध कराया जाए।
  2. अधिकार धारण करने की योग्यता सदस्य के कार्यों द्वारा उसे नीति की समझ होना और बर्बरता से लड़ने में उसके योगदान को देखते हुए निर्धारित की जाये।
मतदान समाप्त करना
  1. वर्त्तमान में यह अधिकार सभी सदस्यों की रायशुमारी के पश्चात दिया जाता है। इसे प्रबंधकों द्वारा समीक्षा के उपरान्त दिए जाने का तरीका अपनाया जाय। अन्य सदस्य चाहें तो प्रबंधकीय समीक्षा में सदस्य के योगदानों (सकारात्मक/नकारात्मक) की ओर ध्यान दिलाने के लिए लिख सकते हैं यदि उन्हें लगता है कि समीक्षा में उन योगदानों की उपेक्षा की गयी है।
  2. नामांकन के बाद, प्रारंभिक समीक्षा के बाद एक सप्ताह तक स्टैंडर्ड होल्ड की व्यवस्था रहे ताकि कोई प्रबंधक किसी को समीक्षा करके तुरंत यह अधिकार न दे डाले। इस दौरान अन्य प्रबंधक भी अपनी ओर से समीक्षा कर सकते हैं और यदि आवश्यक समझे तो अपनी बात दर्ज कर सकते। हिंदी विकिपीडिया पर प्रबंधकों की वर्तमान संख्या को देखते हुए, एक प्रबंधक का भी विरोध यह साबित करता है कि आम सहमति नहीं है, अतः यह प्राविधान रखा जाय कि प्रथम समीक्षा के एक सप्ताह के भीतर यदि एक भी प्रबंधक युक्तियुक्त विरोध प्रकट करता है तो नामांकन / अनुरोध विफल माना जाय।

कृपया इन प्रस्तावों पर अपना मत रखें अथवा इनमें सुधार हेतु और सुझाव बतायें। धन्यवाद। --SM7--बातचीत-- 10:02, 30 सितंबर 2018 (UTC)

सुझाव पर फिलहाल कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इसे सिर्फ 100 सम्पादन पर दिया जाना सही नहीं है। कई बार देखा गया कि कठपुतली खातें और स्वप्रचार करने वाले अधिकार लेने का प्रयास करते हैं और इसके जरिये विश्वसनीयता हासिल करना चाहते होते हैं। इसको बढ़ा कर कृपया 1000 या कम से कम 500 तो किया जाना चाहिए। अन्यथा इस अधिकार या टूल के लिये कई विवाद उतपन्न होने की संभावना है।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 06:34, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
मेरे विचार से हज़ार लेख सम्पदनों (सदस्य वार्ता, लेख वार्ता और चौपाल चर्चाओं को छोड़कर) के पश्चात यह अधिकार दिए जाने चाहिए। --मुज़म्मिल (वार्ता) 10:18, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
@Hindustanilanguage और हिंदुस्थान वासी: मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है कि न्यूनतम अर्हता के लिए संपादन संख्या क्या तय की जाए। जो पहले से था उसे मैंने बदलने की कोई कोशिस नहीं की। अगर यहाँ पर्याप्त लोग इसका समर्थन करते हैं तो यह संख्या बढ़ा सकते हैं। वैसे इसमें यह भी जोड़ा जाना चाहिए कि यह न्यूनतम अर्हता है, इतनी संपादन संख्या हो जाना कोई ऐसी चीज नहीं जो किसी सदस्य को इस अधिकार का दावेदार बना देती। कई सदस्य इसे ऐसे ही प्रस्तुत कर सकते हैं। कृपया बाकी बिन्दुओं पर भी यदि कोई सुझाव हो तो बतायें। --SM7--बातचीत-- 13:26, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
पता नहीं क्यों धीरे-धीरे हिन्दी विकिपीडिया पर से नाम या सदस्यनाम के आगे जी लगाने की प्रथा समाप्त हो रही है। मैं मानता हूँ कि हृदय की गहराइयों में कोई किसी को अपना हम-पल्ला नहीं समझता। पर व्यव्हारिक वार्ता में इन न्यूनतम मापदंडों को नज़रअन्दाज़ करना दुर्भाग्यपूर्ण है! --मुज़म्मिल (वार्ता) 19:56, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
मुज़म्मिल जी, पिंग साँचे का प्रयोग करने पर यह होता है क्योंकि नामों के बाद तुरंत कॉलन लग जाता अपने आप और इसके बाद जी लिखने का कोई तुक नहीं। आप अलग से प्रस्ताव रखें तो पिंग साँचे में ही जी जोड़ दिया जाए जो ऑटोमेटिक लगे। --SM7--बातचीत-- 20:02, 2 अक्टूबर 2018 (UTC)
मुझे लगता है कि न्यूनतम अर्हता के रूप में सम्पादन संख्या रखना सीधे ही गलत और सही नहीं कहा जा सकता क्योंकि हिन्दुस्तान वासी जी की आपत्ति तुरन्त अधिकार पाने वाले अथवा कठपुतली खातों के लिए है तो ध्यान रहे ऐसे खाते ३ माह पुराने भी नहीं होते। इसके अतिरिक्त SM7 जी के सुझाव के अनुसार यह सदस्य के कार्य के आधार पर उसे प्रबन्धकों द्वारा दिया जाने वाला अधिकार है। इसमें १०० सम्पादन (जैसा मुज़म्मिल जी ने लिखा: मुख्य नामस्थान पर) और तीन माह पुराना खाता की शर्त रखना सही है। चूँकि चर्चा को एक सप्ताह से अधिक बीत गया है अतः मैं @मुज़म्मिल जी और हिन्दुस्तान वासी जी: से आग्रह करूँगा कि मेरे सुझावों को शामिल करने के पश्चात् उनकी आपतियाँ लिखें जिससे नियमावली को अतिशिघ्र लागू किया जा सके।☆★संजीव कुमार (✉✉) 07:14, 11 अक्टूबर 2018 (UTC)
संजीव जी, जैसा भी आप उचित समझें। --मुज़म्मिल (वार्ता) 18:10, 11 अक्टूबर 2018 (UTC)

साँचा:विमानक्षेत्र भारतसंपादित करें

नमस्ते, यह सांचा कुछ ठीक नहीं लग रहा| साँचा:विमानक्षेत्र भारत - Jazze7 (वार्ता) 05:37, 4 अक्टूबर 2018 (UTC)

आशीष जी, कृपया ध्यान दें। --SM7--बातचीत-- 14:30, 4 अक्टूबर 2018 (UTC)
यह साँचा विमानक्षेत्रों के लेख बनाने हेतु निर्मित किया गया था, जिसकि अब उतनी आवश्यकता नहीं रह गयी है। इससे काफ़ी सारे विमानक्षेत्र जिनके आंकड़े उपलब्ध थे, उन्हें एक के बाद त्वरित गति से बनाने हेतु प्रयोग किया गया था। अब उतनी आवश्यकता नहीं रह गयी है, किन्तु यह अभी भी प्रयोगनीय है।
इसके प्रयोगार्थ {{विमानक्षेत्र भारत|1|2|3|4|5}} लिखें 
व १-५ तक के आंकड़े भरे दें। यह विमानक्षेत्र का लेख बना देगा। कभी किसी विमानक्षेत्र का लेख बनाना हो तो उपलब्ध आंकड़ों के साथ ये एक छोटा किन्तु पर्याप्त लेख उपलब्ध करा सकता है। आशीष भटनागरवार्ता 15:04, 5 अक्टूबर 2018 (UTC)
जैसा कि सोनारी हवाई-अड्डा और बेलगाम विमानक्षेत्र पर प्रयुक्त है। क्या इस साँचे को अब हटाना उचित रहेगा?☆★संजीव कुमार (✉✉) 09:34, 6 अक्टूबर 2018 (UTC)
@संजीव कुमार: जी अब हटाया भी जा सकता है, क्योंकि अब अधिकांश (बड़ी संख्या के) विमानक्षेत्र लेख तो बन चुके हैं, और उन लेखों में यह सांचा अपने कोड छोड़कर जा चुका है, अतः हटाया भी जा सकता है। यदि कोई चाहे तो किसी अन्य देश के विमानक्षेत्र आंकड़े ले कर इस सांचे के प्रयोग से बड़ी संख्या में लेख बनाये तो बना ले, अन्यथा सांचा हटा भी लें। मुझे इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। यह कारण तो इसे मेरा विमानक्षेत्र लेख वर्धन पूर्ण होने के बाद भी हटाये न जाने के लिये था।आशीष भटनागरवार्ता 02:09, 8 अक्टूबर 2018 (UTC)
अब उपरोक्त दोनों विमानक्षेत्रों पर भी यह प्रयुक्त नहीं है।आशीष भटनागरवार्ता 02:26, 8 अक्टूबर 2018 (UTC)
आशीष जी इसे स्वयं हटाने के लिए नामांकित कर दें तो "लेखक के अनुरोध" के रूप में शीघ्र हटाया जा सकेगा; इस जगह हुई चर्चा का हवाला देकर हटाने से तो बेहतर होगा। --SM7--बातचीत-- 13:30, 8 अक्टूबर 2018 (UTC)

अपलोड प्रश्नसंपादित करें

मैं अपनी फोटो विकिपीडिया पर अपलोड करना चाहता हुँ, इसके लिए क्या करुँ ?

{{सुनो तो}}संपादित करें

नमस्कार, सभी उत्सुक सदस्य ध्यान दें, ऊपर की एक वार्ता में जैसा कि मुज़म्मिल जी ने इंगित किया था, {{सुनिये}} के प्रयोग से नाम तो आ जाता है किन्तु जी नहीं लगता है। इसके समाधान हेतु एक प्रयास/प्रयोग किया है: - वह है सांचा {{सुनो तो}}।

इस सांचे का प्रयोग वैसे ही करें; इसके अन्त में जी स्वतः ही लग जाता है।
उदाहरणार्थ
@SM7: जी
कोई त्रुटि/सुधार या सुझाव हो तो अवश्य बतायें, एवं सही लगे तो प्रयोग किया जा सकता है। साभार:आशीष भटनागरवार्ता 15:24, 5 अक्टूबर 2018 (UTC)
@आशीष भटनागर: जी कुछ लोग बड़ी बारीक़ निगाह रखते हैं। कुछ महीने पहले मैंने एक सदस्य को यह कहते भी देखा था कि उन्होंने उत्तर देते वक्त "सुनिये" साँचा इस्तेमाल किया और उन्हें जवाब देने वाले ने "सुनो"; अर्थात यह उन्हें उत्तर देने वाले की (दुर्)भावना ज़ाहिर करता है। इसलिए मेरा ख़याल है कि इसे वर्तमान नाम पर रखना भी शायद कुछ लोगों को नागवार गुजरे। इसे वर्तमान नाम के बजाय "जी!" (छोटा भी हो) पर रखना ठीक होगा और "सुनिए जी", "सुनें जी", "सुनिये जी", "सुनो2" इत्यादि से अनुप्रेषण रख सकते हैं। बाक़ी, एक काम के लिए कई साँचे बनाना आपके लिए वाम-हस्त-क्रीडा भर है यह आपने पुनः साबित कर दिया। --SM7--बातचीत-- 16:16, 5 अक्टूबर 2018 (UTC)
यह काम आप बिना नया साँचा बनाये भी कर सकते थे। शायद आपको लुआ का बिलकुल ज्ञान नहीं है अन्यथा यह काम module:सुनिये के पंक्ति संख्या 30 में outStr = outStr.." [[:सदस्य:"..args[i].."|"..(args['label'..tostring(i)] or args[i]).."]] को बदलकर outStr = outStr.." [[:सदस्य:"..args[i].."|"..(args['label'..tostring(i)] or args[i]).." जी]]" अथवा outStr = outStr.." [[:सदस्य:"..args[i].."|"..(args['label'..tostring(i)] or args[i]).."]] जी" लिखकर किया जा सकता था। अधिका साँचों का निर्माण करना समस्या का हल नहीं बल्कि इससे समस्या बढ़ती है। आप चाहो तो आपको इसके अतिरिक्त और भी विकल्प उसी साँचे से बनाये जा सकते हैं।☆★संजीव कुमार (✉✉) 02:15, 6 अक्टूबर 2018 (UTC)

┌─────────────┘
महोदय के केस में केवल लुआ का ज्ञान भी समस्या का हल नहीं है। कहने के लिए भूतपूर्व प्रशासक हैं और बचकानी हरकतों का आलम यह कि चर्चा में सदस्यों के चिढ़ाने के लिए भी नए साँचे बना लेते हैं। उदाहरण द्रष्टव्य है – साँचा:अंगूठा जो केवल एक चर्चा में एक सदस्य हेतु बनाया गया है और चिबिल्लापन का सुंदर उदाहरण है। --SM7--बातचीत-- 04:42, 6 अक्टूबर 2018 (UTC)

आपको कैसे पता कि चिढ़ाने के लिए उपरोक्त साँचा निर्मित किया था? क्योंकि मैंने इसका केवल प्रबन्धक सूचनापट पर उपयोग देखा है जो उन्होंने शायद अपनी सहमति दिखाने के लिए किया था। हालांकि इसकी आवश्यकता नहीं थी।☆★संजीव कुमार (✉✉) 09:28, 6 अक्टूबर 2018 (UTC)
{{सुनिये}} के लुआ पर स्थानान्तरण के पश्चात मैंने इसके प्रलेखन पन्ने पर "जी" लगाने का तरिका भी अद्यतन किया था यदि वो तरिका पसन्द नहीं आया हो तो आप एक प्रस्ताव रखते। यह बदलाव आसानी से सभी स्थानों पर लागू हो जाता।☆★संजीव कुमार (✉✉) 09:41, 6 अक्टूबर 2018 (UTC)
@संजीव: जी, आपके सुझाव उत्तम हैं, किन्तु एक छोटे सांचे का निर्माण करना हटाना सरल कार्य है, जबकि लुआ मॉड्यूल में बदलाव कर तो दूं, किन्तु वह पूरे पिंग फ़ंक्शन पर लागू हो जायेगा, फ़िर किसी की सहमति हो या नहींं, ये सोचकर मॉड्यूल को छोड़कर वैकल्पिक कार्य किया कि समझ में आये तो प्रयोग करें अन्यथा पहले जैसे ही चलें। दूसरे सुनो जी/ सुनिये जी, आदि उस समय नहीं सुझे बाद में ध्यान आया तो ऐसे ही बना रहने दिया। मॉड्यूल तो पहले भी अनुवाद किये हैं, किन्तु यहां सही नहीं लगा। फ़िर अभी तो बच्चे हैं, सीख ही रहे हैं, हरकतें तो करेंगे ही। आशीष भटनागरवार्ता 02:03, 8 अक्टूबर 2018 (UTC)

क्या सिद्धान्त के स्थान पर स्वचालित ढंग से 'सिद्धंत' किया गया है?संपादित करें

मैने अभी-अभी पाया कि भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी लेख में सब जगह सिद्धंत दिख रहा है। इसमें से मैने कुछ ठीक किया क्योंकि मुझे लगा कि कुछ जगह गलती से 'सिद्धंत' लिख गया है। किन्तु बाद में पाया कि सब जगह सिद्धंत ही सिद्धंत हो गया है। यह कैसे हुआ है? क्या यह पूरी विकि में हुआ है? --अनुनाद सिंह (वार्ता) 14:04, 8 अक्टूबर 2018 (UTC)

सबका तो पता नहीं लेकिन कुछ आपके इस सम्पादन से बदल गए।--हिंदुस्थान वासी वार्ता 16:01, 8 अक्टूबर 2018 (UTC)
धन्यवाद हिन्दुस्तान वासी जी। वास्तव में एक प्रकार की गलती सुधारते समय दूसरे प्रकार की गलती हो गयी थी। सुधार कर दिया है।--अनुनाद सिंह (वार्ता) 05:48, 9 अक्टूबर 2018 (UTC)

कोच राजबोंग्शी लोगसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 17:52, 9 अक्टूबर 2018 (UTC)

वर्तनी सुधार: वाङ्मयसंपादित करें


संजीव कुमार के द्वारा पक्षपातपूर्ण निर्णय : आगे क्या किया जाय?संपादित करें

संजीव कुमार जी हिन्दी विकि के प्रबन्धक हैं। उनके द्वारा अभी हाल में लिए गए निर्णय पर सदस्यों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। निम्नलिखित बातें उभरकर सामने आ रहीं हैं-

  • (१) नेहल दवे पर पर की गयी कार्यवाही नीतिसंगत नहीं है। संजीव कुमार अभी तक नीति को उद्धृत नहीं कर पाए हैं (नेहल को कब चेतावनी दी गयी)। यह पूरी तरह से बदले की भावना से की गयी है।
  • (२) संजीव कुमार इस विवाद में सम्मिलित थे। उन्होने शुद्ध शब्द (वाङ्मय) को अशुद्ध (वांमय) बनाकर बर्बरता की है। जबकि नेहल दवे ने पंचमाक्षरों का प्रयोग करने का जो कार्य किया था वह किसी तरह से 'बर्बरता' नहीं थी। इसलिए इस मामले में संजीव कुमार पर कार्यवाही की जानी चाहिए न कि नेहल दवे पर। लेकिन हुआ उल्टा।
क्या किया जाय?
  • (१) अब ऐसा लगने लगा है कि मामले का यहाँ हल नहीं निकल सकता। क्या मामले को ऊपर ले जाना चाहिए?
  • (२) संजीव कुमार बार-बार इस मामले पर मत लेने की बात कर रहे हैं। पता नहीं इसका क्या अर्थ है। शायद वे यह कहना चाहते हैं कि उनको प्रबन्धक पद से हटाने के लिए अभियान चलाकर मतदान आदि करा लीजिए।

कृपया सदस्यगण बताएँ कि क्या करना चाहिए, और किस क्रम में करना चाहिए।--अनुनाद सिंह (वार्ता) 04:40, 13 अक्टूबर 2018 (UTC)

बालगोपाल, तुम यह निर्णय किये जाने के बाद से ही यह साबित करने के कुत्सित प्रयास में क्यों लगे हुए हो कि नेहल को पंचमाक्षर प्रेम के कारण हटाया गया है। केवल आरोप लगाने नंगई करने के बजाय नामांकन पढ़ने का कष्ट किया ? उन्हें इतना भी नहीं समझ कि बर्बरता क्या है और रोलबैक (तीन क़िस्म के) और पूर्ववत करने में क्या अंतर है ? पुनरीक्षक बनने के लिए 70 % सदस्यों का समर्थन दरकार होता है जबकि राय लिए जाने पर आधे से ज़्यादा लोगों ने इसे जारी न रखने के लिए राय वयक्त की है। फिर यह ड्रामा क्यों फैला रहे हो कि पंचमाक्षर प्रेम के चलते या वांग्मय पर विवाद के चलते उन्हें हटाया जा रहा। राजनीति करने अड्डा तुमलोगों ने बना रखा है पंचमाक्षर और देवनागरी अंक लागू कराने के लिए और बकवास कर रहे शुरू से कि उन्हें गलत ढंग से हटाया गया है? तुम्ही साबित क्र दो कि मेरा जो संपादन उन्होंने रोलबैक किया वो बर्बरता था या मुझे वार्ता करनी चाहिए थी ? तुम खुद समझते हो बर्बरता और रोलबैक का क्या मतलब होता है या केवल संपादन संख्या और योगदान गिना लेने के दंभ से भरे हुए रहते हो? --SM7--बातचीत-- 05:19, 13 अक्टूबर 2018 (UTC)
एस एम जी, थोड़ा भाषा पर लगाम रखिए। दूसरों को लिखने का मौका दीजिए। इस मामले में निवृत्ति की नीति एक बार और पढ़ लीजिए।--अनुनाद सिंह (वार्ता) 05:44, 13 अक्टूबर 2018 (UTC)
क्यों, तुम्हारी पर लग गयी ? बेलगाम कौन हुआ था पहले यह जाँच नहीं करवाओगे ? तुम चेतावनी दिलवाना चाह रहे न नीति का हवाला देकर ? ले के चलो मामला ऊपर तक जितना ऊपर तक जा सकते हो। दूसरे जिन्हें जो लिखना है लिखें तुम तो पहले जवाब दो कि बर्बरता किसे कहते हैं ? --SM7--बातचीत-- 05:53, 13 अक्टूबर 2018 (UTC)
भाईज़ॉन, गुस्सा थूक दीजिए। आप गुरुजी हैं। नेहल को प्राइमरी मदरसे का बच्चा समझिए। आपको उसके द्वारा दी गयी श्रेणी उससे पूछकर बदलनी चाहिए थी। आपके द्वारा की गयी गलती को ठीक करने का अधिकार उसे है। गलती आपने की और भागकर जाकर एफआईआर भी दर्ज करा दिया। और जज साहब ने जो किया वह आपके सामने है। -- अनुनाद सिंह (वार्ता) 13:26, 13 अक्टूबर 2018 (UTC)
अभी भी भाईज़ॉन लिख कर आपके द्वारा जो प्रेम ज़ाहिर किया जा रहा उसकी रू में लग तो नहीं रहा गुस्सा थूक देना उचित कार्य होगा और इससे आपमें कोई सुधार आएगा। ग़लती किसने की और सुधार करने का अधिकार किसका था तथा बर्बरता किसने – इत्यादि पर तो आपने बात नहीं की बल्कि सीधे राजनीति शुरू कर दी। जज साहब जिन्हें कह रहे उनके फैसले पर आपको प्रबंधकों से समीक्षा करवा लेनी चाहिए थी, जिसे आप पता नहीं क्या सोच कर चौपाल पे ले आये और पूरी चर्चा में यही राग छेड़े रहे कि साबित कर सकें कि यह पंचमाक्षर का झगड़ा है। अभी भी आपका प्रयास शायद यही होगा। क्योंकि जज साहब के फैसले की समीक्षा तो आपको करवानी नहीं। आपको तो रोटियाँ सेंकनी हैं वो आप सेंक रहे (एकाध लोग और हैं जो नहीं आये अभी तक इस्पे मुझे अचरज है थोड़ा)। अभी भी आप खुद ही जजी कर रहे मामले का यहाँ हल नहीं निकल सकता। क्या मामले को ऊपर ले जाना चाहिए? और दूसरे नम्बर पर भी आपने जो लिखा है वो पता नहीं प्रश्न है, राय है या क़यास है; बस इतना समझ में आ रहा कि आप ऊपर जाने या कोई अभियान चलाने को उकसावा देना चाह रहे। मेरी सलाह मानें तो उक्त मुद्दों पर चौपाल पर माहौल बनाने और अन्य सदस्यों को उकसाने के बजाय आप अपने विचारों को क्रियान्वित कीजिए। लेकिन पूर्ण विश्वास है कि आप वो करेंगे नहीं, जैसे आपको और प्रबंधकों को मेरी ओर से खुली छूट है कठपुलती जाँच कराने की लेकिन आप वो नहीं करायेंगे क्योंकि तब आपके पास कोई मुद्दा नहीं बचेगा, इसलिए बस "मिया" और भाईज़ॉन लिखते रहेंगे। लिखते रहेंगे तो मुझे गुस्सा भी आएगा और ऍफ़आईआर भी दर्ज कराऊँगा। और प्रबंधकों को कई बार इस बारे में पिंग कर चुका हूँ, इसलिए गुस्सा अब उनपे भी आएगा कि वे आपके "मिया" और भाईज़ॉन पर लगाम लगा पाते कि नहीं।
PS: गुरुजी आप हैं जैसा आपके चेले संबोधित भी करते हैं। अपने आश्रम के बटुकों की हिमायत में ही इतना व्यग्र हैं आप, आप पर न्यायप्रियता का कोई दौरा नहीं चढ़ा इतना हमें भी पता है। --SM7--बातचीत-- 13:57, 13 अक्टूबर 2018 (UTC)
यस यम ज़ी, आपका ग़ुसा शान्त करने के लिए ऊर्द़ू-फारसी शब्दों का प्रयोग करता हूँ। मैं तो इन्हें सम्मानसूचक शब्द समझता था। लेकिन आपने आजतक इस बालक को 'मिया' का अर्थ नहीं बताया। क्या करूं? कई बार सोचता हूँ कि मैं भी झूठ में ही रोते हुए जाऊँ और एफ आई आर करूँ, लेकिन झूठे आँसू निकाल ही नहीं पाता। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 14:24, 13 अक्टूबर 2018 (UTC)
कितने लोगों को इस ख़ास आदर का भाजन बनाते हो मासूम बालक ? --SM7--बातचीत-- 14:42, 13 अक्टूबर 2018 (UTC)
आगे क्या किया जाए : मेरा सुझाव है कि इस सिर फुटव्वल में शामिल सभी महानुभावों को 3 महीने की छुट्टी पर भेज दिया जाए। --अनामदास 02:46, 14 अक्टूबर 2018 (UTC)
२२ अक्टूबर २०१८ तक यदि इस मुद्दे को ऊपर ले जाने या किसी अन्य विकल्प के के पक्ष में श्री नेहल दवे सहित कम से कम तीन सदस्यों का स्पष्ट मत नहीं आया, तो मैं समझूँगा कि इस मुद्दे को यहीं छोड़ना ही सही विकल्प है। --अनुनाद सिंह (वार्ता) 09:22, 18 अक्टूबर 2018 (UTC)

मेरा Article Edit नहीं हो रहा है ।संपादित करें

All India ITI Students Union भारत सरकार द्वारा पंजीकृत संगठन है फिर भी मेरा Article Edit नहीं हो रहा है 12 October 2018 Oshwah (talk | contribs) blocked ALL INDIA ITI STUDENTS UNION (talk | contribs) लिखा आ रहा है मैं क्या करूं।

मुखपृष्ठ समाचार में हाल के निधन खण्डसंपादित करें

निलेश शुक्ला जी के प्रस्ताव हाल के निधन को मुखपृष्ठ समाचार पर लागू कर दिया गया है। सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया नये निधनों का नामांकन बेझिझक करें।-- गॉड्रिक की कोठरीमुझसे बातचीत करें 13:28, 14 अक्टूबर 2018 (UTC)

महिला स्वास्थ्यविषयक लेख संपादन अभियान २०१८संपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 17:49, 14 अक्टूबर 2018 (UTC)

 Y पूर्ण हुआ मुख्य नामस्थान से साँचे पर स्थानांतरित किया गया।-- गॉड्रिक की कोठरीमुझसे बातचीत करें 17:56, 14 अक्टूबर 2018 (UTC)

चर्चा हिंगलाज भवानी शक्तिपीठसंपादित करें

--SM7--बातचीत-- 08:22, 16 अक्टूबर 2018 (UTC)

पोद्दारसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 18:12, 17 अक्टूबर 2018 (UTC)

चित्र वार्ता पृष्ठसंपादित करें

नमस्ते विकि-साथियों, मैंने पिछले दिनों पाया कि हमारे यहाँ और बहुतायत में (सैकड़ों की संख्या में) चित्र वार्ता पृष्ठ बने हुये हैं जिनमें से अधिकतर में {{वार्ता शीर्षक}} के अतिरिक्त कुछ नहीं लिखा हुआ। चूँकि मैं जिन चित्र वार्ता पृष्ठों का उल्लेख कर रहा हूँ वो चित्र हमारे पास स्थानीय रूप से नहीं हैं अतः उन चित्र वार्ता पृष्ठों का यहाँ पर कोई महत्त्व नहीं है। कुछ चित्र वार्ता पृष्ठ ऐसे हैं जिनका मूल चित्र या तो कभी अपलोड ही नहीं किया गया या फिर उसे हटा दिया गया है। इसके कुछ उदाहरण निम्न प्रकार हैं:

  1. चित्र वार्ता:Chatt Ghat.jpg ऐसे पृष्ठ का वार्ता पन्ना है जो हमारे यहाँ पर नहीं है, इसका मूल चित्र चित्र:Chatt Ghat.jpg हम कॉमन्स से लेते हैं जिसका कॉमन्स पर भी वार्ता पृष्ठ नहीं बना हुआ।
  2. चित्र वार्ता:Iitf2008 kerela inside.JPG ऐसा वार्ता पृष्ठ है जिसका मूल चित्र हटाया जा चुका है।
  3. चित्र:Central sectt 2.JPG ऐसा वार्ता पृष्ठ जिसका चित्र पहले स्थानीय था लेकिन मुक्त स्रोत होने के कारण उसे कॉमन्स पर स्थानान्तरित कर दिया गया और यहाँ से चित्र को हटा दिया गया।

इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे चित्र भी हैं जो हिन्दी विकि पर स्थानीय रूप से और कॉमन्स दोनों जगहों से हट चुके हैं लेकिन हिन्दी विकि पर उनका वार्ता पृष्ठ बना हुआ है। मैं ऐसे सभी चित्र वार्ता पृष्ठों को हटाने के लिए समुदाय की सहमत्ति चाहता हूँ। यदि किसी का इस सम्बंध में कोई प्रश्न हो तो लिखे। अन्यथा इसे सर्वसम्मति ही माना जायेगा।☆★संजीव कुमार (✉✉) 15:59, 23 अक्टूबर 2018 (UTC)

IONIS शिक्षा समूहसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 17:34, 23 अक्टूबर 2018 (UTC)

एक जन्मजात हृदय रोगसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 17:50, 23 अक्टूबर 2018 (UTC)

मूल रचनाओं की अभिव्यक्ति के सन्दर्भ में।संपादित करें

सम्माननीय संचालक महोदय/महोदया, मुझे इस बात से अवगत करवाया जाय कि एक सदस्य को इस वेबसाइट पर अपनी मूल रचनाओं को डालने (अपलोड करने) का विकल्प मौज़ूद है या नही। इससे सम्बंधित कोई अन्य विकल्प/सुविधा/अवसर/मंच/स्थान यदि हो तो कृपया अवश्य जानकारी दें।

धन्यवाद।— इस अहस्ताक्षरित संदेश के लेखक हैं -KUMAR HITANSHU (वार्तायोगदान) 08:17, 24 अक्टूबर 2018‎ (UTC)

जी, इस वेबसाइट को विकिपीडिया कहते हैं और इसपर अपनी मूल रचनायें प्रकाशित नहीं की जा सकती। आपकी मूल रचनायें मूल शोध की श्रेणी में आती हैं और उन्हें यहा पर प्रकाशित नहीं किया जा सकता।☆★संजीव कुमार (✉✉) 18:58, 24 अक्टूबर 2018 (UTC)

कोयना नदीसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 17:34, 26 अक्टूबर 2018 (UTC)

ऐशेज़ प्रसाद मित्रासंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 10:29, 28 अक्टूबर 2018 (UTC)

राजेंड्र सिंह परोदासंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 12:10, 28 अक्टूबर 2018 (UTC)

एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र) : पृष्ठ के नाम को बदलने के लिए अनुरोधसंपादित करें

--प्रतीक

हबीब उर रहमानसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 18:59, 29 अक्टूबर 2018 (UTC)

The Community Wishlist Surveyसंपादित करें

11:06, 30 अक्टूबर 2018 (UTC)

बोसी सेनसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 17:37, 30 अक्टूबर 2018 (UTC)

Editing News #2—2018संपादित करें

14:17, 2 नवम्बर 2018 (UTC)

एशियाई माह २०१८संपादित करें

@J ansari, Sushma Sharma, और Suyash.dwivedi: जी एशियाई माह २०१८ हिन्दी विकिपीडिया पर कई अन्य भाषाई विकिपीडियाओं की तुलना में अधिक चर्चा देखने में नहीं आ रहा है। आज मैंने जब फ़ाउन्टेन पर देखा तो पाया कि केवल एक सदस्य ने एक लेख लिखा है और उसे भी अभी तक किसी ने स्वीकृत नहीं किया है। जो भी सम्बंधित सदस्य हों, कृपया देखें कि वर्तमान का एक मात्र लेख और भविष्य के लेख तयशुदा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। यदि निर्णायक मण्डल के सदस्य यह दायित्व अन्य सदस्यों को देना चाहें कृपया उन्हें इसमें शामिल कर लें। धन्यवाद। --मुज़म्मिल (वार्ता) 18:45, 4 नवम्बर 2018 (UTC)

@Hindustanilanguage: जी, अन्य भाषाई विकिपीडियाओं की तुलना में अधिक चर्चा ना होने का मुख्य कारण था साईट नोटीस नहीं लगा होना जो अब लगा दिया गया है जिसका परिणाम आप अब देख सकते हैं और जहां तक निर्णायक मण्डल के सदस्यों की बात है मुझे लगता है शायद दो निर्णायक आयोजक सक्रिय नहीं हैं जिसके कारण लेखों के जजमेंट में समय लग गया होगा। धन्यवाद -जे. अंसारी वार्ता  15:24, 5 नवम्बर 2018 (UTC)

फिल्मों का संगीत से श्रेणीकरणसंपादित करें

नमस्कार, मैंने और कई ने फिल्मों के श्रेणीकरण के लिये संगीतकार की श्रेणियाँ बनाई हैं। जैसे कि श्र:हिमेश रेशमिया द्वारा संगीतबद्ध फिल्में देखी जा सकती है। ऐसा आइडिया अंग्रेज़ी विकि की देखा-देखी आया है। ये यहाँ अच्छा भी लगा क्योंकि हमारी फिल्मों में संगीतकारों का बहुत योगदान होता है। लेकिन इसी से सुझाव आया कि गीतकारों का भी, खासकर पुरानी फिल्मों में बहुत योगदान होता था। अब अंग्रेज़ी फिल्मों की परम्परा अलग है तो उन्होंने इसपर काम नहीं किया (जितना मैंने देखा है)। लेकिन हमारी फिल्मों में वो बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं या होते थे। तो क्या इसपर भी श्रेणी बनाई जा सकती है? यदि हाँ तो कैसे फॉर्मेट में?--हिंदुस्थान वासी वार्ता 05:05, 7 नवम्बर 2018 (UTC)

सरमेरा प्रखण्ड (नालंदा)संपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 13:59, 7 नवम्बर 2018 (UTC)

ट्रेन १८संपादित करें

नमस्कार, ट्रेन १८ को अभी अभी अनुवादित किया गया है, कृपया निरीक्षण कर "क्या आप जानते है" अथवा आज की खबर की पात्रता का विचार करें। धन्यवाद Capankajsmilyo (वार्ता) 17:38, 7 नवम्बर 2018 (UTC)

Mobile editingसंपादित करें

Please help translate to your language

Hello, all! The mw:Editing team at the Wikimedia Foundation wants to make it easier to edit, for people who use mobile devices. Many editors at the Hindi Wikipedia use the mobile site for editing. Would you please look at mw:Visual-based mobile editing/Ideas/October 2018 and share your thoughts? It is important to me that the team builds something that works for you। Whatamidoing (WMF) (वार्ता) 19:04, 7 नवम्बर 2018 (UTC)

भोपाल तकनीकी कार्यशाला की रिपोर्टसंपादित करें

मैं सभी सदस्यों का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा कि मई 2018 में हुई तकनीकी कार्यशाला की रिपोर्ट 6 माह बाद भी सबमिट नहीं की गयी है और मॉर्गन ज्यू जी ने मेटा पर अंतिम तिथि तक रिपोर्ट सबमिट न होने की बात कही है तथा रिपोर्ट सबमिशन की तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। मैं पूछना चाहूंगा कि ये रिपोर्ट कब तक दी जाने वाली है? इसके अतिरिक्त विश्व हिन्दी सम्मेलन के नाम पर हुई मॉरीशस यात्रा की रिपोर्ट का भी आता पता नही है। कार्यशाला कराने वाले सदस्य नेपथ्य में पिछली दिल्ली सम्मेलन कार्यशाला रिपोर्ट के लिये का तो बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहे थे जो कि संभवतः सम्मेलन होने के पाँचवें महीने ही आ गयी थी। कहीं ऐसा तो नहीं कि यहाँ भी कोई भ्रष्टाचार हुआ है? भले ही आयोजकों को अपनी व्यक्तिगत छवि की चिंता न हो लेकिन हिन्दी के नाम पर ऐसी ग़ैर जिम्मेदारी कब तक चलेगी?-- गॉड्रिक की कोठरीमुझसे बातचीत करें 16:05, 8 नवम्बर 2018 (UTC)

आदर्श स्थिति तो यह होनी चाहिए कि किसी भी आयोजन के पश्चात आयोजक यथाशीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत कर दें। ऐसा न कर पाने की स्थिति में समुदाय को कारण तो अवश्य ही बताएं। ऐसा मैं यहाँ इसलिए कह रहा हूँ कि हम (आयोजक दल) कोलकाता विकिसम्मेलन 2019 की रिपोर्ट महीने भर में प्रस्तुत करने की कोशिश करेंगे और न कर पाने की स्थिति में कारण अवश्य बताएंगे। किसी भी स्थिति में रिपोर्ट की समयावधि दो महीने से ऊपर नहीं जानी चाहिए। धन्यवाद। --अजीत कुमार तिवारी बातचीत 17:31, 8 नवम्बर 2018 (UTC)
धन्यवाद अजीत जी, सच कहूं तो आदर्श स्थिति यही है मगर फिर भी नियमतः फाउंडेशन रैपिड ग्रांट रिक्वेस्ट के बाद 6 माह का वक़्त रिपोर्ट बनाने को देता है। लेकिन इस समयकाल में भी कोई रिपोर्ट न आये तो चिंता स्वाभाविक है। फिलहाल मैं मुख्य आयोजक @Swapnil.Karambelkar: जी के जवाब का इन्तज़ार कर रहा हूँ कि रिपोर्ट कब तक दाखिल होगी?-- गॉड्रिक की कोठरीमुझसे बातचीत करें 15:16, 9 नवम्बर 2018 (UTC)

बलूचिस्तान या बलोचिस्तानसंपादित करें

आषाढ़संपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 18:59, 10 नवम्बर 2018 (UTC)

वाममोर्चा लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (केरल) पर अनुप्रेषित?संपादित करें

अभी जैसाकि मैं देख रहा हूँ, वाममोर्चा लेख लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (केरल) पर अनुप्रेषित है। वाम मोर्चा केरल के अलावा बंगाल और अन्य राज्यों में भी है (सत्ता में या बाहर - ये दूसरी बात है)। कृपया इसे ठीक करें।--मुज़म्मिल (वार्ता) 18:59, 10 नवम्बर 2018 (UTC)

@Hindustanilanguage: जी, बंगाल के वाम मोर्चा को लेफ्ट फ्रंट कहते है| लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट तो सिर्फ केरल और महाराष्ट्र में है|अंग्रेजी विकिपीडिया पे भी इसी आधार पर लेख बना है| --Abhinav619 (वार्ता) 02:34, 11 नवम्बर 2018 (UTC)

Deleteसंपादित करें

कृपया Module:Location map/data/Pakistan तथा Module:Location map/data/Module:Location map/data/पाकिस्तान को delete कर दें। धन्यवाद Capankajsmilyo (वार्ता) 03:09, 13 नवम्बर 2018 (UTC)

ऐडवोकेट जनरल और सॉलिसिटर जनरलसंपादित करें

--मुज़म्मिल (वार्ता) 16:31, 13 नवम्बर 2018 (UTC)

Change coming to how certain templates will appear on the mobile webसंपादित करें

CKoerner (WMF) (talk) 19:34, 13 नवम्बर 2018 (UTC)

राफेल सौदा विवादसंपादित करें

--Abhinav619 (वार्ता) 06:45, 14 नवम्बर 2018 (UTC)

हिंदी नाम वाले स्वतंत्र आवाज़ टाइटिल पृष्ठ को नहीं हटाएं, आप उसे बहाल करें। हमारे ईमेल का संज्ञान लें।संपादित करें

हिंदी नाम वाले स्वतंत्र आवाज़ टाइटिल पृष्ठ को नहीं हटाएं, आप उसे बहाल करें। हमारे ईमेल का संज्ञान लें।